2 सितंबर 2026
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भारत-किरिबाती द्विपक्षीय सहयोग: उच्चायुक्त सुनीत मेहता ने साउथ तारावा में की अहम बैठकें

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भारत-किरिबाती द्विपक्षीय सहयोग: उच्चायुक्त सुनीत मेहता ने साउथ तारावा में की अहम बैठकें

सारांश

भारत के उच्चायुक्त सुनीत मेहता ने साउथ तारावा में किरिबाती के कई वरिष्ठ मंत्रियों से मुलाकात कर द्विपक्षीय सहयोग पर सकारात्मक बातचीत की। भारत की आर्थिक सहायता से बन रहे डायलिसिस सेंटर का दौरा इस यात्रा की अहम कड़ी रही — जो प्रशांत क्षेत्र में भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता को रेखांकित करता है।

मुख्य बातें

2 सितंबर 2026 को साउथ तारावा में भारत-किरिबाती द्विपक्षीय सहयोग पर अहम बैठक हुई।
उच्चायुक्त सुनीत मेहता ने किरिबाती के विदेश मामलों एवं आव्रजन मंत्रालय के सचिव टियरिनाकी टैनिएलु से मुलाकात की।
मंगलवार को मेहता ने 4 वरिष्ठ किरिबाती मंत्रियों और अधिकारियों से अलग-अलग बैठकें कीं।
भारत की आर्थिक सहायता से किरिबाती में डायलिसिस सेंटर निर्माणाधीन है, जिसका उच्चायुक्त ने दौरा किया।
इससे पहले 17 जून को भी विकास साझेदारी और बहुपक्षीय सहयोग पर बैठक हो चुकी है।

भारत और किरिबाती ने 2 सितंबर 2026 को साउथ तारावा में विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की। किरिबाती में भारत के उच्चायुक्त सुनीत मेहता और किरिबाती के विदेश मामलों एवं आव्रजन मंत्रालय के सचिव टियरिनाकी टैनिएलु के बीच हुई इस बैठक में आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ।

मुख्य बैठकें और चर्चा के बिंदु

फिजी स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा, 'भारत और किरिबाती के बीच करीबी और दीर्घकालिक संबंधों को सुदृढ़ करने और आपसी हित के क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के अवसरों पर सकारात्मक बातचीत हुई।' यह बैठक दोनों देशों के बीच बढ़ते कूटनीतिक जुड़ाव का हिस्सा है।

इससे एक दिन पहले, मंगलवार को उच्चायुक्त मेहता ने किरिबाती के कई वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों से मुलाकात की। इनमें संस्कृति और आंतरिक मामलों के मंत्री हैरी टेकैटी, पर्यावरण, भूमि और कृषि विकास मंत्री टोकाइबुरे राबाउआ, लाइन और फीनिक्स द्वीप समूह विकास मंत्री मिकारिटे टेमारी तथा लीडरशिप कमीशन के अध्यक्ष ताओबा काइया शामिल थे।

साझा प्राथमिकताएँ और भारत की प्रतिबद्धता

इन बैठकों में द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने और साझा प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने के तरीकों पर केंद्रित चर्चा हुई। फिजी स्थित भारतीय उच्चायोग ने एक्स पोस्ट में कहा, 'ये अधिक समावेशी, लचीले और टिकाऊ भविष्य के प्रति भारत की अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती है।' गौरतलब है कि प्रशांत द्वीप देशों के साथ भारत का कूटनीतिक जुड़ाव हाल के वर्षों में उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है।

पूर्व में भी हो चुकी हैं बैठकें

यह ऐसे समय में आया है जब इससे पहले 17 जून को भी उच्चायुक्त मेहता ने किरिबाती के विदेश मामलों एवं आव्रजन मंत्रालय के प्रभारी अधिकारी उएरिंग इटेराएरा से मुलाकात की थी। उस बैठक में विकास साझेदारी को मजबूत करने और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श हुआ था।

