हरियाणा का SGST संग्रह वृद्धि में देशभर में पहला स्थान, अप्रैल-जुलाई में 31% की बढ़त
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा ने वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों (अप्रैल से जुलाई) में पोस्ट-सेटलमेंट राज्य वस्तु एवं सेवा कर (SGST) संग्रह वृद्धि में देशभर के सभी राज्यों को पीछे छोड़ते हुए शीर्ष स्थान बरकरार रखा है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, इस अवधि में राज्य ने 31 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो राष्ट्रीय औसत 17 प्रतिशत से लगभग दोगुनी है।
मुख्य आँकड़े और संग्रह का ब्यौरा
CBIC रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई 2026 में हरियाणा का पोस्ट-सेटलमेंट SGST संग्रह ₹5,135 करोड़ रहा, जबकि जुलाई 2025 में यह ₹4,027 करोड़ था। इस प्रकार राज्य ने वर्ष-दर-वर्ष आधार पर 28 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की — जो जुलाई माह के लिए राष्ट्रीय औसत 13 प्रतिशत से दोगुने से भी अधिक है।
वित्त वर्ष 2026-27 के पहले चार महीनों में संचयी SGST संग्रह ₹19,680 करोड़ रहा, जो पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के ₹15,055 करोड़ की तुलना में ₹4,625 करोड़ अधिक है। यह 31 प्रतिशत की वृद्धि देशभर में सर्वाधिक रही।
कुल GST राजस्व में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन
केवल SGST ही नहीं, जुलाई 2026 में हरियाणा के कुल GST राजस्व संग्रह में भी 25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय औसत वृद्धि मात्र 10 प्रतिशत रही। यह ऐसे समय में आया है जब कई बड़े राज्य राजस्व दबाव का सामना कर रहे हैं और GST संग्रह में अनिश्चितता बनी हुई है।
गौरतलब है कि हरियाणा ने वित्त वर्ष 2025-26 में भी SGST संग्रह वृद्धि में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान हासिल किया था। इस प्रकार यह लगातार दूसरे वर्ष राज्य की शीर्ष स्थिति है, जो एक सुसंगत राजकोषीय प्रवृत्ति को दर्शाती है।
तंबाकू नियंत्रण में भी अग्रणी भूमिका
राजस्व उपलब्धियों के साथ-साथ हरियाणा ने सामाजिक स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी उल्लेखनीय प्रगति की है। हरियाणा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की पहली दो तिमाहियों में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत राज्य के 12,865 शिक्षण संस्थानों को तंबाकू-मुक्त घोषित किया गया है।
डॉ. मिश्रा ने यह भी बताया कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को तंबाकू-मुक्त बनाने की दिशा में तेज़ी से काम कर रही है और अब तक 1,128 गाँवों को आधिकारिक रूप से तंबाकू-मुक्त घोषित किया जा चुका है।
आगे की राह
SGST संग्रह में यह निरंतर तेज़ वृद्धि हरियाणा की मज़बूत होती राजकोषीय स्थिति और राज्य सरकार के केंद्रित राजस्व-संग्रह प्रयासों का प्रमाण मानी जा रही है। आँकड़ों के अनुसार, यदि यह रफ्तार बनी रही तो वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक हरियाणा का SGST संग्रह नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच सकता है।