दुर्गा पूजा पास घोटाला: इंद्रनील सेन ने परिवार के खातों से छुपाए लेनदेन, SIT-ED जांच में खुलासा
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन ने फर्जी यूनेस्को-टैग्ड दुर्गा पूजा पास घोटाले में कथित तौर पर अपने निजी बैंक खातों को सुरक्षित रखते हुए परिवार के सदस्यों के खातों और व्यावसायिक संस्थाओं के ज़रिए वित्तीय लेनदेन संचालित किए। कोलकाता पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की प्रारंभिक जांच में यह तरीका सामने आया है।
मुख्य घटनाक्रम
जांचकर्ताओं को पता चला कि पूर्व पर्यटन मंत्री एवं पूर्व सूचना व सांस्कृतिक मामलों के राज्य मंत्री इंद्रनील सेन के पाँच निजी बैंक खातों में असामान्य रूप से कम बैलेंस था और पिछले कुछ वर्षों में इनमें धन का कोई उल्लेखनीय आवक-जावक नहीं देखा गया। इसके विपरीत, उनके परिवार के सदस्यों के खातों और उनके स्वामित्व से जुड़ी कॉर्पोरेट संस्थाओं में भारी वित्तीय गतिविधि दर्ज की गई।
कोलकाता पुलिस के एक सूत्र ने बताया, 'साथ ही, पिछले कुछ वर्षों में इन बैंक खातों में लेनदेन के पैटर्न की जांच के बाद इन पाँच बैंक खातों से कोई असामान्य इनवर्ड या आउटवर्ड रेमिटेंस नहीं देखा गया। इसके विपरीत, जांचकर्ताओं ने सेन के परिवार के सदस्यों के बैंक खातों और उनके स्वामित्व वाली कॉर्पोरेट संस्थाओं में भारी इनवर्ड या आउटवर्ड रेमिटेंस लेनदेन देखा। इससे हमारे जांचकर्ताओं को स्पष्ट अंदाजा हुआ कि पूर्व मंत्री ने पूरे घोटाले में खुद को साफ रखने के इरादे से अपने खातों का इस्तेमाल करने से कैसे बचा।'
ED की भूमिका और मनी ट्रेल
लेनदेन के ये संदिग्ध पैटर्न यूनेस्को-टैग्ड दुर्गा पूजा पास मामले की जांच कर रहे ED अधिकारियों के भी संज्ञान में आ चुके हैं। केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी अब इस बहुकरोड़ घोटाले में अन्य संभावित लाभार्थियों की पहचान करने के लिए संबंधित सभी बैंक खातों के मनी ट्रेल की गहन जांच में जुटे हैं। गौरतलब है कि यह मामला करोड़ों रुपये के कथित फर्जीवाड़े से जुड़ा है, जिसमें यूनेस्को की प्रतिष्ठा का दुरुपयोग कर पास बेचे गए।
'मास आर्ट' संस्था और पत्नी का नाम
जांच में सामने आया है कि फर्जी पास जिस संस्था के माध्यम से बेचे गए, उसका नाम 'मास आर्ट' है और यह संस्था सेन की पत्नी मधुचंदा सेन के स्वामित्व में है। 6 नवंबर 2026 को उसी शहर की अदालत ने 'मास आर्ट' के सचिव ध्रुबज्योति बसु को 13 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।
न्यायिक प्रक्रिया और आगे की पेशी
इंद्रनील सेन फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और उन्हें 10 नवंबर को कोलकाता की अदालत में पेश किया जाएगा। कोलकाता पुलिस के सूत्र के अनुसार, जांच अधिकारियों का लक्ष्य अधिक से अधिक साक्ष्य-आधारित सामग्री जुटाकर अदालत में प्रस्तुत करना है, ताकि पूर्व मंत्री को इस मामले में जमानत मिलने से रोका जा सके।
क्या होगा आगे
SIT और ED की संयुक्त जांच में मनी ट्रेल जैसे-जैसे उजागर होगा, नए नामों के सामने आने की संभावना है। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल के नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच पहले से ही राजनीतिक दबाव बना रही है। आने वाले हफ्तों में ED का मनी लॉन्ड्रिंग कोण और मज़बूत होने की संभावना है।