क्या सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने यूएई में भारतीय राजदूत से मुलाकात की?
सारांश
Key Takeaways
- जनरल उपेंद्र द्विवेदी की यह यात्रा यूएई के साथ सामरिक सहयोग को और बढ़ाने का अवसर है।
- बैठक में रक्षा साझेदारी और सैन्य कूटनीति पर चर्चा की गई।
- भारत और यूएई के संबंध पिछले कुछ वर्षों में बहुत मजबूत हुए हैं।
- यह यात्रा विदेशी मित्र देशों के साथ रक्षा सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
- यूएई थल सेना ने जनरल द्विवेदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
नई दिल्ली, 5 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय थलसेना के मुखिया जनरल उपेंद्र द्विवेदी वर्तमान में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के आधिकारिक दौरे पर हैं। यह यात्रा सोमवार से शुरू हुई। जनरल द्विवेदी ने यूएई में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में दोनों देशों के बीच बढ़ते सामरिक सहयोग, रक्षा साझेदारी और सैन्य कूटनीति को मजबूत बनाने पर गहराई से चर्चा की गई। इसमें भारत और यूएई के बीच सैन्य सहयोग को बढ़ाने के पहलुओं पर भी विचार किया गया।
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सेना प्रमुख की यह यात्रा अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह संयुक्त अभ्यासों की सीमा बढ़ाने, रक्षा प्रौद्योगिकी और लॉजिस्टिक सपोर्ट में नई संभावनाएं खोजने के लिए एक उपयुक्त अवसर है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य रणनीतिक साझेदारी को एक नई दिशा देना है।
यह ध्यान देने योग्य है कि भारत और यूएई के संबंध हाल के वर्षों में बहुत मजबूत हो गए हैं। जनरल द्विवेदी की यह यात्रा दोनों देशों के सामरिक संकल्प और क्षेत्रीय सुरक्षा में सामूहिक योगदान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह यात्रा भारत के विदेशी मित्र देशों के साथ रक्षा सहयोग और सैन्य संबंधों को सुदृढ़ करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। जनरल द्विवेदी 5 से 8 जनवरी तक यूएई और श्रीलंका की यात्रा पर हैं।
यूएई में जनरल द्विवेदी के आगमन पर उन्हें यूएई थल सेना द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इस दौरान वह यूएई सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारियों से भी मिलेंगे, जिनमें यूएई थल सेना के कमांडर भी शामिल हैं। वह यूएई सेना की संरचना, भूमिकाओं और क्षमताओं के बारे में भी जानकारी हासिल करेंगे।
जनरल द्विवेदी प्रमुख सैन्य प्रतिष्ठानों का दौरा करेंगे और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय में भारतीय सेना के अधिकारियों को संबोधित करेंगे। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इन कार्यक्रमों का उद्देश्य दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग, पेशेवर सैन्य संबंध और रणनीतिक समझ को और मजबूत करना है।
हाल ही में, यूएई के थलसेना के कमांडर मेजर जनरल यूसुफ मयूफ सईद अल हल्लामी भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए थे। उनकी यात्रा पिछले वर्ष अक्टूबर में हुई थी और इसने दोनों सेनाओं के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।