आशा भोसले के निधन पर बांग्लादेश के उच्चायुक्त ने शोक व्यक्त किया, 'वह हमेशा हमारी यादों में रहेंगी'

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आशा भोसले के निधन पर बांग्लादेश के उच्चायुक्त ने शोक व्यक्त किया, 'वह हमेशा हमारी यादों में रहेंगी'

सारांश

बांग्लादेश के उच्चायुक्त ने आशा भोसले की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। उनका संगीत और योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। जानें इस दिग्गज कलाकार के जीवन और कार्यों के बारे में।

Key Takeaways

  • आशा भोसले का निधन भारतीय संगीत जगत के लिए एक बड़ी हानि है।
  • उन्होंने 12,000 से अधिक गाने गाए, जो एक रिकॉर्ड है।
  • उन्हें कई महत्वपूर्ण पुरस्कारों से नवाजा गया।
  • उनका संगीत आज भी लोगों के दिलों में जीवित है।
  • उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

नई दिल्ली, 12 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। संगीत की दुनिया की महान हस्ती आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उन्हें स्नेह से 'आशा ताई' के नाम से भी जाना जाता था। उनके निधन ने न केवल मनोरंजन क्षेत्र में, बल्कि पूरे देश में शोक की लहर पैदा कर दी है। भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह ने भी उनके प्रति श्रद्धांजलि अर्पित की।

उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह ने सोशल मीडिया पर लिखा, "बांग्लादेश की कई पीढ़ियों ने पद्म विभूषण, आशा भोसले जी (92) के निधन पर गहरा दु:ख प्रकट किया है। भले ही वह भारत की थीं, लेकिन सीमाओं के पार लाखों लोग उनकी आवाज़ के दीवाने रहे हैं। वह हमेशा हमारे बांग्लादेश की यादों में जीवित रहेंगी, उनके 12,000 से अधिक अमर गानों के कारण और मेरे लिए तो बॉलीवुड की फिल्म 'उमरावजान' और 'सौदागर' में उनके गाए मेरे पसंदीदा गानों की वजह से।"

आशा भोसले का नाम भारतीय संगीत के इतिहास में सुनहरे अक्षरों से लिखा जाएगा। उन्होंने अपने करियर में आठ दशकों से ज्यादा समय तक संगीत की दुनिया में सक्रिय रहते हुए हजारों गाने गाए। उनकी आवाज़ में एक विशेष जादू था, जिसने हर पीढ़ी के लोगों को आकर्षित किया। उन्होंने लगभग 12,000 गाने गाए, जो अपने आप में एक अद्वितीय रिकॉर्ड है।

उनके गाए कई गीत आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। 'पिया तू अब तो आजा', 'दम मारो दम', 'ये मेरा दिल', 'चुरा लिया है तुमने', 'इन आंखों की मस्ती के' और 'दिल चीज क्या है' जैसे गाने उन्हें अमर बना गए।

उनके योगदान के लिए उन्हें कई महत्वपूर्ण पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म विभूषण, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और कई फिल्मफेयर अवॉर्ड्स से नवाजा गया। वह विश्व में सबसे अधिक गाने रिकॉर्ड करने वाले कलाकारों में भी शामिल थीं।

स्वर कोकिला लता मंगेशकर की छोटी बहन आशा भोसले के निधन की पुष्टि करते हुए उनके बेटे आनंद ने मीडिया को बताया कि सोमवार सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक अंतिम दर्शन होंगे और 4 बजे शिवाजी पार्क में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।

वहीं, डॉक्टर प्रतीत समदानी ने कहा कि यह एक बड़ी दुखद खबर है कि आशा भोसले जी का निधन हो गया है। उन्हें मल्टी ऑर्गन फेलियर था, जिसके चलते उन्होंने अंतिम सांस ली।

Point of View

NationPress
13/04/2026

Frequently Asked Questions

आशा भोसले का निधन कब हुआ?
आशा भोसले का निधन 12 अप्रैल को हुआ।
उन्हें कौन-कौन से पुरस्कार मिले?
उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म विभूषण, और कई फिल्मफेयर अवार्ड्स मिले।
आशा भोसले ने कितने गाने गाए?
आशा भोसले ने लगभग 12,000 गाने गाए।
आशा भोसले के अंतिम संस्कार की तारीख क्या है?
उनका अंतिम संस्कार 12 अप्रैल को शिवाजी पार्क में किया जाएगा।
उनकी आवाज़ का क्या खासियत थी?
उनकी आवाज़ में एक अद्वितीय जादू था, जिसने हर पीढ़ी के लोगों को आकर्षित किया।
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