6 अगस्त 2026
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जेलेंस्की का बड़ा दावा: यूक्रेन ने रूस की दो तेल रिफाइनरियों पर किया हमला, 1,300 km दूर तक पहुँची मार

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जेलेंस्की का बड़ा दावा: यूक्रेन ने रूस की दो तेल रिफाइनरियों पर किया हमला, 1,300 km दूर तक पहुँची मार

सारांश

यूक्रेन ने रूस की युद्ध-वित्त व्यवस्था पर सीधा प्रहार करते हुए मोर्चे से 1,300 किलोमीटर दूर तक दो प्रमुख तेल रिफाइनरियों को निशाना बनाया। जेलेंस्की का संदेश साफ है — रूस की तेल आय बंद होगी, तो युद्ध भी रुकेगा।

मुख्य बातें

यूक्रेनी रक्षा बलों ने 6 अगस्त 2026 को रूस की दो तेल रिफाइनरियों पर हमला किया।
बश्कोर्तोस्तान की बश्नेफ्ट-नोवोइल रिफाइनरी और यारोस्लाव क्षेत्र की स्लावनेफ्ट-यानोस रिफाइनरी निशाने पर रहीं।
हमला मोर्चे से 1,300 किलोमीटर से अधिक दूर तक पहुँचा — यूक्रेन की अब तक की सबसे लंबी दूरी की कार्रवाइयों में से एक।
काला सागर में दो सैन्य गश्ती नौकाओं और 'शैडो फ्लीट' के जहाज़ों को भी कथित तौर पर निशाना बनाया गया।
जेलेंस्की ने फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब से वायु रक्षा प्रणाली की मिसाइलों की आपूर्ति पर चर्चा की।
रूस बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से यूक्रेन पर जवाबी हमले जारी रखे हुए है।

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 6 अगस्त 2026 को दावा किया कि यूक्रेनी रक्षा बलों ने रूस की तेल आय को कमज़ोर करने के उद्देश्य से एक बड़ी लंबी दूरी की कार्रवाई को अंजाम दिया, जिसमें रूस के दो प्रमुख तेल शोधन संयंत्रों को निशाना बनाया गया। जेलेंस्की के अनुसार, यह कार्रवाई मोर्चे से 1,300 किलोमीटर से भी अधिक दूरी पर स्थित ठिकानों तक पहुँची।

कौन-सी रिफाइनरियाँ बनीं निशाना

जेलेंस्की ने बताया कि बश्कोर्तोस्तान में स्थित बश्नेफ्ट-नोवोइल रिफाइनरी को हमले में निशाना बनाया गया। इसके अलावा, यूक्रेन की सीमा से लगभग 700 किलोमीटर दूर यारोस्लाव क्षेत्र में स्थित स्लावनेफ्ट-यानोस रिफाइनरी पर भी हमला किया गया। ये दोनों संयंत्र रूस की ऊर्जा निर्यात आय के प्रमुख स्रोत माने जाते हैं।

जेलेंस्की का तर्क: तेल की कमाई से चल रहा है युद्ध

जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हमारे दूरगामी प्रतिबंधों ने एक बार फिर रूस की तेल से होने वाली कमाई को सीमित करने में असर दिखाया। रूस इसी पैसे का इस्तेमाल युद्ध चलाने और यूक्रेनियों की जान लेने के लिए करता है।' उन्होंने यह भी कहा कि लंबी दूरी तक हमला करने की क्षमता को मज़बूत करने से 'कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।'

काला सागर में भी कार्रवाई का दावा

जेलेंस्की के अनुसार, काला सागर में रूस की आक्रामक गतिविधियों के जवाब में भी यूक्रेन को सफलता मिली। कथित तौर पर दो सैन्य गश्ती नौकाओं और तथाकथित 'शैडो फ्लीट' के जहाज़ों को निशाना बनाया गया। हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि तत्काल उपलब्ध नहीं है।

