झारखंड में ब्राउन शुगर तस्करी पर शिकंजा: गोड्डा और चतरा में चार गिरफ्तार, ₹9 लाख की नशीली दवा जब्त
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड पुलिस ने 2 जून 2026 को गोड्डा और चतरा जिलों में एक साथ छापेमारी करते हुए ब्राउन शुगर की तस्करी में लिप्त चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों जिलों में की गई इस कार्रवाई में कुल 46.78 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत ₹9 लाख से अधिक बताई जा रही है। राज्य में नशीले पदार्थों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए पुलिस का यह अभियान लगातार जारी है।
चतरा में कार्रवाई: गुप्त सूचना पर छापा
चतरा जिले में गिद्धौर थाना क्षेत्र के जपुआ मैदान के समीप ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री की गुप्त सूचना मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल विशेष टीम गठित की। अंचल अधिकारी अनंत शयनम विश्वकर्मा और थाना प्रभारी पुरुषोत्तम अग्निहोत्री के नेतृत्व में की गई इस छापेमारी में जपुआ निवासी दीपक कुमार को गिरफ्तार किया गया।
आरोपी के पास से 44 ग्राम ब्राउन शुगर और एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। चतरा के डीएसपी मुख्यालय सुनील कुमार सिंह ने बताया कि जब्त ब्राउन शुगर की कीमत करीब ₹9 लाख है। जाँच के दौरान आरोपी के मोबाइल से मिले व्हाट्सएप चैट और तस्वीरों को साक्ष्य के रूप में संकलित किया गया है, जो तस्करी नेटवर्क की व्यापकता की ओर संकेत करते हैं।
गोड्डा में तीन तस्कर रंगे हाथ पकड़े गए
गोड्डा जिले में पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार को सूचना मिली कि खटनई और प्रतापपुर हटिया से आमड़ाकामत जाने वाली सड़क पर कुछ लोग ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री और सेवन के लिए एकत्र हैं। इस सूचना पर डीएसपी आकाश भारद्वाज के निर्देश में विशेष छापेमारी दल बनाया गया।
प्रतापपुर हटिया के पास कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सत्यजीत पासवान (19, खटनई निवासी), गौरव कुमार (22) और बालमुकुंद साह (40) को गिरफ्तार किया। तलाशी में तीनों के पास से 20 पुड़िया में पैक 2.78 ग्राम ब्राउन शुगर, एक सिगरेट का पैकेट और एक माचिस बरामद की गई।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
दोनों जिलों में पुलिस ने नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड के कई जिलों में ब्राउन शुगर की तस्करी एक गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है, और युवा वर्ग इसकी चपेट में आ रहा है।
आगे की जाँच और कार्रवाई
पुलिस सूत्रों के अनुसार, चतरा में बरामद मोबाइल के डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है। गौरतलब है कि झारखंड में यह हालिया महीनों में नशे के खिलाफ की गई बड़ी कार्रवाइयों की श्रृंखला का हिस्सा है। पुलिस का कहना है कि आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह ध्वस्त करने तक अभियान जारी रहेगा।