पद्म विभूषण आशा भोसले का निधन, देशभर में शोक की लहर

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पद्म विभूषण आशा भोसले का निधन, देशभर में शोक की लहर

सारांश

प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले का निधन भारतीय संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका योगदान और मधुर आवाज सदैव याद की जाएगी। आइए जानते हैं उनके निधन पर विभिन्न नेताओं की प्रतिक्रियाएं।

Key Takeaways

  • आशा भोसले का निधन भारतीय संगीत जगत की अपूरणीय क्षति है।
  • उनकी आवाज़ ने कई पीढ़ियों को जोड़ा।
  • विभिन्न राजनीतिक हस्तियों ने शोक व्यक्त किया।
  • आशा जी के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा।
  • उनका संगीत आज भी लोगों के दिलों में जीवित है।

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। पद्म विभूषण से सम्मानित और अपनी गायकी से दुनियाभर में जादू बिखेरने वाली प्रख्यात गायिका आशा भोसले ने रविवार को अंतिम सांस ली। उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में 92 वर्ष की उम्र में विदाई ली। उनके बेटे आनंद भोसले ने इस दुखद समाचार की पुष्टि की। आशा भोसले के निधन की सूचना मिलते ही संगीत, राजनीति और खेल जगत की कई हस्तियों ने गहरा दुख व्यक्त किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी समेत विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने आशा भोसले के निधन पर शोक प्रकट किया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर लिखा, "भारतीय संगीत के क्षेत्र की महान सुर-साधिका, पद्म विभूषण आशा भोसले जी का निधन अत्यंत दुखद है। उनकी अद्वितीय गायकी ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। उनकी मधुर आवाज सदैव हमारे दिलों में गूंजती रहेगी।"

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने लिखा, "आज का दिन भारतीय संगीत जगत के लिए अत्यंत दुखद है। आशा जी ने संगीत की दुनिया को छह दशकों तक समृद्ध किया। उनका योगदान अमूल्य है।"

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, "मैं आशा दीदी से कहना चाहता था, 'अभी ना जाओ छोड़ कर', लेकिन आज उनकी आवाज खामोश है। उनका जाना एक ऐसा खालीपन छोड़ गया है जिसे भरा नहीं जा सकता। उनकी आवाजें हमेशा जीवित रहेंगी।"

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा, "आशा भोसले जी का निधन अत्यंत दुखद है। उन्होंने दशकों तक भारतीय संगीत को समृद्ध किया। उनका योगदान सदैव अमर रहेगा।"

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लिखा, "संगीत का वह स्वर्णिम स्वर आज मौन हो गया। आशा भोसले जी का जाना भारतीय संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।"

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, "आशा भोसले जी का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उनकी जादुई आवाज ने भारतीय संगीत को वैश्विक पहचान दिलाई।"

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लिखा, "महान संगीत प्रतिभा आशा भोसले के निधन पर मैं अत्यंत दुखी हूं। उन्होंने पीढ़ियों तक हमारे दिलों को छुआ।"

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा, "आशा जी भारतीय संगीत की एक युगधारा थीं। उनका जाना पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है।"

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने लिखा, "आशा भोसले जी का निधन भारतीय संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनकी आवाज कई पीढ़ियों के दिलों को छू गई है।"

Point of View

बल्कि संगीत जगत के लिए भी एक बड़ी क्षति है। उनकी आवाज ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया। विभिन्न नेताओं ने उनके योगदान को सराहा है और शोक व्यक्त किया है। यह एक ऐसा क्षण है जहाँ हम सभी को उनकी याद और कला को सम्मान देने की आवश्यकता है।
NationPress
15/04/2026

Frequently Asked Questions

आशा भोसले का निधन कब हुआ?
आशा भोसले का निधन 12 अप्रैल को हुआ।
आशा भोसले को कौन सा पुरस्कार मिला था?
उन्हें पद्म विभूषण जैसे कई पुरस्कार मिले थे।
आशा भोसले ने कितने दशकों तक गायन किया?
उन्होंने लगभग छह दशकों तक गायन किया।
आशा भोसले के निधन पर किसने शोक व्यक्त किया?
कई नेताओं ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया, जिनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हैं।
आशा भोसले को किसने अंतिम विदाई दी?
उनके बेटे आनंद भोसले ने उनके निधन की पुष्टि की।
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