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बांग्लादेश में डेंगू से 107 मौतें: 24 घंटे में 5 और की जान गई, 1,110 नए मरीज़ अस्पताल में भर्ती

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बांग्लादेश में डेंगू से 107 मौतें: 24 घंटे में 5 और की जान गई, 1,110 नए मरीज़ अस्पताल में भर्ती

सारांश

बांग्लादेश में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा — 24 घंटे में 5 और मौतें, कुल मृतक 107। अगस्त 26 वर्षों में तीसरा सबसे घातक महीना रहा। विशेषज्ञों की चेतावनी: अक्टूबर तक मामले और बढ़ सकते हैं।

मुख्य बातें

बुधवार, 2 सितंबर 2026 को 24 घंटों में 5 और मौतें — इस वर्ष कुल मृतक संख्या 107 हुई।
उसी अवधि में 1,110 नए मरीज़ देशभर के अस्पतालों में भर्ती।
नई मौतें ढाका नॉर्थ सिटी कॉर्पोरेशन , मयमनसिंह और बरिशाल डिवीजन में दर्ज।
अगस्त में 43 मौतें और 20,536 भर्तियाँ — पिछले 26 वर्षों में तीसरा सबसे बुरा महीना।
विशेषज्ञ कबीरुल बशर की चेतावनी — अक्टूबर तक मामले और बढ़ सकते हैं।
अपर्याप्त मच्छर-विरोधी अभियान और देर से अस्पताल पहुँचना मृत्यु दर बढ़ाने के प्रमुख कारण।

बांग्लादेश में डेंगू बुखार का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के अनुसार, बुधवार, 2 सितंबर 2026 को बीते 24 घंटों में कम से कम 5 और लोगों की मौत इस मच्छर जनित बीमारी से हो गई, जिससे इस वर्ष कुल मृतक संख्या 107 पहुँच गई है। इसी अवधि में देशभर में 1,110 नए मरीज़ अस्पतालों में भर्ती कराए गए।

मुख्य घटनाक्रम

डीजीएचएस के आँकड़ों के अनुसार, ताज़ा मौतें ढाका नॉर्थ सिटी कॉर्पोरेशन (डीएनसीसी), मयमनसिंह और बरिशाल डिवीजन में दर्ज की गईं। यह ऐसे समय में आया है जब अगस्त माह में डेंगू संक्रमण में तेज़ उछाल देखा गया — 43 मौतें और 20,536 अस्पताल भर्तियाँ दर्ज हुईं।

बांग्लादेशी समाचार पत्र द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, यह आँकड़ा देश में वर्ष 2000 में पहले बड़े डेंगू प्रकोप के बाद से पिछले 26 वर्षों में मामलों और मौतों दोनों के लिहाज़ से तीसरा सबसे अधिक प्रभावित महीना रहा।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

जहांगीरनगर विश्वविद्यालय में प्राणीशास्त्र के प्रोफेसर कबीरुल बशर ने कहा कि अक्टूबर तक मामलों में वृद्धि जारी रह सकती है। उन्होंने अधिकारियों से मोहल्ले के स्तर पर प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर मच्छर नियंत्रण अभियान तेज़ करने और सामुदायिक जागरूकता बढ़ाने का आग्रह किया।

ढाका स्थित राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के कीटविज्ञानी जीएम सैफुर रहमान ने चेतावनी दी कि देशभर में अपर्याप्त मच्छर-विरोधी अभियान अगले दो महीनों में मामलों में और वृद्धि का जोखिम बढ़ा रहे हैं।

शहीद सुहरावर्दी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसोसिएट प्रोफेसर एचएम नजमुल अहसान ने कहा कि डेंगू से मौतों के पीछे मरीज़ की शारीरिक स्थिति, वायरस का प्रकार और चिकित्सा प्रबंधन की गुणवत्ता — तीनों कारक ज़िम्मेदार होते हैं। उन्होंने कहा, 'जब तक मरीज़ सरकारी आपातकालीन विभाग तक पहुँचते हैं, तब तक कुछ लोगों का रक्तचाप बेहद कम या नगण्य हो जाता है।'

