एनएसए डोभाल का मॉस्को फोरम में कड़ा संदेश: आतंकवाद पर दोहरा मापदंड बर्दाश्त नहीं
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने गुरुवार, 28 मई को मॉस्को में आयोजित पहले अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा फोरम में स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवाद के विरुद्ध संघर्ष में दोहरे मापदंड की कोई गुंजाइश नहीं है। उन्होंने विश्व के जिम्मेदार देशों को चेताया कि उन्हें यह तय करना होगा कि वे आतंक के पोषकों का साथ देते हैं या निर्णायक कार्रवाई से उनका मुकाबला करते हैं।
फोरम में डोभाल का संबोधन
रूसी संघ की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु की मेजबानी में आयोजित इस फोरम में दर्जनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और सुरक्षा प्रमुख मौजूद थे। यह सुरक्षा मामलों के उच्च प्रतिनिधियों की 14वीं बैठक थी, जिसमें 'बहुपक्षीय विश्व के उभरते संदर्भ में अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौतियाँ और खतरे' विषय पर मंथन हुआ।
डोभाल ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर विशेष ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि होर्मुज जलसंधि और लाल सागर सहित अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों पर व्यापार की सुरक्षित और निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करना आज की सबसे बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है।
भारतीय दूतावास ने एक्स पर साझा किया संदेश
मॉस्को स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर डोभाल की टिप्पणियों को उद्धृत करते हुए लिखा: 'चर्चा के दौरान, एनएसए ने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मापदंड नहीं हो सकते। जिम्मेदार देशों को अपने विकल्पों का मूल्यांकन करना होगा और यह तय करना होगा कि वे आतंकवाद के स्पॉन्सरों का समर्थन करते हैं या निर्णायक कार्रवाई से उनका मुकाबला करते हैं।'
शोइगु से द्विपक्षीय मुलाकात
फोरम के दौरान डोभाल ने शोइगु से भी अलग से मुलाकात की। भारतीय दूतावास के अनुसार, दोनों नेताओं ने रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा और आर्थिक सहयोग की समीक्षा की। साथ ही दोनों पक्षों ने नई दिल्ली में प्रस्तावित ब्रिक्स एनएसए बैठक को लेकर भी विचार-विमर्श किया।
द्विपक्षीय बैठकों का यह सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहने की संभावना है, क्योंकि डोभाल फोरम के दौरान अन्य देशों के प्रतिनिधियों से भी मिलने वाले हैं।
रुबियो से नई दिल्ली में हो चुकी है मुलाकात
इसी सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी विदेश सचिव और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मार्को रुबियो ने नई दिल्ली में डोभाल से मुलाकात की थी। विदेश मंत्रालय के अनुसार, उस बैठक में रक्षा, सुरक्षा और रणनीतिक प्रौद्योगिकी सहयोग पर केंद्रित चर्चा हुई, जिसमें TRUST पहल भी शामिल थी।
विदेश मंत्रालय ने कहा, 'दोनों एनएसए ने द्विपक्षीय व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को दी जाने वाली उच्च प्राथमिकता को दोहराया। उन्होंने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए।'
व्यापक संदर्भ और आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब भारत एक साथ पश्चिमी और पूर्वी शक्तियों के साथ सुरक्षा संवाद को सक्रिय रख रहा है। गौरतलब है कि मॉस्को फोरम में भागीदारी और रुबियो से मुलाकात — दोनों एक ही सप्ताह में — भारत की रणनीतिक स्वायत्तता की नीति को रेखांकित करते हैं। आतंकवाद पर डोभाल का स्पष्ट रुख पहलगाम हमले के बाद भारत के कड़े राजनयिक संदेश की निरंतरता के रूप में देखा जा रहा है।