झारखंड: चतरा में ₹50 लाख का 324 किलो अफीम डोडा जब्त, रामगढ़ में तीन तस्कर गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड पुलिस ने 21 मई 2026 को चतरा और रामगढ़ जिलों में अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ एक साथ बड़ी कार्रवाई करते हुए 324 किलोग्राम अफीम डोडा बरामद किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। चतरा में जब्त अफीम डोडे की अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कीमत लगभग ₹50 लाख आँकी गई है, जबकि रामगढ़ के पतरातू में ब्राउन शुगर और हेरोइन के साथ तीन युवकों को पकड़ा गया।
चतरा में कैसे हुई कार्रवाई
चतरा जिले के पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी ने बताया कि देर रात सूचना मिली कि लावालौंग थाना क्षेत्र के देल्हो से दो चारपहिया वाहनों के ज़रिए अफीम डोडे की तस्करी की जा रही है। इस सूचना पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सिमरिया नागर गोजे शुभम भाऊ साहेब के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल गठित किया गया।
चतरा-सिमरिया मुख्य मार्ग पर वाहन जाँच अभियान के दौरान पुलिस ने एक अर्टिगा और एक होंडा अमेज को रोकने का प्रयास किया। हालाँकि, दोनों वाहनों के चालक अंधेरे का फायदा उठाकर वाहन छोड़ जंगल की ओर फरार हो गए।
तलाशी में अर्टिगा से 169 किलोग्राम और होंडा अमेज से 155 किलोग्राम अफीम डोडा बरामद हुआ। पुलिस ने दोनों वाहनों को जब्त कर सिमरिया थाना में मामला दर्ज किया है। फरार तस्करों की तलाश जारी है।
रामगढ़ में तीन गिरफ्तार
रामगढ़ जिले के पतरातू में एंटी क्राइम चेकिंग के दौरान पुलिस ने मोटरसाइकिल सवार दो युवकों को रोककर तलाशी ली, जिसमें एक के पास से 9.57 ग्राम ब्राउन शुगर मिली। पूछताछ में दोनों ने बासल थाना क्षेत्र के अर्जुन कुमार महतो का नाम बताया, जिसे बाद में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
एसडीपीओ राघवेंद्र शर्मा ने बताया कि तीनों गिरफ्तार आरोपियों के पास से कुल मिलाकर करीब 10 ग्राम हेरोइन, एक मोटरसाइकिल, दो मोबाइल फोन और नकदी भी बरामद की गई। तीनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
व्यापक संदर्भ
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब झारखंड पुलिस राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ सघन अभियान चला रही है। गौरतलब है कि चतरा और आसपास के जिले पहले भी अफीम की अवैध खेती और तस्करी के मामलों में सुर्खियों में रहे हैं। पुलिस के अनुसार, फरार तस्करों की पहचान के लिए जाँच जारी है और जल्द ही गिरफ्तारी की उम्मीद है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि दोनों मामलों में आपूर्ति श्रृंखला का पता लगाने के लिए गहन जाँच की जाएगी। फरार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उनकी तलाश जारी है।