ईरान में युवाओं के विरोध पर खामेनेई सरकार की प्रवक्ता का बयान: 'विरोध का हक है, पर मर्यादा जरूरी'
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नई दिल्ली, २४ फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ एक बार फिर युवाओं का विरोध प्रदर्शन हो रहा है। हाल ही में ईरान के विभिन्न विश्वविद्यालयों में छात्रों द्वारा प्रदर्शन किए गए हैं। इस संदर्भ में ईरानी सरकार की प्रवक्ता फतेमेह मोहजेरानी ने कहा कि छात्रों को विरोध का अधिकार है, लेकिन उन्हें मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए।
बांग्लादेशी मीडिया ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, मोहजेरानी ने कहा, "विश्वविद्यालय के छात्रों को विरोध करने का अधिकार है, लेकिन सभी को रेडलाइंस की समझ होनी चाहिए। पवित्र चीजें और झंडा जैसे तत्वों की रक्षा करनी चाहिए और गुस्से में भी इनसे पार नहीं जाना चाहिए।"
उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी छात्रों के "दिल में घाव हैं" और उन्होंने ऐसे हालात देखे हैं जो उन्हें परेशान कर सकते हैं, इस गुस्से को समझा जा सकता है।
स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, शनिवार को ईरान के विश्वविद्यालयों में छात्रों ने सरकार के समर्थन और विरोध में रैलियां आयोजित कीं। जनवरी में हुए प्रदर्शनों के नारे एक बार फिर से गूंजने लगे हैं।
जनवरी में हुए हिंसक प्रदर्शनों में हजारों लोगों की जानें गई थीं।
दिसंबर में बैन के बाद आर्थिक कठिनाइयों के कारण विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे, जो ८ और ९ जनवरी को देशभर में फैल गए। हालांकि, ईरान की खामेनेई सरकार ने इसके लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया है।
ईरानी सरकार का आरोप है कि अमेरिका ईरान में अशांति पैदा करना चाहता है और सत्ता परिवर्तन के लिए हस्तक्षेप कर रहा है।
अमेरिका की मानवाधिकार गतिविधियों से संबंधित समाचार एजेंसी (एचआरएएनए) ने ७,००० से अधिक मौतों का दावा किया है और चेतावनी दी है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।
ईरानी अधिकारियों ने ३,००० से अधिक मौतों की बात मानी है, लेकिन उनका कहना है कि यह हिंसा अमेरिका और इजरायल की आतंकवादी गतिविधियों के कारण हुई।
इसके अलावा, प्रवक्ता मोहजेरानी ने मंगलवार को कहा कि एक फैक्ट-फाइंडिंग मिशन विरोध प्रदर्शनों के कारणों की जांच कर रहा है और रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा।