अरुणाचल कैबिनेट का ₹7,834 करोड़ का विकास पैकेज मंजूर, सड़क-बिजली-शिक्षा पर बड़ा दांव
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री पेमा खांडू की अध्यक्षता में अरुणाचल प्रदेश कैबिनेट ने 17 जुलाई 2026 को ₹7,834 करोड़ के व्यापक विकास पैकेज को मंजूरी दी, जिसमें सड़क संपर्क, बिजली आधुनिकीकरण, शिक्षा सुधार और रोजगार से जुड़ी कई महत्त्वपूर्ण पहलें शामिल हैं। ईटानगर में हुई इस कैबिनेट बैठक को हाल के वर्षों में खांडू सरकार के सबसे बड़े एकल पैकेजों में गिना जा रहा है।
मुख्य घटनाक्रम: चार फ्लैगशिप योजनाओं को हरी झंडी
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, 2026-29 की अवधि के लिए चार प्रमुख फ्लैगशिप योजनाओं में निवेश को स्वीकृति दी गई। 'मुख्यमंत्री व्यापक राज्य सड़क विकास योजना' (CMCSRDP) के दूसरे चरण के लिए ₹2,334 करोड़ मंजूर किए गए, ताकि जिला मुख्यालयों, उप-मंडल मुख्यालयों और कैपिटल कॉम्प्लेक्स में संपर्क सुधारा जा सके। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पहले चरण के लंबित प्रोजेक्ट मार्च 2027 तक पूरे किए जाएं।
उन बस्तियों को हर मौसम में कनेक्टिविटी देने के लिए — जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के दायरे से बाहर हैं — CMCSRRDP के तहत अलग से ₹2,000 करोड़ स्वीकृत किए गए। यह ऐसे समय में आया है जब अरुणाचल प्रदेश की दूरदराज की आबादी वर्षा ऋतु में महीनों तक कटी रहती है।
बिजली और शिक्षा: आधुनिकीकरण की राह
'मुख्यमंत्री व्यापक राज्य बिजली विकास कार्यक्रम' (CMCSPDP) के अंतर्गत बिजली बुनियादी ढाँचे को उन्नत करने और मार्च 2029 तक एग्रीगेट टेक्निकल एंड कमर्शियल (AT&C) नुकसान को घटाकर 18 प्रतिशत तक लाने के लिए ₹2,000 करोड़ स्वीकृत किए गए। गौरतलब है कि अरुणाचल में AT&C नुकसान राष्ट्रीय औसत से काफी अधिक रहा है, जो वितरण प्रणाली की पुरानी कमजोरी को दर्शाता है।
'मिशन शिक्षित अरुणाचल' (2026-29) के दूसरे चरण के लिए ₹1,500 करोड़ आवंटित किए गए। इसका उद्देश्य स्कूल बुनियादी ढाँचे की खामियाँ दूर करना, शिक्षक प्रशिक्षण को मजबूत करना, डिजिटल निगरानी बढ़ाना और सीखने के परिणामों में सुधार करना है।
गवर्नेंस और रोजगार सुधार
कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों की भर्ती से लेकर सेवानिवृत्ति तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बनाने के लिए AI-संचालित ई-HRMS 2.0 (मानव संपदा) प्लेटफॉर्म लॉन्च किया और सभी विभागों को इसे शीघ्र अपनाने का निर्देश दिया।
रोजगार के मोर्चे पर एक महत्त्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कैबिनेट ने अरुणाचल प्रदेश के सेवानिवृत्त अग्निवीरों के लिए पुलिस, सशस्त्र पुलिस बटालियन, अग्निशमन सेवा, वन विभाग, जेल और अन्य वर्दीधारी सेवाओं में कॉन्स्टेबल तथा समकक्ष पदों पर 20 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी दी।
उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए ARUN MSME मिशन को स्वीकृति दी गई, जिसका लक्ष्य प्रतिवर्ष 500 सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) को पुनर्जीवित और उन्नत करना तथा बाजार पहुँच, निर्यात और क्षमता निर्माण में सहयोग देना है।
मानव पूँजी और स्वास्थ्य पहलें
कैबिनेट ने 'अरुणाचल ह्यूमन कैपिटल एंड इकोनॉमिक ट्रांसफॉर्मेशन विजन 2036' को भी मंजूरी दी। इसके तहत 1 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, 10,000 उद्यमी तैयार करना, 10,000 अप्रेंटिसशिप और विदेशी प्लेसमेंट, 100 उद्योग साझेदारियाँ बनाना और राज्य के सभी 10 ITI को आधुनिक कौशल केंद्रों में बदलना शामिल है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सीएम केयर्स, मिशन सुरक्षा (नशे के विरुद्ध एकीकृत अभियान) और आयुष्मान आरोग्य शिविर — 30 दिन के राज्यव्यापी स्वास्थ्य शिविर — को स्वीकृति दी गई। यह अभियान प्रधानमंत्री के टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य के अनुरूप है और इसमें टीबी की बड़े पैमाने पर जाँच, शीघ्र पहचान और उपचार पर विशेष जोर दिया जाएगा।
इसके अलावा, नोटिफाइड सैनिक स्कूलों और राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज, देहरादून के छात्रों के लिए मुख्यमंत्री फ्रंटियर सैनिक स्कूल छात्रवृत्ति योजना और भारतीय सेना के नेतृत्व में मेंटरशिप कार्यक्रम को भी मंजूरी दी गई।
क्या होगा आगे
कैबिनेट ने अरुणाचल प्रदेश एपिकल्चर एंड हनी पॉलिसी, 2026 को भी हरी झंडी दी, जिसका लक्ष्य वैज्ञानिक और व्यावसायिक मधुमक्खी पालन के जरिए राज्य को उत्तर-पूर्व भारत का प्रमुख शहद उत्पादक बनाना है। कारोबारी सुगमता के तहत विशेष लाइसेंस वाले व्यवसायों को अलग से ट्रेड लाइसेंस से छूट और 56 श्रेणियों के व्यवसायों के लिए नियामक दोहराव समाप्त किया गया। इन समस्त फैसलों के क्रियान्वयन की समयसीमा और निगरानी तंत्र पर सरकार की नजर रहेगी।