18 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

हरियाणा का SGST संग्रह 29% बढ़कर ₹24,662 करोड़, देशभर में सबसे तेज़ वृद्धि

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
हरियाणा का SGST संग्रह 29% बढ़कर ₹24,662 करोड़, देशभर में सबसे तेज़ वृद्धि

सारांश

देश के कुल GST करदाताओं में 4% से कम हिस्सेदारी के बावजूद हरियाणा का राष्ट्रीय GST संग्रह में योगदान 7.7% है — और 2026-27 के पहले पाँच महीनों में 29% की वृद्धि दर के साथ प्रदेश ने देशभर में पहला स्थान हासिल किया। यह सिर्फ एक कर-आँकड़ा नहीं, बल्कि हरियाणा की बदलती आर्थिक रूपरेखा का संकेत है।

मुख्य बातें

हरियाणा ने वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पाँच महीनों में SGST संग्रह में देशभर में सर्वाधिक 29% वृद्धि दर्ज की।
प्रदेश का SGST संग्रह बढ़कर ₹24,662 करोड़ पहुँचा; राष्ट्रीय औसत वृद्धि 16% रही।
अगस्त 2026 में SGST राजस्व ₹4,982 करोड़ रहा — पिछले वर्ष से 21% अधिक।
देश के कुल GST करदाताओं में 4% से कम हिस्सेदारी के बावजूद राष्ट्रीय GST संग्रह में हरियाणा का योगदान 7.7% ।
हरियाणा राइट टू बिजनेस बिल, 2026 के तहत पात्र MSMEs को 15 कार्यदिवसों में सैद्धांतिक मंजूरी और 36 माह तक दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण।

हरियाणा ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पाँच महीनों में राज्य वस्तु एवं सेवा कर (SGST) संग्रह में देशभर में सर्वाधिक वृद्धि दर्ज की है। प्रदेश का SGST संग्रह 29 प्रतिशत बढ़कर ₹24,662 करोड़ पर पहुँच गया है, जबकि इसी अवधि में राष्ट्रीय औसत वृद्धि दर केवल 16 प्रतिशत रही। हरियाणा सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग (डीपीआर) ने यह जानकारी साझा की है।

मासिक आँकड़े: अगस्त में भी मज़बूत प्रदर्शन

अगस्त 2026 में हरियाणा का SGST राजस्व ₹4,982 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 21 प्रतिशत अधिक है। इससे पहले जुलाई 2026 में पोस्ट-सेटलमेंट SGST संग्रह ₹5,135 करोड़ दर्ज किया गया था। वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में यह आँकड़ा ₹19,680 करोड़ रहा — पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के ₹15,055 करोड़ की तुलना में उल्लेखनीय उछाल।

राष्ट्रीय हिस्सेदारी में बड़ा योगदान

आँकड़ों के अनुसार, देश के कुल GST करदाताओं में हरियाणा की हिस्सेदारी 4 प्रतिशत से भी कम है, फिर भी प्रदेश का कुल GST संग्रह में योगदान लगभग 7.7 प्रतिशत है। यह अनुपात हरियाणा की कर-अनुपालन दक्षता और व्यापारिक गतिविधि की गहराई को रेखांकित करता है। जून 2026 में राज्य ने 14.66 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की और प्रमुख राज्यों में गुजरात व आंध्र प्रदेश के बाद तीसरा स्थान हासिल किया। जुलाई 2026 में कुल GST राजस्व में 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

डीपीआर का आधिकारिक बयान

डीपीआर ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी पोस्ट में कहा, 'हरियाणा ने वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में SGST संग्रह वृद्धि के मामले में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। प्रदेश ने राष्ट्रीय औसत 13 प्रतिशत के मुकाबले 28 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है।' एक अन्य पोस्ट में डीपीआर ने हरियाणा राइट टू बिजनेस बिल, 2026 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके तहत पात्र नए और विस्तार करने वाले विनिर्माण MSMEs को 15 कार्यदिवसों के भीतर सैद्धांतिक मंजूरी दी जाएगी।

