बांग्लादेश में डेंगू का कहर: 9 मौतें, 4,900 से अधिक संक्रमित; ढाका और बारिशाल सबसे प्रभावित
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश में डेंगू बुखार का प्रकोप 21 जून 2025 को और गहरा गया, जब स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने रविवार सुबह तक दो नई मौतों की पुष्टि की। इससे इस वर्ष डेंगू से कुल मृतक संख्या बढ़कर नौ हो गई है। साथ ही 220 नए मरीज़ अस्पताल में भर्ती हुए, जिससे 2025 में कुल संक्रमण के मामले 4,900 तक पहुँच गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
डीजीएचएस के अनुसार, दोनों नई मौतों में से एक ढाका दक्षिण सिटी कॉरपोरेशन (डीएससीसी) क्षेत्र में और दूसरी बारिशाल डिवीजन में दर्ज की गई। यह ऐसे समय में आया है जब देश के शहरी और अर्ध-शहरी दोनों क्षेत्रों में डेंगू के मामले तेज़ी से बढ़ रहे हैं।
डीजीएचएस के आँकड़ों के अनुसार, इस वर्ष अब तक दर्ज संक्रमितों में 60 प्रतिशत पुरुष और 40 प्रतिशत महिलाएँ शामिल हैं। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि बीमारी का दायरा अब केवल शहरी केंद्रों तक सीमित नहीं रहा।
पिछले वर्षों से तुलना
सरकारी आँकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में 1 जनवरी से 31 दिसंबर के बीच देश में कुल 1,02,861 डेंगू मामले दर्ज किए गए और 413 लोगों की मौत हुई। वहीं 2024 में 1,01,214 मामले सामने आए थे, लेकिन मृतक संख्या 575 तक पहुँच गई थी — जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक थी।
गौरतलब है कि मामलों की संख्या दोनों वर्षों में लगभग एक लाख के आसपास बनी रही, परंतु मृत्यु दर में उतार-चढ़ाव देखा गया। यह संकेत देता है कि संक्रमण की तीव्रता और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच दोनों निर्णायक कारक हैं।
विशेषज्ञ क्या कहते हैं
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शहरीकरण, जलभराव और मच्छरों के प्रजनन स्थलों की बढ़ती संख्या ने डेंगू के नियंत्रण को जटिल बना दिया है। उनका मानना है कि यह बीमारी बांग्लादेश के लिए एक दीर्घकालिक सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बनती जा रही है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि रोकथाम के उपायों को और सुदृढ़ नहीं किया गया, तो आने वाले मानसून महीनों में स्थिति और बिगड़ सकती है।
आम जनता पर असर और सरकारी अपील
बांग्लादेशी नागरिकों से अपील की गई है कि वे घरों के आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरदानी का उपयोग करें और बुखार के लक्षण दिखते ही तुरंत नज़दीकी अस्पताल से संपर्क करें। स्वास्थ्य व्यवस्था पर बढ़ते दबाव के बीच सरकार और स्वास्थ्य एजेंसियाँ निगरानी तंत्र को मज़बूत करने में जुटी हैं।
क्या होगा आगे
मानसून के मौसम के साथ डेंगू के मामलों में और वृद्धि की आशंका को देखते हुए, डीजीएचएस ने देशभर में निगरानी अभियान तेज़ करने के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ हफ्तों में आँकड़ों की दिशा यह तय करेगी कि 2025 का प्रकोप पिछले वर्षों की तुलना में कितना गंभीर साबित होता है।