यूक्रेन का रूस पर जवाबी प्रहार: स्तावरोपोल में तेल ठिकाने और काला सागर में 'शैडो फ्लीट' के तीन टैंकर तबाह
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमिर जेलेंस्की ने सोमवार, 19 जुलाई को पुष्टि की कि यूक्रेनी बलों ने रूस के स्तावरोपोल क्षेत्र में एक साथ तीन तेल भंडारण केंद्रों और एक अतिरिक्त ईंधन केंद्र पर हमले किए, साथ ही काला सागर में रूस के कथित 'शैडो फ्लीट' के तीन टैंकरों को निशाना बनाया। यह जवाबी कार्रवाई रविवार को कीव पर हुए उस भीषण मिसाइल हमले के बाद आई, जिसे जेलेंस्की ने अब तक के सबसे बड़े हमलों में से एक करार दिया है।
मुख्य घटनाक्रम
यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (एसएसयू) की इकाइयों ने स्तावरोपोल क्षेत्र में एक साथ तीन तेल भंडारण केंद्रों पर हमला बोला। इसके साथ ही यूक्रेन की सशस्त्र सेनाओं ने उसी क्षेत्र के एक और ईंधन केंद्र को तबाह किया। काला सागर में रूस के तथाकथित 'शैडो फ्लीट' — जिसका उपयोग कथित तौर पर प्रतिबंधों से बचकर तेल व्यापार के लिए किया जाता है — के तीन टैंकरों पर भी सीधे हमले दर्ज किए गए।
जेलेंस्की का बयान
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'हम रूस के हमलों का पूरी तरह उचित और सटीक तरीके से जवाब देना जारी रखे हुए हैं। सोमवार को यूक्रेन की लंबी दूरी की कार्रवाई ने उन तय किए गए ठिकानों को निशाना बनाया जो रूस की आक्रामकता को समर्थन देते हैं और उसके लिए वित्तीय मदद जुटाते हैं।' उन्होंने यह भी कहा, 'मैं हमारी हर उस इकाई का धन्यवाद करता हूँ जो रूस को यह एहसास दिलाने में मदद कर रही है कि इस युद्ध का अंत होना चाहिए।'
रूस का कीव पर मिसाइल हमला
रविवार को रूस ने कीव पर करीब पाँच घंटे तक भीषण हवाई हमला किया। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान लगभग 40 इस्कंदर-एम और हाइपरसोनिक जिरकॉन मिसाइलें दागी गईं। रात करीब 1:30 बजे (स्थानीय समयानुसार) हवाई हमले का सायरन बजा, जिसके बाद वायु रक्षा प्रणालियाँ सक्रिय हो गईं। इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 16 अन्य घायल हो गए। शहर के कई हिस्सों में आग लगी और इमारतों को भारी नुकसान पहुँचा।
शनिवार के ड्रोन हमले की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि शनिवार को यूक्रेनी ड्रोन हमलों में मास्को और तांबोव क्षेत्रों के ई-कॉमर्स गोदामों को निशाना बनाया गया था, जिनमें आठ लोगों की मौत हुई और कई स्थानों पर भीषण आग लग गई। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने दावा किया कि इन लॉजिस्टिक्स केंद्रों का उपयोग ड्रोन निर्माण और नेविगेशन उपकरणों के लिए प्रतिबंधित पुर्जों की आपूर्ति में किया जा रहा था।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष में दोनों पक्षों के हमलों की तीव्रता लगातार बढ़ रही है। 'शैडो फ्लीट' पर हमला रूस की ऊर्जा राजस्व श्रृंखला को कमज़ोर करने की यूक्रेन की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों की नज़र इस बात पर है कि आने वाले दिनों में दोनों पक्षों के बीच तनाव किस दिशा में जाता है।