24 सितंबर 2026
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चतरा में NCB अधिकारी बनकर बस से ₹32 लाख लूटने वाला अंतरराज्यीय गिरोह गिरफ्तार, थार और नकदी बरामद

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चतरा में NCB अधिकारी बनकर बस से ₹32 लाख लूटने वाला अंतरराज्यीय गिरोह गिरफ्तार, थार और नकदी बरामद

सारांश

झारखंड के चतरा में NCB अधिकारी बनकर यात्री बस रोककर ₹32 लाख लूटने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया। बस के सीसीटीवी फुटेज ने जाँच की दिशा तय की और पाँच आरोपी बिहार-झारखंड के ठिकानों से दबोचे गए।

मुख्य बातें

चतरा-गया मुख्य मार्ग पर जोरी टोल प्लाजा के पास 'स्टार फिश' बस रोककर NCB अधिकारी बनकर ₹31.90 लाख की लूट की गई।
पाँच आरोपी — रंगु कुमार, अभिषेक कुमार, प्रिंस कुमार यादव, अविनाश कुमार और बजरंगी कुमार उर्फ रंगा — गिरफ्तार।
आरोपी बिहार के गया और झारखंड के हजारीबाग जिले के निवासी हैं।
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल काले रंग की थार गाड़ी और ₹70,000 नकद बरामद किए।
बस में लगे सीसीटीवी फुटेज ने जाँच में निर्णायक भूमिका निभाई।
शेष लूट की रकम और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी।

झारखंड के चतरा जिले में चतरा-गया मुख्य मार्ग पर स्थित जोरी टोल प्लाजा के पास एक यात्री बस को रोककर खुद को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) का अधिकारी बताकर ₹31.90 लाख की लूट करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का 24 सितंबर 2026 को पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। इस मामले में पाँच शातिर अपराधियों को झारखंड और बिहार के अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार किया गया है।

वारदात का तरीका

अपराधियों ने 'स्टार फिश' नामक यात्री बस को जबरन रोककर खुद को NCB स्टाफ बताया और बस में सवार यात्रियों से लगभग ₹32 लाख की नकदी लूट ली। यह पूरी वारदात बस में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई, जिसे पुलिस ने जाँच का सबसे अहम सुराग बनाया।

गौरतलब है कि NCB के नाम का इस्तेमाल कर वाहन यात्रियों को ठगने की यह घटना न केवल दुस्साहसिक है, बल्कि यह दिखाती है कि अपराधी किस कदर सरकारी एजेंसियों की आड़ लेकर आम नागरिकों को निशाना बना रहे हैं।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रंगु कुमार, अभिषेक कुमार, प्रिंस कुमार यादव, अविनाश कुमार और बजरंगी कुमार उर्फ रंगा के रूप में की गई है। ये सभी बिहार के गया जिले और झारखंड के हजारीबाग जिले के निवासी हैं।

पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई काले रंग की थार गाड़ी और लूट की रकम में से ₹70,000 नकद बरामद किए हैं। शेष राशि की बरामदगी के लिए जाँच जारी है।

विशेष जाँच टीम की कार्रवाई

चतरा के पुलिस अधीक्षक (SP) अनिमेष नैथानी के निर्देश पर गठित विशेष जाँच दल का नेतृत्व डीएसपी मुख्यालय सुनील कुमार सिंह ने किया। टीम ने तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय गुप्त सूचनाओं के आधार पर छापेमारी की।

इस अभियान में जोरी, प्रतापपुर, इटखोरी और हंटरगंज थाना प्रभारियों के साथ-साथ जिला पुलिस की टेक्निकल सेल की भी अहम भूमिका रही। पुलिस ने झारखंड और बिहार, दोनों राज्यों में एक साथ छापेमारी कर पाँचों आरोपियों को दबोचा।

आगे की कार्रवाई

चतरा पुलिस गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया में है। साथ ही, गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश और लूट की शेष रकम की बरामदगी के लिए छापेमारी का सिलसिला जारी है। अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था, इसलिए जाँच का दायरा बिहार तक भी फैलाया जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह सवाल भी उठता है कि ₹32 लाख में से केवल ₹70,000 ही अब तक बरामद हुए हैं — बाकी रकम कहाँ गई? अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय इस गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है, यह तब तक स्पष्ट नहीं होगा जब तक पूरी जाँच सामने न आए।
RashtraPress
24 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चतरा बस लूट कांड में क्या हुआ था?
झारखंड के चतरा-गया मुख्य मार्ग पर जोरी टोल प्लाजा के पास अपराधियों ने 'स्टार फिश' नामक यात्री बस को रोककर खुद को NCB अधिकारी बताया और यात्रियों से ₹31.90 लाख लूट लिए। पूरी वारदात बस के सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई।
इस मामले में कितने लोग गिरफ्तार हुए और कौन हैं?
पुलिस ने पाँच आरोपियों को गिरफ्तार किया है — रंगु कुमार, अभिषेक कुमार, प्रिंस कुमार यादव, अविनाश कुमार और बजरंगी कुमार उर्फ रंगा। ये बिहार के गया और झारखंड के हजारीबाग जिले के निवासी हैं।
पुलिस ने कितनी लूट की रकम बरामद की?
पुलिस ने अब तक लूट की रकम में से ₹70,000 नकद बरामद किए हैं। शेष राशि की बरामदगी के लिए छापेमारी जारी है। वारदात में इस्तेमाल काले रंग की थार गाड़ी भी जब्त की गई है।
इस गिरोह का पर्दाफाश कैसे हुआ?
SP अनिमेष नैथानी के निर्देश पर गठित विशेष जाँच टीम ने बस के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय गुप्त सूचनाओं के आधार पर छापेमारी की। डीएसपी सुनील कुमार सिंह के नेतृत्व में जोरी, प्रतापपुर, इटखोरी और हंटरगंज थाना पुलिस ने मिलकर दोनों राज्यों में एक साथ कार्रवाई की।
क्या इस गिरोह के और सदस्य हो सकते हैं?
पुलिस के अनुसार यह गिरोह अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था और जाँच अभी जारी है। गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों की तलाश में बिहार और झारखंड में छापेमारी चल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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