बीमारी की पृष्ठभूमि

डेंगू बांग्लादेश में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट के रूप में उभरा है। यह मुख्यतः एडीज एजिप्टी मच्छर के काटने से फैलता है और मानसून के बाद के महीनों में इसका प्रकोप चरम पर होता है। गौरतलब है कि यह बीमारी अब केवल राजधानी ढाका तक सीमित नहीं, बल्कि कई डिवीजनों में फैल चुकी है।

आम जनता पर असर

अस्पतालों में मरीज़ों की बढ़ती संख्या से स्वास्थ्य तंत्र पर दबाव बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि देर से अस्पताल पहुँचना मृत्यु दर बढ़ाने का एक प्रमुख कारण है। समुदाय स्तर पर जागरूकता और समय पर उपचार ही इस संकट से निपटने की कुंजी बताई जा रही है।

क्या होगा आगे

विशेषज्ञों की चेतावनी के अनुसार, अक्टूबर 2026 तक डेंगू के मामलों में और वृद्धि की आशंका है। स्वास्थ्य अधिकारियों से अपेक्षा है कि वे मच्छर नियंत्रण अभियान को युद्धस्तर पर तेज़ करें, ताकि मृत्यु दर को नियंत्रित किया जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी मच्छर नियंत्रण अभियान अपर्याप्त बताए जा रहे हैं। विशेषज्ञों की चेतावनी है कि अक्टूबर तक स्थिति और बिगड़ सकती है, लेकिन सरकारी तंत्र की प्रतिक्रिया की गति इस पूर्वानुमान से मेल नहीं खाती। देर से अस्पताल पहुँचने वाले मरीज़ों का 'नगण्य रक्तचाप' — यह सिर्फ़ बीमारी की गंभीरता नहीं, बल्कि प्राथमिक स्वास्थ्य ढाँचे की कमज़ोरी भी उजागर करता है।
RashtraPress
3 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बांग्लादेश में डेंगू से अब तक कितनी मौतें हो चुकी हैं?
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) के अनुसार, 2 सितंबर 2026 तक इस वर्ष डेंगू से कुल 107 लोगों की मौत हो चुकी है। बुधवार को 24 घंटे में 5 नई मौतें दर्ज की गईं।
बांग्लादेश में डेंगू का प्रकोप इतना गंभीर क्यों है?
विशेषज्ञों के अनुसार, अपर्याप्त मच्छर-विरोधी अभियान और समुदाय स्तर पर जागरूकता की कमी प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा, मरीज़ों का देर से अस्पताल पहुँचना मृत्यु दर बढ़ा रहा है।
अगस्त 2026 में बांग्लादेश में डेंगू के कितने मामले आए?
द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, अगस्त में 43 मौतें और 20,536 अस्पताल भर्तियाँ दर्ज हुईं। यह पिछले 26 वर्षों में मामलों और मौतों दोनों के लिहाज़ से तीसरा सबसे अधिक प्रभावित महीना रहा।
क्या आगे डेंगू के मामले और बढ़ेंगे?
जहांगीरनगर विश्वविद्यालय के प्रोफेसर कबीरुल बशर के अनुसार, अक्टूबर तक मामलों में वृद्धि जारी रह सकती है। कीटविज्ञानी जीएम सैफुर रहमान ने भी अगले दो महीनों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका जताई है।
डेंगू से बचाव के लिए विशेषज्ञों ने क्या सुझाव दिए हैं?
प्रोफेसर कबीरुल बशर ने अधिकारियों से मोहल्ले स्तर पर प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर मच्छर नियंत्रण तेज़ करने और सामुदायिक जागरूकता अभियान चलाने का आग्रह किया है। समय पर अस्पताल पहुँचना भी मृत्यु दर घटाने में अहम बताया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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