कैलाश खेर ने मां गंगा के अद्भुत रूपों के दर्शन कर साझा किया देव परवा का अनुभव
सारांश
Key Takeaways
- भक्ति और प्रकृति का अद्भुत मिलन।
- कैलाश खेर का सुकून भरा अनुभव।
- गंगा नदी के विभिन्न स्वरूपों की महिमा।
मुंबई, १६ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। अनंत अंबानी के जन्मदिन में भक्ति का अद्भुत माहौल बनाने के बाद, गायक कैलाश खेर मां गंगा के विभिन्न स्वरूपों के दर्शन हेतु पहुंचे हैं।
सिंगर ने मां गंगा की महिमा का वर्णन करते हुए उत्तर प्रदेश के देव परवा गांव की एक खूबसूरत वीडियो साझा की है। गंगा के किनारे बैठकर, कैलाश खेर जीवन की भागदौड़ से परे शांति और सुकून का अनुभव कर रहे हैं।
कैलाश खेर मिर्जापुर में समय बिता रहे हैं और मां गंगा के आंचल में सुकून पा रहे हैं। उन्होंने देव परवा गांव में बह रही गंगा के अद्भुत दर्शन अपने प्रशंसकों के साथ साझा किए और सभी के लिए ढेर सारी खुशियों की कामना की। गायक कहते हैं, "गंगोत्री से शुरू होकर गंगा ने अनेक स्थलों को छूते हुए विभिन्न रूप धारण किए हैं, और हम विंध्याचल मंदिर के निकट एक ऐसे स्थान पर हैं, जहां मां गंगा का एक अनोखा रूप देखने को मिल रहा है।" वे बताते हैं कि प्रयागराज में गंगा का विशाल स्वरूप देखने को मिलता है, वहीं देव परवा गांव में गंगा संकुचित हो गई है, लेकिन फिर भी यह पूरे जिले को पोषित कर रही है।
उन्होंने अपने कैप्शन में लिखा, "देव परवा, मिर्ज़ापुर की ज़मीन में कुछ खास सुकून है। गंगा के किनारे बैठकर ऐसा लगता है जैसे मन खुद-ब-खुद योगी बन जाता है। विंध्याचल मंदिर के पास, प्रकृति और परमात्मा का अद्भुत मिलन अनुभव होता है।"
सिंगर कैलाश खेर केवल गायकी ही नहीं, बल्कि धार्मिक स्थलों पर भी अपना समय बिताते हैं। हाल ही में उन्हें विंध्याचल मंदिर में देखा गया था। जब भी उन्हें समय मिलता है, वे हरिद्वार के गंगा घाटों पर सुकून के क्षण बिताते हैं। कैलाश खेर ने संगीत की दुनिया में एक बड़ा नाम कमाया है, लेकिन असल जीवन में वे प्रकृति और ज़मीन से जुड़े व्यक्ति हैं। उनका लोनावला में एक फार्महाउस है, जहां वे खेती करते हैं और कुछ गायें भी पालते हैं। हाल ही में उन्हें फार्म से सब्जियाँ निकालते हुए देखा गया था। उनका फार्महाउस काफी बड़ा है और वे अपना अधिकांश समय वहीं बिताते हैं, प्रकृति से जुड़कर संगीत की साधना करते हैं।