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जेलेंस्की का बड़ा दावा: रूस के यारोस्लाव्ल और तुला क्षेत्र में यूक्रेन के घातक हमले, 28 क्षेत्रों में अलर्ट

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जेलेंस्की का बड़ा दावा: रूस के यारोस्लाव्ल और तुला क्षेत्र में यूक्रेन के घातक हमले, 28 क्षेत्रों में अलर्ट

सारांश

जेलेंस्की का दावा है कि युद्ध अब रूसी धरती पर लौट आया है — यारोस्लाव्ल में तेल भंडार और तुला में 'अजोट' विस्फोटक प्लांट पर हमले इसकी गवाही देते हैं। रूस के 28 क्षेत्रों में हवाई अलर्ट और 6 हवाई अड्डों पर प्रतिबंध बताते हैं कि संघर्ष एक नए और खतरनाक मोड़ पर है।

मुख्य बातें

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने 14 जून को दावा किया कि यूक्रेनी सेना ने रूसी क्षेत्र में सफल लंबी दूरी के हमले किए।
यूक्रेनी सीमा से 700 किलोमीटर से अधिक दूर यारोस्लाव्ल क्षेत्र के एक तेल भंडारण केंद्र को निशाना बनाया गया।
तुला क्षेत्र में 'अजोट' प्लांट पर हमला — जो कथित तौर पर रूस की विस्फोटक निर्माण क्षमता के लिए अहम है।
हमलों के बाद रूस के 6 हवाई अड्डों पर यातायात प्रतिबंध और 28 क्षेत्रों में हवाई हमले की चेतावनी जारी।
जेलेंस्की ने कहा — रूस के युद्धविराम से इनकार के बाद यूक्रेन अपनी लंबी और मध्यम दूरी की कार्रवाई जारी रखेगा।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने 14 जून को दावा किया कि रूस द्वारा युद्धविराम से इनकार किए जाने के जवाब में यूक्रेनी सेना ने रूसी क्षेत्र और रूस के कब्जे वाले इलाकों में कई महत्वपूर्ण सैन्य एवं रणनीतिक ठिकानों पर सफल लंबी दूरी के हमले किए हैं। जेलेंस्की ने कहा कि यह स्वाभाविक है — युद्ध अब वहीं लौट रहा है जहाँ से इसकी शुरुआत हुई थी।

मुख्य घटनाक्रम

जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, 'हमारे सैनिकों ने रूस और यूक्रेन के अस्थायी रूप से कब्जे वाले इलाकों में मौजूद महत्वपूर्ण ठिकानों पर लंबी दूरी के हमले करके अच्छे परिणाम हासिल किए हैं।' उन्होंने इन हमलों को रूस पर दबाव बढ़ाने और उसे वार्ता की मेज पर लाने की रणनीति का हिस्सा बताया।

उल्लेखनीय है कि यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब रूस-यूक्रेन संघर्ष के तीन वर्ष से अधिक बीत चुके हैं और शांति वार्ता की कोई ठोस संभावना नज़र नहीं आ रही।

यारोस्लाव्ल और तुला पर निशाना

जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेन की सुरक्षा सेवा (एसएसयू) के सैनिकों ने यूक्रेनी सीमा से 700 किलोमीटर से भी अधिक दूर स्थित रूस के यारोस्लाव्ल क्षेत्र में एक तेल भंडारण केंद्र को निशाना बनाया, जो कथित तौर पर रूस के रणनीतिक ईंधन भंडार के लिए अहम था।

इसके साथ ही, रूस के तुला क्षेत्र में भी हमले की पुष्टि की गई। जेलेंस्की के दावे के मुताबिक, इसमें 'अजोट' प्लांट भी शामिल है — जो कथित तौर पर रूस की विस्फोटक निर्माण क्षमता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

रूस में हवाई यातायात प्रतिबंध और अलर्ट

जेलेंस्की के अनुसार, इन हमलों के बाद रूस के 6 हवाई अड्डों पर हवाई यातायात संबंधी प्रतिबंध लगाए गए। साथ ही, हमलों के बाद से रूस के 28 क्षेत्रों में हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई है।

