अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार, 1 अगस्त को पुणे में होगा सम्मान समारोह
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में उनके असाधारण योगदान के लिए प्रतिष्ठित लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। लोकमान्य तिलक मेमोरियल ट्रस्ट ने सर्वसम्मति से उनका नाम इस वर्ष के पुरस्कार के लिए चुना है। यह समारोह 1 अगस्त को पुणे में आयोजित होगा।
पुरस्कार का इतिहास और महत्व
लोकमान्य तिलक मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. रोहित तिलक ने बताया कि इस पुरस्कार की स्थापना वर्ष 1983 में हुई थी। तब से यह सम्मान उद्योग, अर्थशास्त्र, विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को प्रदान किया जाता रहा है। ट्रस्ट का उद्देश्य ऐसे व्यक्तित्वों की उपलब्धियों को समाज और नई पीढ़ी के सामने रखना है, ताकि वे प्रेरणा ले सकें। गौरतलब है कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में योगदान के लिए यह पुरस्कार पहली बार दिया जा रहा है।
डोभाल के चयन की वजह
डॉ. रोहित तिलक ने बताया कि जब ट्रस्ट के सभी सदस्यों ने इस वर्ष के पुरस्कार पर विचार-विमर्श किया, तो अजीत डोभाल का नाम सर्वसम्मति से सामने आया। उन्होंने कहा कि डोभाल ने अपने पूरे करियर में देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और कम उम्र में ही खुफिया तंत्र में सेवाएँ शुरू कर दी थीं। कई चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना राष्ट्रहित में कार्य किया।
डॉ. तिलक ने ऑपरेशन सिंदूर, बालाकोट एयर स्ट्राइक और सर्जिकल स्ट्राइक जैसे अभियानों में डोभाल की विशेष भूमिका का उल्लेख किया और कहा कि देश की सुरक्षा एवं रणनीतिक निर्णयों में उनके योगदान को व्यापक रूप से सराहा गया है। ट्रस्ट ने यह भी पुष्टि की कि डोभाल ने इस सम्मान को स्वीकार कर लिया है।
समारोह में कौन होगा शामिल
पुरस्कार समारोह 1 अगस्त को पुणे में आयोजित किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी समारोह में शामिल होंगे। देश के विभिन्न क्षेत्रों की अनेक प्रमुख हस्तियों के भी इस अवसर पर उपस्थित रहने की संभावना है।
राष्ट्रीय सुरक्षा में एक नई पहचान
यह पहली बार है जब लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार किसी ऐसे व्यक्ति को दिया जा रहा है जिन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में अपना जीवन समर्पित किया। इस निर्णय को व्यापक रूप से एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जो रक्षा और खुफिया तंत्र में कार्यरत लोगों के योगदान को मुख्यधारा की मान्यता दिलाता है। आने वाले समय में यह पुरस्कार समारोह राष्ट्रीय सुरक्षा नीति पर व्यापक चर्चा का मंच भी बन सकता है।