बिहार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 43,324 करोड़ रुपए का अभूतपूर्व राजस्व संग्रह किया
सारांश
Key Takeaways
- बिहार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 43,324 करोड़ रुपए का राजस्व संग्रह किया।
- जीएसटी से 32,801 करोड़ रुपए जुटाए गए।
- राजस्व संग्रह में 4.09 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
- बिहार जीएसटी संग्रह वृद्धि में देश के चौथे स्थान पर है।
- निबंधन से 8,403.46 करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ।
पटना, 2 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। बिहार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अभूतपूर्व राजस्व संग्रह किया है। वाणिज्य कर विभाग के मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने बताया कि विभाग ने जीएसटी, वैट और अन्य स्रोतों से मिलाकर 43,324 करोड़ रुपए का रिकॉर्ड राजस्व संग्रह किया है।
कर राजस्व संग्रह की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में संग्रह 43,324.79 करोड़ रुपए रहा, जो पिछले वर्ष से 4.09 प्रतिशत अधिक है। विभाग के सचिव संजय कुमार सिंह ने बताया कि इस राशि में से 32,801 करोड़ रुपए अकेले जीएसटी से प्राप्त हुए हैं, जो कि वित्तीय वर्ष 2024-25 की तुलना में 11.7 प्रतिशत अधिक है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा आईजीएसटी बैलेंस में कमी के लिए 724 करोड़ रुपए की कटौती की गई, जिससे राज्य का जीएसटी संग्रह 32,077.22 करोड़ रुपए रह गया। फिर भी, राज्य में जीएसटी संग्रह में 9.20 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह 6 प्रतिशत है।
बिहार ने जीएसटी संग्रह वृद्धि में देश के चौथे स्थान पर होने की जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि उपभोक्ता वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कमी के बावजूद उच्च संग्रह हासिल किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में सभी नकद संग्रह (एसजीएसटी, सीजीएसटी, आईजीएसटी और उपकर) में 10.60 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
मार्च 2026 में, पिछले वर्ष के मार्च की तुलना में बिहार में जीएसटी के तहत कुल कर संग्रह में 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वाणिज्य कर विभाग चार श्रेणियों में कर वसूलता है, जिनमें जीएसटी, पेट्रोल, डीजल पर वैट, बिजली शुल्क और व्यावसायिक कर शामिल हैं। मंत्री ने बताया कि विभाग ने गैर-जीएसटी संग्रह के तहत 11,247.57 करोड़ रुपए जुटाए हैं, जिसमें पेट्रोल पर वैट 10,037.38 करोड़ रुपए, बिजली शुल्क 983.81 करोड़ रुपए और पेशा कर 226.38 करोड़ रुपए शामिल हैं।
मंत्री यादव ने निबंधन से राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय कार्य किए जाने की बात भी कही। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में निबंधन विभाग ने निर्धारित लक्ष्य 8,250 करोड़ रुपए के मुकाबले 8,403.46 करोड़ रुपए का राजस्व अर्जित किया है, जो लक्ष्य का 101.86 प्रतिशत है। पिछले वर्ष में यह आंकड़ा 7,648.88 करोड़ रुपए था। इस प्रकार, इस वर्ष में राजस्व संग्रह में 754.58 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है।
उन्होंने निबंधन से राजस्व प्राप्त करने वाले शीर्ष पांच जिलों का भी उल्लेख किया। बताया कि 31 मार्च को 14,905 दस्तावेज निबंधित किए गए और विभाग को 107.74 करोड़ रुपए राजस्व प्राप्त हुआ।