कारोबार-अनुकूल नीति: राइट टू बिजनेस बिल

हरियाणा विधानसभा द्वारा पारित इस विधेयक के अंतर्गत तय समय में निर्णय न होने पर डीम्ड अप्रूवल का प्रावधान किया गया है। उद्यमों को नियमित मंजूरियाँ प्राप्त करने के लिए 36 माह का समय मिलेगा और इस अवधि में नियमित निरीक्षण व दंडात्मक कार्रवाई से भी संरक्षण रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राज्य में व्यापार सुगमता बढ़ाने और कर-आधार को और विस्तृत करने में सहायक होगा।

आगे की राह

SGST संग्रह में लगातार बनी यह तेज़ वृद्धि हरियाणा की मज़बूत राजकोषीय स्थिति और राज्य सरकार के केंद्रित राजस्व-संग्रह प्रयासों का प्रतिफल मानी जा रही है। यदि यह गति बनी रही, तो वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक हरियाणा का SGST प्रदर्शन राष्ट्रीय बेंचमार्क के रूप में उभर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे संदर्भ में देखना ज़रूरी है — छोटे कर-आधार वाले राज्यों में प्रतिशत वृद्धि स्वाभाविक रूप से अधिक दिखती है। असली कसौटी यह है कि क्या यह वृद्धि टिकाऊ है या एकमुश्त अनुपालन-अभियानों का परिणाम। राइट टू बिजनेस बिल एक सकारात्मक संरचनात्मक कदम है, पर डीम्ड अप्रूवल जैसे प्रावधानों की ज़मीनी क्रियान्वयन-गुणवत्ता ही तय करेगी कि कर-आधार वास्तव में विस्तृत होता है या नहीं।
RashtraPress
18 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा का SGST संग्रह 2026-27 में कितना रहा?
वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पाँच महीनों में हरियाणा का SGST संग्रह 29% बढ़कर ₹24,662 करोड़ पहुँच गया। यह राष्ट्रीय औसत वृद्धि दर 16% से लगभग दोगुना है।
देशभर में SGST वृद्धि में हरियाणा का स्थान क्यों सबसे ऊपर है?
हरियाणा डीपीआर के अनुसार, राज्य सरकार के केंद्रित राजस्व-संग्रह प्रयासों और मज़बूत व्यापारिक गतिविधि के कारण यह वृद्धि संभव हुई है। देश के कुल GST करदाताओं में 4% से कम हिस्सेदारी के बावजूद हरियाणा का राष्ट्रीय GST संग्रह में योगदान 7.7% है।
हरियाणा राइट टू बिजनेस बिल 2026 क्या है?
हरियाणा विधानसभा द्वारा पारित इस विधेयक के तहत पात्र नए और विस्तार करने वाले विनिर्माण MSMEs को 15 कार्यदिवसों के भीतर सैद्धांतिक मंजूरी मिलेगी। तय समय में निर्णय न होने पर डीम्ड अप्रूवल लागू होगा और उद्यमों को 36 माह तक दंडात्मक कार्रवाई से संरक्षण मिलेगा।
अगस्त 2026 में हरियाणा का SGST राजस्व कितना रहा?
अगस्त 2026 में हरियाणा का SGST राजस्व ₹4,982 करोड़ रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 21% अधिक है। जुलाई 2026 में पोस्ट-सेटलमेंट SGST संग्रह ₹5,135 करोड़ दर्ज किया गया था।
जून 2026 में GST संग्रह में हरियाणा का राज्यों में कौन-सा स्थान रहा?
जून 2026 में हरियाणा ने 14.66% की GST वृद्धि दर्ज की और प्रमुख राज्यों में गुजरात व आंध्र प्रदेश के बाद तीसरा स्थान हासिल किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले