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क्या शासन राष्ट्र की सुरक्षा और लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण है?: अजीत डोभाल

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क्या शासन राष्ट्र की सुरक्षा और लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण है?: अजीत डोभाल

सारांश

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने शुक्रवार को शासन की भूमिका पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। उनका कहना है कि मजबूत शासन न केवल राष्ट्र की सुरक्षा के लिए, बल्कि आम आदमी की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए भी आवश्यक है। जानें, उन्होंने क्या कहा।

मुख्य बातें

शासन राष्ट्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण है।
आम आदमी की आकांक्षाएं बढ़ी हैं।
संस्थागत भ्रष्टाचार को रोकने के लिए उपाय आवश्यक हैं।
महिलाओं का सशक्तिकरण जरूरी है।
तकनीक का सही उपयोग आवश्यक है।

नई दिल्ली, 31 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने शुक्रवार को कहा कि शासन राष्ट्र निर्माण और सुरक्षा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे राष्ट्र अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और आम आदमी की आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम होता है।

एनएसए अजीत डोभाल ने राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर व्याख्यान देते हुए यह उल्लेख किया कि शासन में एक नई चुनौती आम आदमी को संतुष्ट रखने की बढ़ती आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि आम आदमी अधिक जागरूक और आकांक्षी हो गया है, उसकी राज्य से अधिक अपेक्षाएं हैं और राज्य का भी उसे संतुष्ट रखने में निहित स्वार्थ है। कमजोर शासन को शासन परिवर्तन का एक संभावित कारण बताते हुए उन्होंने बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल और अन्य देशों में गैर-संस्थागत तरीकों से शासन परिवर्तन के उदाहरण दिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासन मॉडल की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत एक निश्चित प्रकार के शासन, सरकार और सामाजिक संरचना से, बल्कि वैश्विक व्यवस्था में अपने स्थान से भी एक व्यापक बदलाव कर रहा है।

उन्होंने संस्थागत भ्रष्टाचार को रोकने के लिए वर्तमान सरकार द्वारा किए गए संस्थागत परिवर्तनों पर भी प्रकाश डाला, जिससे संकेत मिलता है कि संभवतः और भी उपाय किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जब भी कोई बदलाव आता है तो सबसे जरूरी है आपकी दूरदर्शिता की स्पष्टता, धूल और तूफानों से अंधे न हो जाना, शोर और धमकियों से घबराना नहीं और विपरीत परिस्थितियों से हार न मानना।

उन्होंने कहा कि आपको खुद को सुसज्जित और तैयार करना होगा। सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन इसी के बारे में था। उन्होंने इस बात पर ध्यान दिया कि कैसे उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के एक योद्धा के रूप में भूमिका निभाई, महात्मा गांधी और उनके सभी उपक्रमों का समर्थन किया, और स्वतंत्रता के बाद के युग में 500 से ज्यादा रियासतों का एकीकरण करके देश का एकीकरण किया।

डोभाल ने अखिल भारतीय सेवा संरचना के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल के दृष्टिकोण को भी श्रेय दिया, जिसने देश को मजबूत शासन दिया। सुशासन के एक प्रमुख अंग के रूप में उन्होंने सुरक्षा की आवश्यकता और महिलाओं को समानता और सशक्तिकरण की भावना देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि आधुनिक नई दुनिया में सुशासन के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण आवश्यक है। मेरा मानना है कि न केवल अच्छे कानून, अच्छी संरचनाएं और अच्छी व्यवस्थाएं होना जरूरी हैं, बल्कि उससे भी ज्यादा जरूरी है कि उन्हें प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।

डोभाल ने शासन में तकनीक के इस्तेमाल की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने आगे कहा कि हमें ऐसी तकनीक का उपयोग करना होगा जो अधिक पारदर्शिता, जवाबदेही और आम आदमी तक सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करे। उन्होंने कहा कि हमें समाज को साइबर खतरों या तकनीक से उत्पन्न होने वाले कई अन्य खतरों से बचाना होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि शासन का प्रभाव सीधे तौर पर एक राष्ट्र की सुरक्षा और समृद्धि से जुड़ा है। जब शासन मजबूत और पारदर्शी होता है, तो यह नागरिकों के विश्वास को बढ़ाता है और राष्ट्र को आगे बढ़ाता है।
RashtraPress
12 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अजीत डोभाल ने शासन के बारे में क्या कहा?
उन्होंने कहा कि शासन राष्ट्र निर्माण और सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
क्या महिलाओं का सशक्तिकरण जरूरी है?
जी हाँ, उन्होंने कहा कि आधुनिक दुनिया में सुशासन के लिए महिलाओं का सशक्तिकरण आवश्यक है।
डोभाल ने शासन में तकनीक के उपयोग पर क्या कहा?
उन्होंने तकनीक के इस्तेमाल की जरूरत पर जोर दिया, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ सके।
राष्ट्र प्रेस
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