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पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन और पत्नी पर दुर्गा पूजा टिकट घोटाले का आरोप, यूनेस्को के नाम का हुआ कथित दुरुपयोग

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पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन और पत्नी पर दुर्गा पूजा टिकट घोटाले का आरोप, यूनेस्को के नाम का हुआ कथित दुरुपयोग

सारांश

कोलकाता की दुर्गा पूजा — यूनेस्को-मान्यता प्राप्त विरासत — के नाम पर कथित तौर पर करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन की पत्नी की अध्यक्षता वाली मासआर्ट संस्था पर आरोप है कि उसने यूनेस्को की साझेदारी का झूठा दावा कर श्रद्धालुओं से टिकट वसूले — और यूनेस्को ने खुद इससे इनकार किया।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी मधुचंद्रा सेन पर दुर्गा पूजा टिकट घोटाले की शिकायत दर्ज।
मासआर्ट संस्थान ने कथित तौर पर 2022 से 2024 तक 24 पूजा पंडालों के लिए ₹3,000–₹4,000 प्रति टिकट वसूले।
यूनेस्को ने 18 सितंबर 2025 को लिखित में स्पष्ट किया कि मासआर्ट के साथ कोई समझौता नहीं हुआ।
शिकायतकर्ता जयदीप मुखोपाध्याय ने पुलिस और मुख्यमंत्री कार्यालय दोनों में शिकायत दर्ज कराई।
मधुचंद्रा सेन सहित चार से पाँच अन्य लोगों के खिलाफ भी शिकायत; पूर्ण जाँच की माँग।

पश्चिम बंगाल के पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन और उनकी पत्नी मधुचंद्रा सेन के खिलाफ कोलकाता में वित्तीय घोटाले की गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2022 से 2024 तक कोलकाता के प्रमुख दुर्गा पूजा आयोजनों में यूनेस्को के नाम का कथित दुरुपयोग कर टिकटों की बिक्री के ज़रिए करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की गई। शिकायतकर्ता जयदीप मुखोपाध्याय ने पुलिस और मुख्यमंत्री कार्यालय दोनों में शिकायत दर्ज कराई है।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

शिकायतकर्ता जयदीप मुखोपाध्याय के अनुसार, वर्ष 2022 में अचानक मासआर्ट संस्थान सामने आया, जिसकी अध्यक्षा मधुचंद्रा सेन हैं। आरोप है कि इस संस्थान ने ब्रांडिंग कंपनियों और पर्यटन व संस्कृति मंत्रालय से धन प्राप्त किया। मुखोपाध्याय ने कहा, 'मासआर्ट संस्थान की ओर से वर्ष 2022, 2023 और 2024 में कोलकाता दुर्गा पूजा को विभाजित कर दिया गया, ब्रांडिंग कंपनी से पैसा लिया गया और पर्यटन व संस्कृति मंत्रालय से भी पैसा लिया गया — यह सबसे बड़ा घोटाला है।'

यूनेस्को के नाम का कथित दुरुपयोग

गौरतलब है कि यूनेस्को ने वर्ष 2021 में कोलकाता की दुर्गा पूजा को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया था। आरोप है कि मासआर्ट ने दावा किया कि यूनेस्को उनका भागीदार है और उसी के नाम पर 24 दुर्गा पूजा पंडालों के लिए ₹3,000 से ₹4,000 प्रति टिकट की दर से प्रवेश शुल्क वसूला गया। हालाँकि, जब मुखोपाध्याय ने यूनेस्को से पूछताछ की, तो संस्था ने 18 सितंबर 2025 को लिखित में स्पष्ट किया कि मासआर्ट संस्थान के साथ ऐसा कोई समझौता नहीं किया गया है।