गौरतलब है कि यह हमले केवल रूसी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहे — रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों में भी कब्जाधारी सेना की सैन्य लॉजिस्टिक्स सुविधाओं को निशाना बनाया गया।

यूक्रेन की रणनीतिक मंशा

जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि यूक्रेन अपनी लंबी दूरी की कार्रवाई की योजना और मध्यम दूरी के हमलों से जुड़े निर्धारित कार्यों को जारी रखेगा। उन्होंने कहा, 'हमने रूसी नेतृत्व को बातचीत के लिए हर संभव तरीका और अवसर दिया, लेकिन जवाब में हमें केवल लगातार आक्रामकता और उसे और बढ़ाने की कोशिशें ही मिलीं।'

यह बयान ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता के कई प्रयास अब तक विफल रहे हैं और यूक्रेन पश्चिमी हथियारों की आपूर्ति के बल पर अपनी आक्रामक क्षमता को विस्तार दे रहा है।

आगे क्या

जेलेंस्की के इस दावे के बाद रूस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतज़ार है। विश्लेषकों का मानना है कि यूक्रेन की यह गहरी-पैठ वाली कार्रवाई संघर्ष को एक नए चरण में ले जा सकती है, जिसमें रूसी क्षेत्र के भीतर के ठिकाने अब सीधे निशाने पर होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो रक्षात्मक से आक्रामक मुद्रा की ओर जा रही है। यारोस्लाव्ल और तुला जैसे गहरे रूसी क्षेत्रों में हमले यह दर्शाते हैं कि यूक्रेन अब सीमावर्ती संघर्ष से आगे बढ़कर रूस की आपूर्ति श्रृंखला और औद्योगिक क्षमता को सीधे निशाना बना रहा है। हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है — और रूस की जवाबी कार्रवाई की संभावना इस संघर्ष को और गहरे संकट में धकेल सकती है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है, वह यह है कि ये हमले पश्चिमी हथियार आपूर्ति पर यूक्रेन की बढ़ती निर्भरता और उसकी सीमाओं को भी उजागर करते हैं।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेलेंस्की ने रूस पर हमलों के बारे में क्या दावा किया?
जेलेंस्की ने दावा किया कि यूक्रेनी सेना ने रूस के यारोस्लाव्ल और तुला क्षेत्र सहित कई रणनीतिक ठिकानों पर सफल लंबी दूरी के हमले किए। उन्होंने इसे रूस के युद्धविराम से इनकार का सीधा जवाब बताया।
यारोस्लाव्ल और तुला में किन ठिकानों पर हमला हुआ?
यारोस्लाव्ल में एक तेल भंडारण केंद्र को निशाना बनाया गया जो कथित तौर पर रूस के रणनीतिक ईंधन भंडार के लिए महत्वपूर्ण था। तुला में 'अजोट' प्लांट पर हमला हुआ, जो रूस की विस्फोटक निर्माण क्षमता से जुड़ा बताया जाता है।
इन हमलों के बाद रूस में क्या हुआ?
जेलेंस्की के अनुसार, हमलों के बाद रूस के 6 हवाई अड्डों पर हवाई यातायात प्रतिबंध लगाए गए और 28 क्षेत्रों में हवाई हमले की चेतावनी जारी की गई। रूस की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।
यूक्रेन की इस रणनीति का उद्देश्य क्या है?
जेलेंस्की के मुताबिक, इन हमलों का उद्देश्य रूस पर दबाव बढ़ाना और उसे युद्ध समाप्त करने के लिए मजबूर करना है। यूक्रेन ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी लंबी और मध्यम दूरी की कार्रवाई जारी रखेगा।
क्या इन हमलों की स्वतंत्र पुष्टि हुई है?
अभी तक ये दावे मुख्यतः जेलेंस्की के एक्स पोस्ट पर आधारित हैं और स्वतंत्र स्रोतों से इनकी पूर्ण पुष्टि नहीं हुई है। रूस ने इन हमलों पर अभी तक आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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