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क्या सीएम विजयन सबरीमाला सोना चोरी मामले में 'हेरफेर' कर रहे हैं?: केरल के नेता प्रतिपक्ष सतीशन

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क्या सीएम विजयन सबरीमाला सोना चोरी मामले में 'हेरफेर' कर रहे हैं?: केरल के नेता प्रतिपक्ष सतीशन

सारांश

क्या केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर सबरीमाला सोना चोरी मामले में हेरफेर का आरोप लगाया? जानें इस विवाद की पूरी कहानी और इसके राजनीतिक प्रभावों को।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री पर आरोप: वीडी सतीशन ने विजयन पर जांच में हस्तक्षेप का आरोप लगाया।
विशेष जांच दल: एसआईटी की जांच में दबाव के संकेत।
राजनीतिक खेल: आरोपों के पीछे राजनीतिक मंशा का होना।
पारदर्शिता की आवश्यकता: राजनीतिक दलों को अपनी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लानी चाहिए।

कोच्चि, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता वीडी सतीशन ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन पर जोरदार हमला किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) पर सबरीमाला स्वर्ण चोरी मामले में उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच में सक्रिय रूप से हस्तक्षेप करने का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री विजयन के इस दावे को खारिज करते हुए कि जांच में कोई बाधा नहीं डाली गई है, सतीशन ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने एसआईटी पर दबाव डालकर बार-बार जांच को पटरी से उतारने का प्रयास किया है।

sतीशन ने कहा, "हाल ही में सीपीआई (एम) से कथित तौर पर जुड़े दो अधिकारियों को एसआईटी में शामिल किए जाने को जांच में घुसपैठ करने और सत्तारूढ़ पार्टी को गोपनीय जानकारी लीक करने के सुनियोजित प्रयास के सबूत के रूप में पेश किया गया है। सरकार का इरादा सीपीआई (एम) के वरिष्ठ नेताओं को कानूनी जांच से बचाना है।"

उन्होंने कहा कि एसआईटी इस बात की जांच नहीं कर रही है कि मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी के साथ किसने तस्वीरें खिंचवाई, बल्कि उसका ध्यान इस बात की पहचान करने पर केंद्रित है कि सबरीमाला से सोना किसने चुराया, इसे कहां बेचा गया और द्वारपालक की मूर्ति का दान कहां से आया।

sतीशन ने कहा कि किसी तस्वीर में होने से कोई व्यक्ति आरोपी नहीं बन जाता। उन्होंने बताया कि तीन सीपीआई (एम) नेता पहले से ही जेल में हैं और अधिक प्रभावशाली व्यक्ति भी जेल जा सकते हैं।

आरएसएस का विरोध करने के मुख्यमंत्री के दावे पर, सतीशन ने इसे "राजनीतिक नाटक" कहकर खारिज कर दिया और अतीत के उन उदाहरणों का हवाला दिया जो कथित तौर पर भाजपा के साथ गुप्त समझौतों की ओर इशारा करते हैं।

त्रिशूर पूरम में हुई गड़बड़ी से अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा उम्मीदवार सुरेश गोपी को फायदा हुआ, इस दावे का जिक्र सीपीआई ने भी साजिश का आरोप लगाते हुए किया है।

उन्होंने यह भी बताया कि 2019 से चली आ रही चोरी की घटनाओं का खुलासा न्यायिक हस्तक्षेप के कारण ही हुआ है।

sतीशन ने कहा कि अगर पूछताछ आरोपी से निकटता के आधार पर की जा रही है, तो मुख्यमंत्री सहित सभी की समान रूप से जांच होनी चाहिए, क्योंकि विजयन भी पोट्टी के साथ एक तस्वीर में देखे गए थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

तब तक सभी को निष्पक्षता से देखना चाहिए। यह आवश्यक है कि सभी राजनीतिक दलों को अपने कार्यों में पारदर्शिता बरतनी चाहिए ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर विश्वास बना रहे।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या सीएम विजयन पर लगे आरोप गंभीर हैं?
हाँ, सतीशन के आरोप यदि सिद्ध होते हैं, तो यह राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टिकोण से गंभीर हो सकते हैं।
क्या एसआईटी की जांच प्रभावित हुई है?
सतीशन का दावा है कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने जांच में हस्तक्षेप किया है, जिसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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