भारत की सहायता से बन रहा है डायलिसिस सेंटर

उच्चायुक्त सुनीत मेहता ने किरिबाती में उस डायलिसिस सेंटर का भी दौरा किया जो भारत की आर्थिक सहायता से निर्माणाधीन है। भारतीय उच्चायोग ने इस अवसर पर कहा, 'यह सेंटर किरिबाती में स्थानीय समुदायों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और अच्छी मेडिकल सुविधाएं बेहतर तरीके से पहुंचाने की हमारी प्रतिबद्धता का सबूत है।' यह परियोजना भारत की 'वसुधैव कुटुम्बकम' की भावना के अनुरूप विकासशील देशों में स्वास्थ्य सेवा सुधार की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है।

आगे क्या

इन बैठकों की श्रृंखला से संकेत मिलता है कि भारत प्रशांत द्वीप देशों के साथ अपने कूटनीतिक और विकास-केंद्रित संबंधों को नई ऊँचाई देने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच और अधिक ठोस सहयोग समझौतों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सवाल यह है कि क्या ये साझेदारियाँ दीर्घकालिक संस्थागत ढाँचे में तब्दील होंगी या केवल यात्राओं और एक्स पोस्ट तक सीमित रहेंगी। किरिबाती जलवायु परिवर्तन के सबसे संवेदनशील देशों में है — भारत यदि इस मोर्चे पर भी सक्रिय भूमिका निभाए तो यह साझेदारी वैश्विक मंचों पर दोनों देशों के लिए रणनीतिक रूप से मूल्यवान सिद्ध हो सकती है।
RashtraPress
2 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत और किरिबाती के बीच 2 सितंबर को क्या हुआ?
2 सितंबर 2026 को साउथ तारावा में भारत के उच्चायुक्त सुनीत मेहता और किरिबाती के विदेश मामलों एवं आव्रजन मंत्रालय के सचिव टियरिनाकी टैनिएलु के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर बैठक हुई। इस बैठक में आपसी हित के विभिन्न क्षेत्रों पर सकारात्मक चर्चा हुई।
उच्चायुक्त सुनीत मेहता ने किरिबाती में किन-किन से मुलाकात की?
मंगलवार को उच्चायुक्त मेहता ने संस्कृति और आंतरिक मामलों के मंत्री हैरी टेकैटी, पर्यावरण मंत्री टोकाइबुरे राबाउआ, लाइन और फीनिक्स द्वीप समूह विकास मंत्री मिकारिटे टेमारी और लीडरशिप कमीशन के अध्यक्ष ताओबा काइया से अलग-अलग बैठकें कीं। बुधवार को उन्होंने विदेश मंत्रालय के सचिव टियरिनाकी टैनिएलु से भी मुलाकात की।
किरिबाती में भारत की आर्थिक सहायता से क्या बन रहा है?
भारत की आर्थिक सहायता से किरिबाती में एक डायलिसिस सेंटर निर्माणाधीन है। उच्चायुक्त सुनीत मेहता ने इस सेंटर का दौरा किया और इसे स्थानीय समुदायों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया।
भारत और किरिबाती के बीच इससे पहले कब बैठक हुई थी?
17 जून को उच्चायुक्त सुनीत मेहता ने किरिबाती के विदेश मामलों एवं आव्रजन मंत्रालय के प्रभारी अधिकारी उएरिंग इटेराएरा से मुलाकात की थी। उस बैठक में विकास साझेदारी को मजबूत करने और बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई थी।
प्रशांत द्वीप देशों के साथ भारत के संबंध क्यों महत्वपूर्ण हैं?
प्रशांत द्वीप देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं और भारत इन देशों के साथ अपनी विकास साझेदारी, स्वास्थ्य सहायता और कूटनीतिक जुड़ाव के ज़रिए अपनी उपस्थिति मजबूत कर रहा है। किरिबाती जैसे देश जलवायु परिवर्तन के सबसे संवेदनशील देशों में हैं, जो बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग को और अहम बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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