अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और एनएसए अजित डोभाल की बैठक: सुरक्षा सहयोग पर चर्चा

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अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और एनएसए अजित डोभाल की बैठक: सुरक्षा सहयोग पर चर्चा

सारांश

नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने एनएसए अजित डोभाल के साथ महत्वपूर्ण सुरक्षा मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक में भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक सहयोग को आगे बढ़ाने के उपायों पर भी विचार किया गया। जानिए इस मुलाकात की खास बातें।

मुख्य बातें

अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और एनएसए अजित डोभाल के बीच महत्वपूर्ण चर्चा हुई।
भारत और अमेरिका के बीच सुरक्षा सहयोग को बढ़ाने के उपायों पर विचार किया गया।
बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा की गई।
सैन्य-से-सैन्य सहयोग को गहरा करने के नए रास्तों की खोज की गई।

नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल से मुलाकात की। इस बैठक में महत्वपूर्ण सुरक्षा और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की गई, साथ ही भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच चल रहे रणनीतिक सहयोग पर भी विचार किया गया।

यह बैठक पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष और अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर अस्थिरता के बीच आयोजित की गई।

बैठक के बाद, गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "हाल ही में एनएसए अजित डोभाल के साथ एक बेहद सार्थक बैठक हुई। हमने महत्वपूर्ण सुरक्षा और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की। भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक सहयोग लगातार प्रगति कर रहा है।"

यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी पैसिफिक (यूएसएआरपीएसी) के डिप्टी कमांडिंग जनरल लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी वोवेल ने 12 मार्च को नई दिल्ली में सेना प्रमुख (सीओएएस) जनरल उपेंद्र द्विवेदी के साथ बैठक की, जिसमें दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर विचार किया गया।

इन चर्चाओं का फोकस इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में क्षेत्रीय सुरक्षा, संयुक्त सैन्य अभ्यासों के माध्यम से इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाने और सैन्य-से-सैन्य सहयोग को गहरा करने के नए रास्तों की खोज पर था।

भारतीय सेना के अतिरिक्त जन सूचना महानिदेशक (एडीजीपीआई) ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, "इस संवाद का मुख्य ध्यान इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में क्षेत्रीय सुरक्षा, संयुक्त सैन्य अभ्यासों के माध्यम से इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाने और सैन्य-से-सैन्य सहयोग को गहरा करने पर था। यह बैठक दोनों सेनाओं के बीच रणनीतिक सामंजस्य और सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने की साझा प्रतिबद्धता को पुनः पुष्टि करती है।"

लेफ्टिनेंट जनरल बी वोवेल ने उप मुख्य सेनाध्यक्ष (वीसीओएएस) लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह से भी मुलाकात की और दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में क्षेत्रीय सुरक्षा, संयुक्त प्रशिक्षण और अभ्यासों के माध्यम से इंटरऑपरेबिलिटी को बढ़ाना और सैन्य-से-सैन्य सहभागिता को बढ़ाना था।

एडीजीपीआई ने कहा, "लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी. वोवेल, उप कमांडिंग जनरल, यूएसएआरपीएसी, ने वीसीओएएस लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह से मुलाकात की और भारत-अमेरिका सेना सहयोग को और मजबूत करने के उपायों पर चर्चा की। चर्चाओं का मुख्य फोकस इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में क्षेत्रीय सुरक्षा, सैन्य-से-सैन्य सहभागिता का विस्तार और संयुक्त प्रशिक्षण एवं अभ्यासों के माध्यम से इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाना था। दोनों पक्षों ने विभिन्न संचालन क्षेत्रों में गहरे सहयोग के अवसरों की भी खोज की। यह बातचीत रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्र में स्थिरता तथा सुरक्षा को बढ़ावा देने के प्रति दोनों सेनाओं की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

खासकर जब अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे दिन-प्रतिदिन जटिल होते जा रहे हैं।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इस बैठक का उद्देश्य क्या था?
इस बैठक का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच सुरक्षा और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करना था।
क्या इस बैठक में और कौन-कौन से अधिकारी शामिल थे?
बैठक में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर और एनएसए अजित डोभाल के अलावा, लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी वोवेल और जनरल उपेंद्र द्विवेदी भी शामिल थे।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा के लिए क्या योजनाएँ बनीं?
चर्चाओं में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा को बढ़ाने, सैन्य सहयोग और संयुक्त अभ्यासों की बात की गई।
राष्ट्र प्रेस
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