17 जुलाई 2026
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अरुणाचल कैबिनेट का ₹7,834 करोड़ का विकास पैकेज मंजूर, सड़क-बिजली-शिक्षा पर बड़ा दांव

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अरुणाचल कैबिनेट का ₹7,834 करोड़ का विकास पैकेज मंजूर, सड़क-बिजली-शिक्षा पर बड़ा दांव

सारांश

पेमा खांडू सरकार का ₹7,834 करोड़ का पैकेज महज बजट आवंटन नहीं — यह अरुणाचल की दीर्घकालिक संपर्क, ऊर्जा और मानव पूँजी की खाई पाटने की कोशिश है। सड़क से लेकर AI-संचालित HR प्रणाली तक, यह राज्य के शासन को ढाँचागत रूप से बदलने का सबसे बड़ा एकल प्रयास है।

मुख्य बातें

अरुणाचल प्रदेश कैबिनेट ने 17 जुलाई 2026 को ₹7,834 करोड़ के विकास पैकेज को मंजूरी दी।
सड़क संपर्क के लिए CMCSRDP चरण-2 हेतु ₹2,334 करोड़ और PMGSY से वंचित बस्तियों के लिए ₹2,000 करोड़ स्वीकृत।
बिजली बुनियादी ढाँचे के आधुनिकीकरण और AT&C नुकसान 18% तक लाने के लिए ₹2,000 करोड़ आवंटित; लक्ष्य मार्च 2029 ।
मिशन शिक्षित अरुणाचल के दूसरे चरण के लिए ₹1,500 करोड़ ; शिक्षक प्रशिक्षण और डिजिटल निगरानी पर जोर।
सेवानिवृत्त अग्निवीरों को वर्दीधारी सेवाओं में 20% आरक्षण और AI-संचालित ई-HRMS 2.0 प्लेटफॉर्म लॉन्च।
अरुणाचल ह्यूमन कैपिटल विजन 2036 के तहत 1 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण और 10,000 उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य।

मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अध्यक्षता में अरुणाचल प्रदेश कैबिनेट ने 17 जुलाई 2026 को ₹7,834 करोड़ के व्यापक विकास पैकेज को मंजूरी दी, जिसमें सड़क संपर्क, बिजली आधुनिकीकरण, शिक्षा सुधार और रोजगार से जुड़ी कई महत्त्वपूर्ण पहलें शामिल हैं। ईटानगर में हुई इस कैबिनेट बैठक को हाल के वर्षों में खांडू सरकार के सबसे बड़े एकल पैकेजों में गिना जा रहा है।

मुख्य घटनाक्रम: चार फ्लैगशिप योजनाओं को हरी झंडी

मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 2026-29 की अवधि के लिए चार प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं में निवेश को स्वीकृति दी गई। 'मुख्यमंत्री व्यापक राज्य सड़क विकास योजना' (CMCSRDP) के दूसरे चरण के लिए ₹2,334 करोड़ मंजूर किए गए, ताकि जिला मुख्यालयों, उप-मंडल मुख्यालयों और कैपिटल कॉम्प्लेक्स में संपर्क सुधारा जा सके। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पहले चरण के लंबित प्रोजेक्ट मार्च 2027 तक पूरे किए जाएं।

उन बस्तियों को हर मौसम में कनेक्टिविटी देने के लिए — जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के दायरे से बाहर हैं — CMCSRRDP के तहत अलग से ₹2,000 करोड़ स्वीकृत किए गए। यह ऐसे समय में आया है जब अरुणाचल प्रदेश की दूरदराज की आबादी वर्षा ऋतु में महीनों तक कटी रहती है।

बिजली और शिक्षा: आधुनिकीकरण की राह

'मुख्यमंत्री व्यापक राज्य बिजली विकास कार्यक्रम' (CMCSPDP) के अंतर्गत बिजली बुनियादी ढाँचे को उन्नत करने और मार्च 2029 तक एग्रीगेट टेक्निकल एंड कमर्शियल (AT&C) नुकसान को घटाकर 18 प्रतिशत तक लाने के लिए ₹2,000 करोड़ स्वीकृत किए गए। गौरतलब है कि अरुणाचल में AT&C नुकसान राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक रहा है, जो वितरण प्रणाली की पुरानी कमजोरी को दर्शाता है।

'मिशन शिक्षित अरुणाचल' (2026-29) के दूसरे चरण के लिए ₹1,500 करोड़ आवंटित किए गए। इसका उद्देश्य स्कूल बुनियादी ढाँचे की खामियाँ दूर करना, शिक्षक प्रशिक्षण को मजबूत करना, डिजिटल निगरानी बढ़ाना और सीखने के परिणामों में सुधार करना है।

गवर्नेंस और रोजगार सुधार

कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों की भर्ती से लेकर सेवानिवृत्ति तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए AI-संचालित ई-HRMS 2.0 (मानव संपदा) प्लेटफॉर्म लॉन्च किया और सभी विभागों को इसे शीघ्र अपनाने का निर्देश दिया।

रोजगार के मोर्चे पर एक महत्त्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कैबिनेट ने अरुणाचल प्रदेश के सेवानिवृत्त अग्निवीरों के लिए पुलिस, सशस्त्र पुलिस बटालियन, अग्निशमन सेवा, वन विभाग, जेल और अन्य वर्दीधारी सेवाओं में कॉन्स्टेबल तथा समकक्ष पदों पर 20 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दी।

उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ARUN MSME मिशन को स्वीकृति दी गई, जिसका लक्ष्य प्रतिवर्ष 500 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को पुनर्जीवित और उन्नत करना तथा बाजार पहुँच, निर्यात और क्षमता निर्माण में सहयोग देना है।

मानव पूँजी और स्वास्थ्य पहलें

कैबिनेट ने 'अरुणाचल ह्यूमन कैपिटल एंड इकोनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन विजन 2036' को भी मंजूरी दी। इसके तहत 1 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, 10,000 उद्यमी तैयार करना, 10,000 अप्रेंटिसशिप और विदेशी प्लेसमेंट, 100 उद्योग साझेदारियाँ बनाना और राज्य के सभी 10 ITI को आधुनिक कौशल केंद्रों में बदलना शामिल है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में सीएम केयर्स, मिशन सुरक्षा (नशे के विरुद्ध एकीकृत अभियान) और आयुष्मान आरोग्य शिविर30 दिन के राज्यव्यापी स्वास्थ्य शिविर — को स्वीकृति दी गई। यह अभियान प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य के अनुरूप है और इसमें टीबी की बड़े पैमाने पर जाँच, शीघ्र पहचान और उपचार पर विशेष जोर दिया जाएगा।

इसके अलावा, नोटिफाइड सैनिक स्कूलों और राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज, देहरादून के छात्रों के लिए मुख्यमंत्री फ्रंटियर सैनिक स्कूल छात्रवृत्ति योजना और भारतीय सेना के नेतृत्व में मेंटरशिप कार्यक्रम को भी मंजूरी दी गई।

क्या होगा आगे

कैबिनेट ने अरुणाचल प्रदेश एपिकल्चर एंड हनी पॉलिसी, 2026 को भी हरी झंडी दी, जिसका लक्ष्य वैज्ञानिक और व्यावसायिक मधुमक्खी पालन के जरिए राज्य को उत्तर-पूर्व भारत का प्रमुख शहद उत्पादक बनाना है। कारोबारी सुगमता के तहत विशेष लाइसेंस वाले व्यवसायों को अलग से ट्रेड लाइसेंस से छूट और 56 श्रेणियों के व्यवसायों के लिए नियामक दोहराव समाप्त किया गया। इन समस्त फैसलों के क्रियान्वयन की समयसीमा और निगरानी तंत्र पर सरकार की नजर रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

834 करोड़ का यह पैकेज आँकड़ों में प्रभावशाली है, लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी — अरुणाचल में पहले भी बड़ी सड़क और बिजली योजनाएँ समयसीमा चूकती रही हैं। CMCSRDP के पहले चरण के लंबित प्रोजेक्ट का मार्च 2027 तक पूरा करने का निर्देश इस बात का संकेत है कि पिछले वादे अधूरे रहे। अग्निवीर आरक्षण और ह्यूमन कैपिटल विजन 2036 जैसे फैसले युवाओं को लक्षित करते हैं, पर इनकी सफलता निजी क्षेत्र की भागीदारी और ITI के वास्तविक उन्नयन पर निर्भर करेगी — जो अब तक उत्तर-पूर्व में कमजोर कड़ी रही है।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अरुणाचल प्रदेश कैबिनेट का ₹7,834 करोड़ का पैकेज क्या है?
यह 17 जुलाई 2026 को मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अध्यक्षता में स्वीकृत विकास पैकेज है, जिसमें सड़क, बिजली, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी चार प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं के लिए 2026-29 की अवधि हेतु निवेश शामिल है। इसे हाल के वर्षों में खांडू सरकार का सबसे बड़ा एकल पैकेज बताया जा रहा है।
सड़क संपर्क के लिए कितनी राशि मंजूर की गई?
CMCSRDP के दूसरे चरण के लिए ₹2,334 करोड़ और PMGSY से बाहर की बस्तियों को हर मौसम में कनेक्टिविटी देने के लिए अलग से ₹2,000 करोड़ मंजूर किए गए। पहले चरण के लंबित प्रोजेक्ट मार्च 2027 तक पूरे करने का निर्देश दिया गया है।
अरुणाचल में अग्निवीरों को क्या लाभ मिलेगा?
कैबिनेट ने राज्य के सेवानिवृत्त अग्निवीरों के लिए पुलिस, सशस्त्र पुलिस बटालियन, अग्निशमन सेवा, वन विभाग, जेल और अन्य वर्दीधारी सेवाओं में कॉन्स्टेबल तथा समकक्ष पदों पर 20 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दी है। यह निर्णय केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के तहत सेवानिवृत्त युवाओं को राज्य सेवाओं में प्राथमिकता देने की दिशा में एक कदम है।
मिशन शिक्षित अरुणाचल के दूसरे चरण में क्या शामिल है?
इस चरण के लिए ₹1,500 करोड़ आवंटित किए गए हैं। इसमें स्कूल बुनियादी ढाँचे की कमियाँ दूर करना, शिक्षक प्रशिक्षण को सुदृढ़ करना, डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू करना और सीखने के परिणामों में सुधार करना शामिल है।
अरुणाचल ह्यूमन कैपिटल विजन 2036 का लक्ष्य क्या है?
इस विजन के तहत 1 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, 10,000 उद्यमी तैयार करना, 10,000 अप्रेंटिसशिप और विदेशी प्लेसमेंट, 100 उद्योग साझेदारियाँ और सभी 10 ITI को आधुनिक कौशल केंद्रों में बदलना शामिल है।
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