चतरा में ₹1.01 करोड़ का नशीला पदार्थ जब्त, अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के चतरा जिले में पुलिस ने 25 मई 2026 को दो अलग-अलग अभियानों में ₹1.01 करोड़ मूल्य का अफीम, डोडा और खसखस जब्त किया। कथित अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया, जबकि पाँच अन्य संदिग्ध छापेमारी के दौरान फरार हो गए।
मुख्य घटनाक्रम
चतरा के पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने कलेक्टर कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दोनों अभियानों का विवरण साझा किया। उन्होंने बताया कि बागरा-चतरा रोड पर बाजराही मैदान के निकट प्रतिबंधित अफीम की अवैध खरीद-फरोख्त की विशिष्ट सूचना मिलने के बाद पहला अभियान चलाया गया।
सूचना के सत्यापन के पश्चात सिमरिया नगर गोजे के उपमंडल पुलिस अधिकारी शुभम भाऊ साहब के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। पुलिस के पहुँचते ही तस्करों ने भागने का प्रयास किया, किंतु सशस्त्र कर्मियों ने पीछा कर दो आरोपियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार आरोपी और बरामदगी
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सिमरिया के लुतिदिह निवासी जीवलाल गांझू और इचक काला निवासी मोहम्मद फैजान मलिक के रूप में हुई है। एसपी नैथानी के अनुसार, जीवलाल गांझू को इस अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क का कथित सरगना माना जा रहा है — वह स्थानीय स्तर पर अफीम प्राप्त करता था और मलिक के माध्यम से उत्तर प्रदेश, बिहार तथा अन्य राज्यों में उसकी आपूर्ति करता था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक टीवीएस लूना वाहन, उसके भंडारण डिब्बे में छिपाई गई 7 किलो 196 ग्राम अफीम और दो मोबाइल फोन बरामद किए। इसके अतिरिक्त, गांझू के आवास पर की गई छापेमारी में तीन बोरियों में छिपाकर रखी गई 78.4 किलो डोडा भी जब्त की गई।
तीसरी गिरफ्तारी और जारी तलाश
इस अभियान में एक तीसरे आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस अभी भी दो अन्य संदिग्धों — हैदर खान उर्फ दीवान और दिलावर खान — की तलाश में छापेमारी जारी रखे हुए है।
इस संयुक्त अभियान में सिमरिया सर्कल ऑफिसर, एसएचओ सूर्य प्रताप सिंह और एनडीपीएस पुलिस स्टेशन प्रभारी मोहम्मद शमी अंसारी की सक्रिय भूमिका रही।
आम जनता पर असर
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब झारखंड के कई जिलों में अफीम तस्करी के मामले बढ़ रहे हैं। चतरा जिला पहले भी अंतरराज्यीय नशा तस्करी के मार्ग के रूप में चिह्नित किया जा चुका है। गौरतलब है कि इस प्रकार के नेटवर्क स्थानीय स्तर पर कच्चा माल एकत्र कर बड़े शहरी बाजारों तक आपूर्ति करते हैं।
क्या होगा आगे
पुलिस अधीक्षक नैथानी ने संकेत दिया है कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी रहेगा। जब्त सामग्री और गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन की जाँच से नेटवर्क के अन्य सदस्यों तक पहुँचने की उम्मीद है।