भरत कुमार कुठाती त्रिनिदाद और टोबैगो में भारत के अगले उच्चायुक्त नियुक्त
सारांश
मुख्य बातें
विदेश मंत्रालय ने मंगलवार, 16 सितंबर 2026 को घोषणा की कि 2006 बैच के भारतीय विदेश सेवा (IFS) अधिकारी भरत कुमार कुठाती को त्रिनिदाद और टोबैगो गणराज्य में भारत का अगला उच्चायुक्त नियुक्त किया गया है। वर्तमान में कुठाती बोत्सवाना गणराज्य में भारतीय उच्चायुक्त की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, और मंत्रालय ने उनके शीघ्र नई जिम्मेदारी संभालने की उम्मीद जताई है।
कौन हैं भरत कुमार कुठाती
कुठाती IFS के 2006 बैच के अनुभवी राजनयिक हैं, जिन्होंने अपने करियर में विदेश मंत्रालय की विभिन्न डेस्क और विदेश में अनेक भारतीय मिशनों में सेवाएँ दी हैं। राजनयिक करियर शुरू करने से पहले वह बेंगलुरु में क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (RPO) के पद पर तैनात थे, जहाँ उन्होंने पासपोर्ट और कांसुलर सेवाओं के आधुनिकीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विदेश मंत्रालय ने उन्हें मई 2023 में बोत्सवाना का उच्चायुक्त नियुक्त किया था।
बोत्सवाना में उपलब्धियाँ
गैबोरोन में कार्यभार संभालने के बाद से कुठाती ने भारत-बोत्सवाना द्विपक्षीय संबंधों को मज़बूत करने पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने ITEC प्रोग्राम, ICCR स्कॉलरशिप, रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और डिजिटल कौशल विकास के क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाया। उनके कार्यकाल में बोत्सवाना की महिला क्रिकेट टीम का भारत में प्रशिक्षण, खेल और युवा मामलों में MOU की पहल, तथा स्थानीय युवाओं के लिए रोज़गार अवसरों पर चर्चा जैसे उल्लेखनीय कदम उठाए गए।
भारत-बोत्सवाना संबंधों की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि भारत और बोत्सवाना के बीच कूटनीतिक संबंध 1966 में बोत्सवाना की स्वतंत्रता के तुरंत बाद स्थापित हुए थे। 1987 में भारत ने गैबोरोन में अपना उच्चायोग खोला, जबकि बोत्सवाना ने 2006 में नई दिल्ली में अपना दूतावास स्थापित किया। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार मुख्यतः हीरा और रत्न क्षेत्र पर केंद्रित है, जिसमें भारतीय कंपनियाँ कटिंग और पॉलिशिंग में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।
त्रिनिदाद और टोबैगो में भारत की कूटनीतिक उपस्थिति
यह नियुक्ति ऐसे समय में आई है जब भारत कैरेबियाई क्षेत्र में अपने राजनयिक और आर्थिक संबंध विस्तृत करने की दिशा में सक्रिय है। त्रिनिदाद और टोबैगो में भारतीय मूल के समुदाय की उल्लेखनीय उपस्थिति है, जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और जन-संपर्क को विशेष महत्व देती है। कुठाती की नियुक्ति से इस साझेदारी को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।