क्या ईरान में हालात नाजुक हैं? खामेनेई ने कहा- विदेशी राष्ट्रपति को खुश करने की कीमत चुका रहे हैं
सारांश
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नई दिल्ली, 9 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। ईरान में विरोध प्रदर्शन अपनी चरम सीमा पर पहुँच चुका है। देश का बाहरी दुनिया से संपर्क लगभग पूरी तरह टूट चुका है। इस बीच, देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने लोगों को सलाह दी है कि वे दूसरे देशों के हाथों में न खेलें। पिछले 12 दिनों से लोग अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को अधिकारियों ने अशांति को नियंत्रित करने के लिए इंटरनेट सेवाओं को बंद कर दिया, जबकि वीडियो में कई शहरों की सड़कों पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों में इमारतों और वाहनों में आग लगती हुई दिखाई दे रही थी।
इसी बीच, एक टेलीविजन संबोधन में, सुप्रीम लीडर खामेनेई ने पीछे न हटने की कसम खाई और प्रदर्शनकारियों पर यह आरोप लगाया कि वे प्रवासी विपक्षी गुट और संयुक्त राज्य अमेरिका के इशारे पर काम कर रहे हैं। कुछ मानवाधिकार संगठनों ने दक्षिण में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की फायरिंग की रिपोर्ट भी दी है।
खामेनेई ने प्रदर्शनकारियों की आलोचना करते हुए उन पर “दूसरे देश के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपनी ही सड़कों को बर्बाद करने” का आरोप लगाया। सरकारी टीवी पर इसका प्रसारण किया गया। उनका निशाना ट्रंप पर था, जिन्होंने एक साक्षात्कार में कहा था कि यदि ईरानी शासन प्रदर्शन कर रहे लोगों को निशाना बनाता है, तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई करेगा।
ईरान में खामेनेई के नेतृत्व वाली इस्लामिक सरकार के खिलाफ जनता का यह विरोध बढ़ती महंगाई, खराब अर्थव्यवस्था और सुरक्षा बलों की दमनकारी कार्रवाइयों के खिलाफ है। ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रजा पहलवी ने गुरुवार और शुक्रवार की रात 8 बजे प्रदर्शन का आह्वान किया था।
8 जनवरी की रात को ईरान में विरोध प्रदर्शन ने तेजी पकड़ी, जिसके चलते राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के नेतृत्व वाली ईरानी सरकार ने देश में इंटरनेट और अंतरराष्ट्रीय फोन सेवाएं बंद कर दी थीं।
देश की न्यायपालिका और सुरक्षा बलों के प्रमुख ने लोगों के आजादी के नारे के बीच कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी है। अब तक इस प्रदर्शन में 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।