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लेफ्टिनेंट जनरल बी वोवेल और जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मिलकर भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की

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लेफ्टिनेंट जनरल बी वोवेल और जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने मिलकर भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की

सारांश

नई दिल्ली में लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी. वोवेल और जनरल उपेंद्र द्विवेदी के बीच हुई मुलाकात में भारत-यूएस रक्षा साझेदारी को सुदृढ़ करने के उपायों पर चर्चा की गई। यह बैठक दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग को और गहरा करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

मुख्य बातें

भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण है।
संयुक्त सैन्य अभ्यासों के माध्यम से तालमेल बढ़ाना आवश्यक है।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
विशेष बल अभ्यास से आपसी विश्वास और पेशेवर मित्रता मजबूत होती है।
सैन्य सहयोग के नए अवसरों की खोज आवश्यक है।

नई दिल्ली, 12 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी. वोवेल, डिप्टी कमांडिंग जनरल, यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी पैसिफिक (यूएसएआरपीएसी) ने गुरुवार को भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी से नई दिल्ली में मुलाकात की। उन्होंने भारत-यूएस रक्षा साझेदारी को और मजबूत करने के उपायों पर विस्तृत चर्चा की।

इस बैठक में दोनों अधिकारियों के बीच इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा, संयुक्त सैन्य अभ्यास के माध्यम से तालमेल बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में सैन्य सहयोग को गहराई से विकसित करने के नए तरीकों पर जोर दिया गया।

भारतीय सेना के अतिरिक्त निदेशक जनरल जनसंपर्क (एडीजीपीआई) ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म 'एक्‍स' पर लिखा, "लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी. वोवेल ने जनरल उपेंद्र द्विवेदी से मुलाकात की और भारत-यूएस रक्षा साझेदारी को और बेहतर बनाने के अवसरों पर चर्चा की।"

उन्होंने यह भी कहा, "इस चर्चा में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा, संयुक्त सैन्य अभ्यास के माध्यम से तालमेल बढ़ाने और अनेक क्षेत्रों में सैन्य सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। यह बैठक दोनों सेनाओं के बीच स्ट्रेटेजिक साझेदारी और उभरती सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने की साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।"

दिन की शुरुआत में, लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी वोवेल ने वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह से भी मुलाकात की और दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। इस बातचीत में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा, सैन्य सहयोग को बढ़ावा देने और संयुक्त प्रशिक्षण और अभ्यासों के माध्यम से तालमेल बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

एडीजीपीआई ने कहा, "लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी. वोवेल ने वाइस सीओएएस लेफ्टिनेंट जनरल पुष्पेंद्र सिंह से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने विविध संचालन क्षेत्रों में गहन सहयोग के अवसरों का भी पता लगाया। यह बातचीत क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए दोनों सेनाओं की साझा प्रतिबद्धता और स्ट्रेटेजिक साझेदारी को दर्शाती है।"

पिछले महीने हिमाचल प्रदेश के बकलोह में 24 फरवरी से 16 मार्च तक 21 दिवसीय भारत-यूएस जॉइंट स्पेशल फोर्सेस एक्सरसाइज "वज्र प्रहार 2026" का 16वां संस्करण आयोजित किया गया।

यह प्रमुख विशेष बल अभ्यास भारतीय और अमेरिकी सेनाओं के बीच रक्षा सहयोग, तालमेल और संयुक्त संचालन क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से स्पेशल फोर्सेज ट्रेनिंग स्कूल, बकलोह में आयोजित किया गया।

एडीजीपीआई ने कहा, "यह अभ्यास रक्षा सहयोग को गहरा करने, तालमेल बढ़ाने और उन्नत विशेष संचालन तकनीकों के आदान-प्रदान के लिए आयोजित किया गया। कठिन और यथार्थवादी प्रशिक्षण परिदृश्यों के माध्यम से दोनों दल आपसी विश्वास और संचालन संबंधी सहयोग को मजबूत करेंगे।"

रक्षा मंत्रालय के अनुसार, भारतीय सेना का प्रतिनिधित्व 45 स्पेशल फोर्सेज कर्मियों ने किया, जबकि अमेरिकी सेना की ओर से 12 ग्रीन बेरेट्स शामिल हुए। इस अभ्यास से दोनों देशों के विशेष बलों के बीच तालमेल, आपसी विश्वास और पेशेवर मित्रता और मजबूत होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह वैश्विक स्थिरता में भी योगदान देगा।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी. वोवेल कौन हैं?
लेफ्टिनेंट जनरल जोएल बी. वोवेल, यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी पैसिफिक के डिप्टी कमांडिंग जनरल हैं।
भारत-यूएस जॉइंट स्पेशल फोर्सेस एक्सरसाइज कब हुई?
यह अभ्यास 24 फरवरी से 16 मार्च तक हिमाचल प्रदेश के बकलोह में आयोजित किया गया।
इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच रक्षा साझेदारी को मजबूत करना और सैन्य सहयोग को बढ़ावा देना था।
इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
बैठक में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा, संयुक्त सैन्य अभ्यास और विभिन्न क्षेत्रों में विस्तार पर चर्चा हुई।
इस अभ्यास में कितने देशों की सेनाएँ शामिल थीं?
इस अभ्यास में भारतीय सेना के 45 स्पेशल फोर्सेज कर्मियों और अमेरिकी सेना के 12 ग्रीन बेरेट्स ने भाग लिया।
राष्ट्र प्रेस
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