जेलेंस्की का दावा: सारातोव तेल रिफाइनरी और एंगेल्स एयर बेस पर यूक्रेन का सटीक हमला
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 2 अगस्त को दावा किया कि यूक्रेनी सेना ने शनिवार रात रूस के सारातोव शहर में स्थित ऑयल रिफाइनरी और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एंगेल्स सैन्य एयर बेस को निशाना बनाया — ये दोनों ठिकाने अग्रिम मोर्चे से 600 किलोमीटर से भी अधिक दूर हैं। जेलेंस्की के अनुसार, यह कार्रवाई यूक्रेन की लंबी दूरी की हमला क्षमता के निरंतर विस्तार का हिस्सा है।
मुख्य घटनाक्रम
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'हम रूस के उन ठिकानों पर अपनी लंबी दूरी की कार्रवाई जारी रखे हुए हैं, जो युद्ध को सहारा देते हैं और इस आक्रमण के लिए धन जुटाते हैं।' उन्होंने बताया कि कलुगा क्षेत्र में ल्यूडिनोव्स्काया ऑयल डिपो के ईंधन भंडारण केंद्र पर भी हमला किया गया। इसके अलावा ब्रायंस्क क्षेत्र में उस स्थान को निशाना बनाया गया, जिसका उपयोग हमलावर ड्रोन को रखने, तैयार करने और लॉन्च करने के लिए किया जाता था।
रूस के रक्षा उद्योग पर दबाव की रणनीति
जेलेंस्की ने कहा कि रूस की कई कंपनियाँ अभी भी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के दायरे से बाहर हैं, जो ड्रोन, मिसाइलों और गाइडेड हवाई बमों के लिए आवश्यक पुर्जे बनाती हैं। उनके अनुसार, यही कारण है कि रूस अपनी बैलिस्टिक हथियार क्षमता बढ़ाने में लगातार निवेश कर रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से प्रतिबंधों का दायरा बढ़ाने और उन्हें प्रभावी ढंग से लागू करने की माँग की।
यूक्रेन पर रूसी हमलों का सिलसिला
जेलेंस्की ने बताया कि रविवार को रूस ने सुमी पर हवाई बमों से हमला किया। ब्रोवरी में ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 6 लोग घायल हुए। खार्किव शहर और खार्किव क्षेत्र लगातार हमलों का सामना कर रहे हैं। शनिवार रात रूस ने ओडेसा, जापोरिज्जिया और नीप्रो क्षेत्रों पर भी हमले किए। जेलेंस्की के अनुसार, इस हफ्ते 1,500 से अधिक स्थानों को नुकसान पहुँचा है, जिनमें सैकड़ों आम रिहायशी इमारतें शामिल हैं।
यूक्रेनी सेना की क्षमता पर जेलेंस्की का बयान
जेलेंस्की ने यूक्रेन की रक्षा सेनाओं के जवानों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे लंबी दूरी की मारक क्षमता को लगातार बढ़ा रहे हैं और सटीक परिणाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम इस युद्ध को वहीं वापस ले जा रहे हैं, जहाँ से यह शुरू हुआ था।' गौरतलब है कि एंगेल्स एयर बेस रूस के रणनीतिक बमवर्षक विमानों का अड्डा माना जाता है, और इस पर हमला यूक्रेन की बढ़ती हमला क्षमता का संकेत है।
आगे की स्थिति
यूक्रेन की ओर से रूसी ऊर्जा और सैन्य ढाँचे पर हमलों का यह सिलसिला युद्ध की दिशा को प्रभावित कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ईंधन भंडारण और एयर बेस जैसे लॉजिस्टिक ठिकानों पर सटीक हमले रूस की युद्ध आपूर्ति श्रृंखला को कमज़ोर करने की रणनीति का हिस्सा हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिबंध नीति और उसके क्रियान्वयन पर अब और दबाव बढ़ने की संभावना है।