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असम की 90-95 विधानसभा सीटों पर विपक्ष का अस्तित्व कमजोर: मुख्यमंत्री सरमा

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असम की 90-95 विधानसभा सीटों पर विपक्ष का अस्तित्व कमजोर: मुख्यमंत्री सरमा

सारांश

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि राज्य की अधिकतर विधानसभा सीटों पर भाजपा के सामने कोई प्रभावी विपक्ष नहीं है। उन्होंने विकास के कारण लोगों के भाजपा के प्रति समर्थन को उजागर किया है।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री सरमा का बयान, भाजपा की स्थिति को मजबूत दर्शाता है।
राज्य में विकास के कारण जनता का समर्थन भाजपा के पक्ष में है।
विपक्षी दलों की राजनीतिक प्रासंगिकता में कमी आई है।
भाजपा के सहयोगियों के साथ सीट साझेदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

गुवाहाटी, 24 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कहा है कि राज्य की अधिकांश विधानसभा सीटों पर भाजपा के सामने कोई प्रभावी विपक्ष नहीं बचा है। उन्होंने यह भी बताया कि विकास पर आधारित शासन के कारण जनता का समर्थन भाजपा के प्रति मजबूत हुआ है।

मरियानी में एक जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि असम की लगभग 90 से 95 विधानसभा सीटों पर विपक्ष की कोई मजबूत उपस्थिति नहीं है। उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी राजनीतिक प्रासंगिकता में कमी आई है क्योंकि उनके पास दृष्टि और संगठनात्मक ताकत का अभाव है।

सरमा ने कहा, “असम की जनता भाजपा का समर्थन कर रही है क्योंकि राज्य में अभूतपूर्व विकास हुआ है। जो लोग असम और इसके भविष्य को लेकर नकारात्मक सोच रखते हैं, वे विकास की इस लहर में बह जाएंगे।” आगामी विधानसभा चुनावों से पहले उन्होंने विश्वास जताया कि भाजपा लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटेगी।

मुख्यमंत्री ने सड़क, पुल, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्रों में कार्यों को भाजपा की लोकप्रियता का मुख्य कारण बताया। उन्होंने कहा कि बुनियादी ढांचे में सुधार, कल्याणकारी योजनाएं और बेहतर प्रशासन ने लोगों का विश्वास मजबूत किया है।

विपक्षी दलों पर निरंतर हमले में सरमा ने कहा कि कांग्रेस और अन्य दल जनता के मुद्दों से जुड़ने में असफल रहे हैं और आंतरिक कलह में उलझे हुए हैं।

भाजपा और उसके सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे को लेकर उन्होंने कहा कि बातचीत सकारात्मक दिशा में चल रही है और मार्च के पहले सप्ताह तक इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। असम में भाजपा का गठबंधन असम गण परिषद (एजीपी) और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) जैसे दलों के साथ है, और चुनावी रणनीति के लिए सीट साझेदारी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुख्यमंत्री का यह बयान भाजपा के आक्रामक चुनावी रुख को दर्शाता है, क्योंकि पार्टी तीसरी बार सत्ता बनाए रखने की कोशिश में है। वहीं विपक्षी दलों ने इन दावों को आत्मविश्वास से भरा बताया है और कहा है कि आखिरी फैसला मतदाता करेंगे। आने वाले महीनों में असम की राजनीति में जोरदार मुकाबले के संकेत दिख रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि विपक्षी दलों की प्रासंगिकता घटती जा रही है। मुख्यमंत्री का यह बयान आगामी चुनावों में भाजपा के आक्रामक रुख को दर्शाता है।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मुख्यमंत्री सरमा ने विपक्ष के बारे में क्या कहा?
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि असम की 90-95 विधानसभा सीटों पर विपक्ष की कोई मजबूत मौजूदगी नहीं है।
सरमा ने भाजपा के विकास के कारण क्या बताया?
सरमा ने बताया कि विकास पर आधारित शासन के कारण जनता का समर्थन भाजपा के पक्ष में मजबूत हुआ है।
भाजपा और उसके सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे की स्थिति क्या है?
सरमा ने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगियों के बीच सीट बंटवारे की बातचीत सकारात्मक दिशा में चल रही है।
राष्ट्र प्रेस
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