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जेलेंस्की का दावा: यूक्रेन ने रूस के किरोव में सैन्य उद्यम और तेल ठिकानों पर किए सटीक हमले

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जेलेंस्की का दावा: यूक्रेन ने रूस के किरोव में सैन्य उद्यम और तेल ठिकानों पर किए सटीक हमले

सारांश

यूक्रेन ने रूस के किरोव में सैन्य उद्यम और 1,350 किलोमीटर दूर एक तेल सुविधा पर सटीक हमले किए — जेलेंस्की ने इसे जायज जवाबी कार्रवाई बताया। दूसरी ओर रूस ने पावलोहराद, खेरसोन और ओडेसा पर हमले जारी रखे, जिसमें तीन लोगों की मौत हुई।

मुख्य बातें

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शुक्रवार को रूस के किरोव स्थित सैन्य उद्यम पर हमले का दावा किया।
यह उद्यम रूसी विमानों और मिसाइल सिस्टम के लिए जरूरी पुर्जे बनाता था।
यूक्रेन के लॉन्ग-रेंज हमले का असर 1,350 किलोमीटर दूर स्थित एक तेल सुविधा पर भी पड़ा।
रूसी हमलों में पावलोहराद में तीन लोगों की मौत ; खेरसोन में अस्पताल और स्कूल क्षतिग्रस्त।
ओडेसा , सूमी और खार्कीव पर भी रूसी मिसाइल हमले हुए।
जेलेंस्की के अनुसार रूसी सप्लाई चेन के विरुद्ध यूक्रेन का अभियान अभी भी जारी है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने शुक्रवार, 25 जुलाई को दावा किया कि यूक्रेन की रक्षा सेनाओं ने रूस के किरोव स्थित एक प्रमुख सैन्य उद्यम और करीब 1,350 किलोमीटर दूर स्थित एक तेल सुविधा पर सफल हमले किए हैं। जेलेंस्की के अनुसार, इन हमलों से रूस की सैन्य आपूर्ति श्रृंखला को गंभीर नुकसान पहुँचा है।

किरोव में सैन्य उद्यम पर हमला

जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'शुक्रवार को यूक्रेन की रक्षा सेनाओं ने रूस के किरोव में स्थित उसके एक अहम सैन्य उद्यम पर हमला किया। यह कंपनी रूसी सेना के विमानों और मिसाइल सिस्टम के लिए जरूरी पुर्जे बनाती है, जिनका इस्तेमाल हमारे शहरों और बस्तियों पर बड़े पैमाने पर होने वाले हमलों में किया जाता है। मैं हमारे जवानों की सटीक कार्रवाई के लिए उनका धन्यवाद करता हूं। हमारी यह जवाबी कार्रवाई पूरी तरह जायज है।'

यह ठिकाना रूसी वायुसेना और मिसाइल कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण कलपुर्जों की आपूर्ति करता था। यूक्रेन का यह हमला उसकी लंबी दूरी की सैन्य क्षमता का प्रदर्शन भी माना जा रहा है।

तेल ठिकाने और सप्लाई चेन पर अभियान

जेलेंस्की ने आगे बताया कि यूक्रेन के लॉन्ग-रेंज अभियान का असर 1,350 किलोमीटर दूर स्थित एक तेल सुविधा पर भी स्पष्ट रूप से देखा गया। उन्होंने कहा कि रूसी सेना तक ड्रोन के पुर्जे, नेविगेशन उपकरण और अन्य सैन्य सामान पहुँचाने वाली सप्लाई चेन के विरुद्ध अभियान अभी भी जारी है। जेलेंस्की ने सशस्त्र सेनाओं, खुफिया एजेंसियों और यूक्रेन की सुरक्षा सेवा की हर इकाई का आभार व्यक्त किया।

रूस के जवाबी हमले: पावलोहराद, खेरसोन, ओडेसा

दूसरी ओर, रूस भी यूक्रेन पर लगातार हमले जारी रखे हुए है। गुरुवार को पावलोहराद में रूसी सेना के हवाई हमलों से एक औद्योगिक परिसर पर तीन लोगों की मौत हो गई। जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस बार-बार रिहायशी इलाकों को निशाना बना रहा है।

