नौशेरा-राजौरी में बाढ़ का कहर: मनावर नदी उफान पर, CM उमर अब्दुल्ला बोले— जानें बचाना पहली प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
जम्मू-कश्मीर के नौशेरा और राजौरी में 19 जुलाई 2026 को भारी बारिश के बाद मनावर नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक बढ़ गया, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ आ गई और कई घरों को नुकसान पहुँचा। अधिकारी राहत-बचाव कार्य में जुटे हैं और प्रभावित नागरिकों से नदी व नालों से दूर रहने की अपील की जा रही है।
मनावर नदी में उफान, निचले इलाके जलमग्न
नौशेरा में मनावर नदी का बहाव इतना तेज हो गया कि रेफ्रिजरेटर, कूलर और घरेलू सामान पानी में बहते दिखाई दिए। नौशेरा पुलिस ने रात में ही झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाले लोगों को अलर्ट कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा। स्थानीय निवासी गोपाल शर्मा ने बताया, "हमने ज़िंदगी में पहली बार इतना पानी देखा है। तड़के पानी का बहाव काफी तेज हो गया था।" उन्होंने लोगों से अपील की कि प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और नदी-नालों से दूर रहें।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'आज सुबह से ही मैं जम्मू के कुछ हिस्सों, खासकर राजौरी शहर और उसके आस-पास के इलाकों में बहुत ज़्यादा बारिश से बने हालात पर बारीकी से नज़र रख रहा हूँ।' उन्होंने यह भी कहा कि वे स्थानीय विधायकों के संपर्क में हैं और 'प्रशासन की पहली प्राथमिकता कीमती जानें बचाना है।' सरकार उन प्रभावित लोगों की मदद के लिए हर संभव कोशिश करेगी जिनकी संपत्ति को बारिश और अचानक आई बाढ़ से नुकसान पहुँचा है।
आम जनता पर असर
बाढ़ से प्रभावित इलाकों में घरों को नुकसान पहुँचा है और कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। नौशेरा पुलिस लगातार लोगों को सतर्क कर रही है। गोपाल शर्मा के अनुसार आने वाले तीन-चार दिनों के लिए भी मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है, जिससे स्थिति और गंभीर होने की आशंका बनी हुई है।
राहत एवं बचाव कार्य
अधिकारी स्थिति पर कड़ी नज़र रखे हुए हैं। राहत कार्य जारी है और प्रभावित परिवारों को सहायता पहुँचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन ने नागरिकों को बाढ़-प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत अधिकारियों से संपर्क करने की हिदायत दी है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब जम्मू-कश्मीर में मानसून का मौसम अपने चरम पर है। अगले कुछ दिनों में और बारिश की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन को राहत अभियान और तेज़ करना होगा। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की सक्रिय निगरानी और स्थानीय विधायकों के साथ समन्वय से उम्मीद है कि नुकसान को न्यूनतम रखा जा सकेगा।