फिनलैंड से वायु रक्षा सहायता की माँग

जेलेंस्की ने बुधवार को फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब से चर्चा की। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'हमने एलेक्स स्टब के साथ इस बात पर चर्चा की कि फिनलैंड रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से बचाव में हमारी कैसे मदद कर सकता है। अगर हमारे सहयोगी देश अभी मदद करें तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती है।' जेलेंस्की ने स्टब की 'तुरंत प्रतिक्रिया' के लिए आभार भी जताया।

रूस का जवाबी हमला जारी, शांति की अपील

दूसरी ओर, रूस भी बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से यूक्रेन पर हमले जारी रखे हुए है। जेलेंस्की ने स्टब के साथ कूटनीतिक प्रयासों पर भी चर्चा की और कहा कि 'यूक्रेन को पर्याप्त समर्थन और रूस पर लगातार दबाव ही शांति का रास्ता बना सकता है।' उन्होंने रूस से युद्ध छोड़कर शांति का मार्ग चुनने की अपील की।

संपादकीय दृष्टिकोण

300 किलोमीटर की मारक दूरी यह संकेत देती है कि पश्चिमी हथियार आपूर्ति ने यूक्रेन की क्षमता को गुणात्मक रूप से बदला है। असली सवाल यह है कि क्या रिफाइनरियों पर बार-बार हमले रूस की युद्ध-वित्त व्यवस्था को वास्तव में कमज़ोर कर रहे हैं, या रूस वैकल्पिक मार्गों से तेल निर्यात जारी रख रहा है। 'शैडो फ्लीट' पर हमले का दावा महत्वपूर्ण है — यह पश्चिमी प्रतिबंधों की उस सबसे बड़ी खामी को निशाना बनाने की कोशिश है जिसे कूटनीतिक रास्ते से बंद नहीं किया जा सका। जेलेंस्की का फिनलैंड से वायु रक्षा मिसाइलों की माँग करना दर्शाता है कि यूक्रेन की रक्षात्मक क्षमता अभी भी दबाव में है, भले ही आक्रामक क्षमता बढ़ी हो।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूक्रेन ने रूस की किन तेल रिफाइनरियों पर हमला किया?
यूक्रेन ने कथित तौर पर दो रिफाइनरियों को निशाना बनाया — बश्कोर्तोस्तान की बश्नेफ्ट-नोवोइल रिफाइनरी और यारोस्लाव क्षेत्र की स्लावनेफ्ट-यानोस रिफाइनरी। यारोस्लाव क्षेत्र की रिफाइनरी यूक्रेन की सीमा से लगभग 700 किलोमीटर दूर स्थित है।
जेलेंस्की ने इन हमलों का मकसद क्या बताया?
जेलेंस्की के अनुसार, रूस तेल की कमाई का उपयोग युद्ध को वित्तपोषित करने और यूक्रेनियों की जान लेने के लिए करता है। इन हमलों का उद्देश्य उस आय को सीमित करना है ताकि रूस पर शांति के लिए आर्थिक दबाव बनाया जा सके।
यूक्रेन ने काला सागर में क्या कार्रवाई की?
जेलेंस्की ने दावा किया कि काला सागर में रूस की दो सैन्य गश्ती नौकाओं और तथाकथित 'शैडो फ्लीट' के जहाज़ों को निशाना बनाया गया। हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि तत्काल उपलब्ध नहीं है।
जेलेंस्की ने फिनलैंड से क्या माँगा?
जेलेंस्की ने फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब से रूस के बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से बचाव के लिए वायु रक्षा प्रणाली की मिसाइलें उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यूक्रेन को रोज़ाना इन मिसाइलों की ज़रूरत पड़ती है।
रूस-यूक्रेन युद्ध में अभी स्थिति क्या है?
यूक्रेन लंबी दूरी की हमला क्षमता को मज़बूत कर रूस की ऊर्जा और सैन्य अवसंरचना को निशाना बना रहा है, जबकि रूस बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से यूक्रेन पर जवाबी हमले जारी रखे हुए है। जेलेंस्की ने सहयोगी देशों से समर्थन जारी रखने और रूस पर कूटनीतिक दबाव बनाने की अपील की है।
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