जेलेंस्की का दावा: यूक्रेन ने 400 किमी दूर रूस के सैन्य ठिकाने और ऑयल डिपो पर किया हमला
सारांश
मुख्य बातें
यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लोदिमिर जेलेंस्की ने 20 जुलाई को दावा किया कि यूक्रेनी सेना ने रूस के भीतर स्थित कई अहम सैन्य और लॉजिस्टिक्स ठिकानों पर सफलतापूर्वक हमला किया है — जिनमें से कुछ यूक्रेनी सीमा से 400 किलोमीटर से भी अधिक दूर थे। जेलेंस्की ने स्पष्ट किया कि रूस के प्रत्येक हमले का 'उचित जवाब' दिया जाता रहेगा।
मॉस्को क्षेत्र में क्या हुआ
जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा कि मॉस्को क्षेत्र में यूक्रेन की लंबी दूरी की कार्रवाई का असर दिखा है। उनके अनुसार, दुश्मन के लॉजिस्टिक्स केंद्रों और एक तेल भंडार (ऑयल डिपो) को निशाना बनाया गया। उन्होंने इस अभियान के लिए यूक्रेन की अनमैन्ड सिस्टम्स फोर्सेज, खुफिया एजेंसियों, मिसाइल और आर्टिलरी बलों, तथा स्पेशल ऑपरेशंस फोर्सेज के जवानों का धन्यवाद किया।
काला सागर में 'शैडो फ्लीट' पर भी कार्रवाई
जेलेंस्की के अनुसार, इस अभियान में काला सागर में रूस के कथित 'शैडो फ्लीट' के दो टैंकरों और चार मालवाहक जहाजों को भी निशाना बनाया गया। यह ऐसे समय में आया है जब रूस पर पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद उसकी ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
रूसी अधिकारियों की प्रतिक्रिया
रूसी अधिकारियों के अनुसार, यूक्रेन ने रविवार रात मॉस्को और उसके आसपास के इलाकों पर ड्रोन से हमला किया, जिसमें कई इमारतों में आग लग गई। मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रे वोरोब्योव ने 'टेलीग्राम' पर बताया कि रूसी एयर डिफेंस ने उस रात दो ड्रोन मार गिराए — एक ओडिन्त्सोवो जिले के चासत्सी इलाके में और दूसरा क्रास्नोगोर्स्क के पावशिन्स्काया पोयमा क्षेत्र में।
वोरोब्योव के अनुसार, ड्रोन गिरने से हुए धमाके की वजह से एक बहुमंजिला इमारत की खिड़कियों के शीशे टूट गए और कई वाहनों को नुकसान पहुँचा। हालाँकि, किसी भी स्थानीय निवासी के घायल होने की सूचना नहीं है। क्रास्नोगोर्स्क के आपदा प्रबंधन विभाग (एमसीएचएस) ने प्रभावित फ्लैटों का निरीक्षण शुरू कर दिया।
जेलेंस्की का रुख: युद्ध तभी खत्म होगा
जेलेंस्की ने दोहराया कि रूस जब तक यूक्रेनी शहरों और बस्तियों पर हमले जारी रखेगा, तब तक यूक्रेन हर बार जवाब देता रहेगा। उन्होंने कहा, 'इस युद्ध को खत्म होना चाहिए। यह तभी संभव है, जब इस युद्ध की एकमात्र वजह — रूस — पर दबाव और बढ़ाया जाए।' गौरतलब है कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब यूरोप में युद्धविराम वार्ता को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है।
आगे क्या
यूक्रेन की लंबी दूरी की हमले की क्षमता में यह वृद्धि रूस के लिए रणनीतिक चुनौती पेश करती है। विश्लेषकों का मानना है कि 400 किमी की मारक दूरी यूक्रेन की पश्चिमी हथियार प्रणालियों पर बढ़ती निर्भरता को दर्शाती है। आने वाले दिनों में दोनों पक्षों की प्रतिक्रियाएँ और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का रुख इस संघर्ष की दिशा तय करेंगे।