जेलेंस्की के अनुसार, रूस ने खेरसोन पर भी हमला किया, जिसमें कई अपार्टमेंट इमारतें, सामान्य रिहायशी घर, एक क्षेत्रीय बच्चों का क्लीनिकल अस्पताल और कई शैक्षणिक संस्थान क्षतिग्रस्त हो गए। इसके अलावा सूमी और खार्कीव क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे को भी निशाना बनाया गया, और ओडेसा पर मिसाइलों से हमला किया गया।

युद्ध का व्यापक संदर्भ

रूस-यूक्रेन युद्ध में दोनों पक्षों की ओर से हमलों का सिलसिला जारी है। यूक्रेन की रणनीति अब रूस की आंतरिक सैन्य-औद्योगिक आपूर्ति व्यवस्था को कमजोर करने पर केंद्रित होती दिख रही है — जो युद्ध के शुरुआती चरण से एक उल्लेखनीय बदलाव है। गौरतलब है कि किरोव जैसे गहरे रूसी क्षेत्रों में हमले यूक्रेन की बढ़ती लंबी दूरी की क्षमता को रेखांकित करते हैं।

आगे भी दोनों पक्षों के बीच तनाव बने रहने की आशंका है, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें इस संघर्ष के अगले मोड़ पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

350 किलोमीटर दूर तेल ठिकाने पर यूक्रेन के दावे — अगर सत्यापित हों — तो यह संकेत देते हैं कि युद्ध अब सीमा पर नहीं, रूस की औद्योगिक रीढ़ पर लड़ा जा रहा है। यूक्रेन की रणनीति स्पष्ट रूप से सप्लाई चेन को तोड़ने पर केंद्रित हो गई है, जो युद्धक्षेत्र से कहीं अधिक टिकाऊ दबाव बना सकती है। लेकिन रूस का खेरसोन में बच्चों के अस्पताल पर हमला और पावलोहराद में तीन नागरिकों की मौत यह भी दर्शाती है कि नागरिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाने की प्रवृत्ति दोनों तरफ से जारी है — और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत जवाबदेही का सवाल और गहरा होता जा रहा है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूक्रेन ने रूस के किरोव में किस ठिकाने पर हमला किया?
यूक्रेन ने रूस के किरोव में एक प्रमुख सैन्य उद्यम पर हमला किया, जो रूसी वायुसेना के विमानों और मिसाइल सिस्टम के लिए जरूरी पुर्जे बनाता है। जेलेंस्की के अनुसार, यह कार्रवाई रूस की सैन्य आपूर्ति व्यवस्था को कमजोर करने के उद्देश्य से की गई।
जेलेंस्की ने 1,350 किलोमीटर दूर किस तेल ठिकाने पर हमले का दावा किया?
जेलेंस्की ने बताया कि यूक्रेन के लॉन्ग-रेंज अभियान का असर करीब 1,350 किलोमीटर दूर स्थित एक तेल सुविधा पर स्पष्ट रूप से देखा गया। उन्होंने ठिकाने का सटीक नाम नहीं बताया, लेकिन इसे रूसी ऊर्जा आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण बताया।
रूस ने यूक्रेन के किन शहरों पर हमले किए?
जेलेंस्की के अनुसार, रूस ने पावलोहराद, खेरसोन, सूमी, खार्कीव और ओडेसा पर हमले किए। पावलोहराद में तीन लोगों की मौत हुई, जबकि खेरसोन में एक बच्चों का अस्पताल और कई शैक्षणिक संस्थान क्षतिग्रस्त हुए।
यूक्रेन की रूसी सप्लाई चेन के खिलाफ रणनीति क्या है?
यूक्रेन रूसी सेना तक ड्रोन के पुर्जे, नेविगेशन उपकरण और अन्य सैन्य सामान पहुँचाने वाली आपूर्ति श्रृंखला को निशाना बना रहा है। जेलेंस्की ने कहा कि यह अभियान अभी भी जारी है और इसमें सशस्त्र सेनाओं के साथ-साथ खुफिया एजेंसियाँ भी शामिल हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध में अभी दोनों पक्षों की स्थिति क्या है?
दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमले जारी रखे हुए हैं। यूक्रेन रूस के गहरे इलाकों में सैन्य-औद्योगिक ठिकानों को निशाना बना रहा है, जबकि रूस यूक्रेन के रिहायशी इलाकों, अस्पतालों और बुनियादी ढाँचे पर हमले कर रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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