19 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मार्च 2026 में जीएसटी संग्रह में 8.8% की वृद्धि, 2 लाख करोड़ रुपए को पार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मार्च 2026 में जीएसटी संग्रह में 8.8% की वृद्धि, 2 लाख करोड़ रुपए को पार

सारांश

जीएसटी संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जो भारत की मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था और आयात से संबंधित जीएसटी में बढ़ोतरी के संकेत देती है। इस वृद्धि के पीछे कई आर्थिक कारक हैं।

मुख्य बातें

मार्च 2026 में जीएसटी संग्रह में 8.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
सकल जीएसटी संग्रह 2 लाख करोड़ रुपए को पार कर गया।
आयात पर जीएसटी में 17.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
गृहस्थी सामान पर जीएसटी में 5.9 प्रतिशत का इजाफा हुआ।
पूरे वित्त वर्ष 2025-26 का सकल जीएसटी संग्रह 22.27 लाख करोड़ रुपए है।

नई दिल्ली, 1 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। मार्च 2026 में सकल जीएसटी संग्रह में 8.8 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि के साथ यह 2 लाख करोड़ रुपए को पार कर गया है। इसका मुख्य कारण घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती और आयात से संबंधित जीएसटी संग्रह में वृद्धि है। यह जानकारी सरकार ने बुधवार को साझा की।

मार्च में सकल जीएसटी आय 2,00,064 करोड़ रुपए रही, जबकि पिछले वर्ष इसी महीने में यह 1,83,845 करोड़ रुपए थी।

इस वृद्धि का मुख्य कारण आयात पर लगने वाले जीएसटी में 17.8 प्रतिशत की तेज वृद्धि है। वहीं, घरेलू सामान पर लगने वाले जीएसटी में सालाना आधार पर 5.9 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

अगर 22,074 करोड़ रुपए के रिफंड को हटा दिया जाए तो मार्च में शुद्ध जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर 8.2 प्रतिशत बढ़कर 1,77,990 करोड़ रुपए हो गया है।

पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए, सकल जीएसटी संग्रह 8.3 प्रतिशत बढ़कर 22.27 लाख करोड़ रुपए हो गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष (2025) में यह 20.55 लाख करोड़ रुपए था। यह वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद मजबूत आर्थिक गतिविधि का संकेत देता है।

इसके अलावा, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शुद्ध जीएसटी संग्रह (रिफंड को हटाकर) 19.34 लाख करोड़ रुपए रहा, जो वित्त वर्ष 2024-25 की तुलना में 7.1 प्रतिशत अधिक है।

इस बीच, उपकर संग्रह में महीने के दौरान भारी गिरावट आई और यह (-177) करोड़ रुपए पर नकारात्मक हो गया, जिसका मुख्य कारण अधिक रिफंड और समायोजन थे।

विशेषज्ञों के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 में जीएसटी संग्रह भारत की अनुमानित जीडीपी वृद्धि (लगभग 7 प्रतिशत) के अनुरूप मजबूत कर वृद्धि को दर्शाता है, जो बढ़ती खपत, आयात में विस्तार और बेहतर अनुपालन के बीच संबंध को रेखांकित करता है।

पिछले महीने की तरह, फरवरी में जीएसटी संग्रह में भी 9.1 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई और यह बढ़कर 1.84 लाख करोड़ रुपए हो गया।

फरवरी में संग्रह में वृद्धि का मुख्य कारण घरेलू जीएसटी राजस्व में 10.2 प्रतिशत की वृद्धि और आयात से जीएसटी राजस्व में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि रही।

संपादकीय दृष्टिकोण

जीएसटी संग्रह के आंकड़े भारत की आर्थिक मजबूती का संकेत देते हैं। यह घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक विकास को दर्शाता है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जीएसटी संग्रह में यह वृद्धि क्यों हुई?
यह वृद्धि घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती और आयात से जुड़े जीएसटी संग्रह में तेज वृद्धि के कारण हुई है।
मार्च में शुद्ध जीएसटी संग्रह कितना रहा?
मार्च में शुद्ध जीएसटी संग्रह 1,77,990 करोड़ रुपए रहा, जो 8.2 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्शाता है।
क्या जीएसटी संग्रह का यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2026 के लिए महत्वपूर्ण है?
जी हाँ, यह आंकड़ा भारत की अनुमानित जीडीपी वृद्धि के साथ मेल खाता है और आर्थिक गतिविधियों में तेजी को दर्शाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 10 महीने पहले