गौतम अदाणी ने आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त किया, कहा- उनकी विरासत पीढ़ियों तक जीवित रहेगी

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गौतम अदाणी ने आशा भोसले के निधन पर शोक व्यक्त किया, कहा- उनकी विरासत पीढ़ियों तक जीवित रहेगी

सारांश

आशा भोसले के निधन पर गौतम अदाणी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि उनकी अमर धरोहर आने वाली पीढ़ियों तक गूंजती रहेगी। जानें इस महान गायिका के जीवन और उनके योगदान के बारे में।

Key Takeaways

  • आशा भोसले का निधन संगीत की दुनिया के लिए बड़ी क्षति है।
  • गौतम अदाणी ने उनकी अमर विरासत की प्रशंसा की।
  • आशा भोसले ने अपने करियर में 12,000 से अधिक गाने गाए।
  • उन्हें कई प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।
  • उनका संगीत आज भी लोगों के दिलों में जीवित है।

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। संगीत की दुनिया की एक अद्वितीय व्यक्तित्व, आशा भोसले के निधन पर देश के प्रमुख उद्योगपति गौतम अदाणी ने रविवार को गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनकी अमर विरासत आने वाली पीढ़ियों तक गूंजती रहेगी।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर, गौतम अदाणी ने आशा भोसले के प्रसिद्ध गाने "अभी ना जाना छोड़ कर, कि दिल अभी भरा नहीं..." का जिक्र करते हुए लिखा, "भारत का दिल आशा जी को खोने के लिए कभी तैयार नहीं था। उन्होंने एक अमर धरोहर छोड़ी है जो घरों, यादों और पीढ़ियों में गूंजेगी। आपकी मधुर धुनें अमर हैं। ऊं शांति।"

महान गायिका आशा भोसले की स्वास्थ्य स्थिति पिछले कुछ समय से खराब चल रही थी और उन्होंने 92 वर्ष की आयु में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली।

आशा भोसले के बेटे आनंद ने मीडिया को बताया कि सोमवार सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक उनके पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन होंगे और शाम 4 बजे शिवाजी पार्क में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।

आशा भोसले का नाम भारतीय संगीत के इतिहास में हमेशा स्वर्णाक्षरों में लिखा जाएगा। उन्होंने अपने करियर में आठ दशकों से अधिक समय तक संगीत के क्षेत्र में सक्रिय रहकर हजारों गाने गाए। उनकी आवाज़ में एक विशेष जादू था, जिसने हर पीढ़ी के लोगों को आकर्षित किया। उन्होंने लगभग 12,000 से ज्यादा गाने गाए, जो अपने आप में एक अद्वितीय रिकॉर्ड है।

उनके गाए कई गाने आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। "पिया तू अब तो आजा", "दम मारो दम", "ये मेरा दिल", "चुरा लिया है तुमने", "इन आंखों की मस्ती के" और "दिल चीज़ क्या है" जैसे गीतों ने उन्हें अमर बना दिया।

उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए, उन्हें कई प्रमुख पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्होंने दादा साहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म विभूषण, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और कई फिल्मफेयर पुरस्कार प्राप्त किए। वह दुनिया के सबसे अधिक गाने रिकॉर्ड करने वाले कलाकारों में भी शामिल रहीं।

Point of View

NationPress
13/04/2026

Frequently Asked Questions

आशा भोसले का निधन कब हुआ?
आशा भोसले का निधन 12 अप्रैल को हुआ।
गौतम अदाणी ने आशा भोसले के लिए क्या कहा?
गौतम अदाणी ने कहा कि उनकी अमर विरासत आने वाली पीढ़ियों तक गूंजती रहेगी।
आशा भोसले के अंतिम संस्कार की तिथि क्या है?
उनका अंतिम संस्कार 13 अप्रैल को शिवाजी पार्क में किया जाएगा।
आशा भोसले ने अपने करियर में कितने गाने गाए?
आशा भोसले ने लगभग 12,000 गाने गाए हैं।
उन्हें कौन-कौन से पुरस्कार मिले हैं?
उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म विभूषण, और कई फिल्मफेयर पुरस्कार मिले हैं।
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