अरुणाचल प्रदेश में 2,920 मेगावाट की दो हाइड्रो परियोजनाओं को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी, बुनियादी ढांचे और रोजगार को मिलेगी नई दिशा

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अरुणाचल प्रदेश में 2,920 मेगावाट की दो हाइड्रो परियोजनाओं को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी, बुनियादी ढांचे और रोजगार को मिलेगी नई दिशा

सारांश

केंद्रीय कैबिनेट ने अरुणाचल प्रदेश में दो बड़े जलविद्युत परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इससे बिजली उत्पादन, बुनियादी ढांचे और रोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव आने की उम्मीद है।

Key Takeaways

  • केंद्रीय कैबिनेट ने अरुणाचल प्रदेश में दो जलविद्युत परियोजनाओं को मंजूरी दी।
  • इसमें कुल 40,000 करोड़ रुपए का निवेश होगा।
  • राज्य को 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली मिलेगी।
  • परियोजनाएं बुनियादी ढांचे और रोजगार को बढ़ावा देंगी।
  • कालई-II और कमला प्रोजेक्ट्स से सड़कें और पुलों का निर्माण होगा।

नई दिल्ली, 8 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (सीसीईए) ने बुधवार को अरुणाचल प्रदेश में दो महत्वपूर्ण जलविद्युत परियोजनाओं की मंजूरी प्रदान की है। इन परियोजनाओं में कुल 40,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जाएगा, जिससे राज्य में बिजली उत्पादन, इंफ्रास्ट्रक्चर और रोजगार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण परिवर्तन की उम्मीद है।

पहली परियोजना, कालई-II हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट, अरुणाचल प्रदेश के अंजॉ जिले में लोहित नदी पर विकसित की जाएगी। इस परियोजना की कुल लागत 14,105.83 करोड़ रुपए होगी और इसे पूरा करने में लगभग 78 महीने का समय लगेगा। 1200 मेगावाट क्षमता वाले इस प्रोजेक्ट से हर साल करीब 4852.95 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन की संभावना है। यह लोहित बेसिन की पहली हाइड्रो परियोजना होगी, जो राज्य में बिजली आपूर्ति को मजबूत करने के साथ-साथ राष्ट्रीय ग्रिड के संतुलन में भी महत्वपूर्ण योगदान देगी।

यह परियोजना टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड और अरुणाचल प्रदेश सरकार के संयुक्त उपक्रम के माध्यम से लागू की जाएगी। केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट के लिए सड़कों, पुलों और ट्रांसमिशन लाइन जैसे बुनियादी ढांचे के विकास हेतु 599.88 करोड़ रुपए की सहायता देगी, साथ ही राज्य की इक्विटी हिस्सेदारी के लिए 750 करोड़ रुपए की केंद्रीय वित्तीय सहायता भी प्रदान की जाएगी। इस परियोजना से राज्य को 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली मिलेगी, जबकि 1 प्रतिशत बिजली स्थानीय क्षेत्र विकास कोष (एलएडीएफ) के लिए निर्धारित की जाएगी।

अतिरिक्त रूप से, कैबिनेट ने कमला हाइड्रो इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट को भी मंजूरी दी है, जिसकी क्षमता 1720 मेगावाट है और इस पर 26,069.50 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। यह परियोजना अरुणाचल प्रदेश के कामले, क्रा दादी और कुरुंग कुमेय जिलों में विकसित की जाएगी और इसे पूरा करने में लगभग 96 महीने का समय लगेगा। इस प्रोजेक्ट से हर साल लगभग 6870 मिलियन यूनिट बिजली उत्पादन होने की संभावना है।

कमला परियोजना को एनएचपीसी लिमिटेड और अरुणाचल प्रदेश सरकार के संयुक्त उपक्रम के तहत लागू किया जाएगा। केंद्र सरकार इस प्रोजेक्ट में बाढ़ नियंत्रण के लिए 4743.98 करोड़ रुपए और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 1340 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त, राज्य को यहां भी 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली और 1 प्रतिशत एलएडीएफ के लिए आवंटन मिलेगा।

इन दोनों परियोजनाओं से अरुणाचल प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास होगा। कालई-II प्रोजेक्ट के तहत लगभग 29 किलोमीटर सड़कों और पुलों का निर्माण किया जाएगा, जबकि कमला प्रोजेक्ट में करीब 196 किलोमीटर सड़क और पुल विकसित किए जाएंगे। इसके साथ ही अस्पताल, स्कूल और बाजार जैसी आवश्यक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से न केवल बिजली उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे और क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलेगी। इसके अलावा, ये परियोजनाएं पूर्वोत्तर भारत को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।

Point of View

बल्कि क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास को भी गति प्रदान करेंगी।
NationPress
12/04/2026

Frequently Asked Questions

इन परियोजनाओं का कुल निवेश कितना है?
इन परियोजनाओं के तहत कुल 40,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश किया जाएगा।
कमला हाइड्रो प्रोजेक्ट की क्षमता क्या है?
कमला हाइड्रो प्रोजेक्ट की क्षमता 1720 मेगावाट है।
राज्य को कितनी मुफ्त बिजली मिलेगी?
इन परियोजनाओं से राज्य को 12 प्रतिशत मुफ्त बिजली मिलेगी।
प्रोजेक्ट्स के तहत कितनी सड़कें बनाई जाएंगी?
कालई-II प्रोजेक्ट के तहत लगभग 29 किलोमीटर और कमला प्रोजेक्ट के तहत करीब 196 किलोमीटर सड़कें बनाई जाएंगी।
ये परियोजनाएं कब पूरी होंगी?
कालई-II प्रोजेक्ट को पूरा करने में लगभग 78 महीने और कमला प्रोजेक्ट को पूरा करने में लगभग 96 महीने का समय लगेगा।
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