जेलेंस्की का दावा: यूक्रेन ने रूस के 'सुरक्षित' इलाकों में तेल सुविधाओं पर किए लंबी दूरी के हमले
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 27 जुलाई 2026 को दावा किया कि यूक्रेनी सेना ने रोस्तोव क्षेत्र, यारोस्लावल क्षेत्र और उदमुर्त गणराज्य में स्थित रूसी तेल सुविधाओं पर सफल लंबी दूरी के हमले किए हैं। जेलेंस्की के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य रूस की युद्धकालीन आर्थिक और सैन्य क्षमता को कमज़ोर करना है।
हमलों का विवरण और भौगोलिक महत्व
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि रोस्तोव क्षेत्र में युद्ध की अग्रिम पंक्ति से करीब 250 किलोमीटर दूर स्थित एक निर्यात टर्मिनल को निशाना बनाया गया। इसके अतिरिक्त, उदमुर्त गणराज्य — जो यूक्रेन की सीमा से लगभग 1,300 किलोमीटर दूर है — में भी तेल से संबंधित बुनियादी ढाँचे पर हमले किए गए।
यह ऐसे समय में आया है जब रूस को कथित तौर पर अपने पिछले हिस्सों को सुरक्षित माना जाता था। जेलेंस्की ने कहा, 'उन्होंने उन इलाकों में सफलतापूर्वक काम किया, जिन्हें कुछ समय पहले तक रूस का सुरक्षित इलाका माना जाता था।'
जेलेंस्की की रणनीतिक मंशा
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि इन हमलों के ज़रिए यूक्रेन 'युद्ध को रूस तक वापस पहुँचाना' चाहता है, ताकि अंततः एक 'सम्मानजनक शांति' का मार्ग प्रशस्त हो सके। उन्होंने कहा कि यूक्रेन अपनी लंबी दूरी की कार्रवाई की योजना पर निरंतर काम कर रहा है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब यूक्रेन ने रूसी ऊर्जा बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाया हो — लेकिन 1,300 किलोमीटर की गहराई तक पहुँचना यूक्रेन की बढ़ती लंबी दूरी की क्षमता का संकेत है।
वायु रक्षा की कमी और PAC-2/PAC-3 मिसाइलें
एक अन्य पोस्ट में जेलेंस्की ने यूक्रेन की वायु रक्षा की कमज़ोरियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि PAC-2 और PAC-3 मिसाइलें आक्रामक नहीं, बल्कि रक्षात्मक हैं, और यूक्रेन ने यूरोप से धन जुटाकर इन्हें अमेरिका से खरीदने की व्यवस्था की है। बावजूद इसके, इन मिसाइलों की पर्याप्त संख्या उपलब्ध नहीं है।
जेलेंस्की के अनुसार, इसकी एक प्रमुख वजह यह है कि रूस के सैन्य उत्पादन पर पर्याप्त अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध नहीं लगाए गए हैं, जिससे वह बैलिस्टिक मिसाइलों का उत्पादन बढ़ाने में सक्षम है। उन्होंने यह भी कहा कि मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति के कारण भी इन मिसाइलों की वैश्विक आपूर्ति में कमी बनी हुई है।
पैट्रियट उत्पादन लाइसेंस और यूरोपीय एयर डिफेंस
जेलेंस्की ने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइलों के उत्पादन का लाइसेंस देने की मंजूरी दी है। हालाँकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस निर्णय का अर्थ यह नहीं कि तत्काल सैकड़ों इंटरसेप्टर मिसाइलें उपलब्ध हो जाएंगी — उत्पादन में समय लगेगा।
उन्होंने कहा कि यूक्रेन युद्ध की शुरुआत से ही अमेरिका और यूरोपीय देशों से उत्पादन लाइसेंस की माँग करता रहा है। जेलेंस्की ने आश्वासन दिया कि यूक्रेन इन मिसाइलों को किसी तीसरे पक्ष को नहीं बेचेगा — इनका उपयोग केवल यूक्रेन की रक्षा और साझेदार देशों की आवश्यकता के लिए होगा। साथ ही, यूरोप का अपना स्वदेशी एंटी-बैलिस्टिक एयर डिफेंस सिस्टम विकसित करने की दिशा में भी काम जारी है, हालाँकि इसमें अभी समय लगेगा।
आगे क्या होगा
जेलेंस्की ने कहा कि वे यूरोपीय देशों, अमेरिका और कुछ अन्य देशों के साथ वायु रक्षा के मुद्दे पर लगातार काम कर रहे हैं। यूक्रेन का घरेलू उत्पादन ड्रोन और कई अन्य खतरों को रोकने में मददगार है, लेकिन बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की क्षमता अभी भी सीमित है। आने वाले हफ्तों में यूक्रेन की लंबी दूरी की रणनीति और वायु रक्षा सहयोग पर अंतरराष्ट्रीय ध्यान केंद्रित रहेगा।