आम श्रद्धालुओं पर असर

शिकायतकर्ता के अनुसार, यूनेस्को के नाम की वजह से बड़ी संख्या में लोग पंडाल देखने पहुँचे, लेकिन बिना विशेष पास के उन्हें प्रवेश से वंचित कर दिया गया। मुखोपाध्याय ने बताया कि एक व्यक्ति व्हीलचेयर पर आया था, फिर भी उसे पंडाल में जाने की अनुमति नहीं दी गई। एक अन्य शिकायतकर्ता सगुना मुखोपाध्याय ने कहा, 'दुर्गा पूजा हमारी आस्था और संस्कृति है — यूनेस्को का नाम लेकर इस तरह का काम करने से बंगाली समुदाय और देश की बेइज्जती हुई।'

राजनीतिक संदर्भ और पूर्व सरकार पर आरोप

जयदीप मुखोपाध्याय ने यह भी आरोप लगाया कि पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार को इस घोटाले की पूरी जानकारी थी। उन्होंने कहा कि TMC शासन में 'धमकी देने वाला माहौल' था, जिसके कारण वे उस समय मुखर नहीं हो सके। अब उन्होंने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और मुख्यमंत्री को भी संपूर्ण दस्तावेज़ों के साथ शिकायत पत्र सौंपा है।

जाँच की माँग

शिकायतकर्ताओं ने इसे एक बड़ा 'वित्तीय और कला घोटाला' करार देते हुए पूर्ण जाँच की माँग की है। मुखोपाध्याय ने कहा कि मधुचंद्रा सेन के साथ चार से पाँच अन्य लोगों के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई गई है। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में सांस्कृतिक आयोजनों की पारदर्शिता और सरकारी अनुदान के दुरुपयोग को लेकर पहले से ही सवाल उठते रहे हैं। पुलिस की जाँच और सरकारी प्रतिक्रिया का इंतज़ार किया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह मामला राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से आगे नहीं बढ़ेगा।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंद्रनील सेन और मधुचंद्रा सेन पर क्या आरोप हैं?
पूर्व पर्यटन मंत्री इंद्रनील सेन की पत्नी मधुचंद्रा सेन की अध्यक्षता वाली मासआर्ट संस्था पर आरोप है कि उसने 2022 से 2024 तक कोलकाता के 24 दुर्गा पूजा पंडालों के लिए यूनेस्को के नाम पर ₹3,000–₹4,000 प्रति टिकट वसूले। साथ ही ब्रांडिंग कंपनियों और सरकारी मंत्रालयों से भी धन लेने का आरोप है।
यूनेस्को ने इस मामले में क्या कहा?
यूनेस्को ने 18 सितंबर 2025 को लिखित रूप में स्पष्ट किया कि मासआर्ट संस्थान के साथ किसी प्रकार का कोई समझौता या साझेदारी नहीं की गई है। यह बयान शिकायतकर्ता जयदीप मुखोपाध्याय की सीधी पूछताछ के जवाब में आया।
शिकायत किसने और कहाँ दर्ज कराई है?
शिकायतकर्ता जयदीप मुखोपाध्याय ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और मुख्यमंत्री को भी संपूर्ण दस्तावेज़ों के साथ शिकायत पत्र सौंपा है। मधुचंद्रा सेन के अलावा चार से पाँच अन्य लोगों के खिलाफ भी शिकायत की गई है।
दुर्गा पूजा को यूनेस्को की मान्यता कब मिली थी?
यूनेस्को ने वर्ष 2021 में कोलकाता की दुर्गा पूजा को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत की प्रतिनिधि सूची में शामिल किया था। इसी मान्यता का कथित तौर पर दुरुपयोग कर आम श्रद्धालुओं को भ्रमित किया गया।
इस घोटाले से आम जनता पर क्या असर पड़ा?
यूनेस्को के नाम पर भ्रमित होकर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडाल देखने पहुँचे, लेकिन विशेष पास न होने के कारण उन्हें प्रवेश से वंचित कर दिया गया। व्हीलचेयर पर आए एक व्यक्ति को भी पंडाल में जाने की अनुमति नहीं दी गई, जिससे धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुँची।
राष्ट्र प्रेस
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