क्या अमेरिका ने समय पर कार्रवाई नहीं की होती, तो क्या चीन या रूस वेनेजुएला के ऊर्जा संसाधनों पर नियंत्रण कर लेते?
सारांश
Key Takeaways
- अमेरिका की रणनीति ने वेनेजुएला के तेल संसाधनों को सुरक्षित रखा।
- चीन और रूस के प्रभाव को रोकना प्राथमिकता है।
- बिना लंबे युद्ध के दबाव बनाया गया।
- ऊर्जा सुरक्षा वैश्विक राजनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
वाशिंगटन, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के तेल क्षेत्र को पुनर्जीवित करने के प्रयास का मुख्य उद्देश्य यह है कि चीन और रूस इस क्षेत्र में अपना प्रभाव न बढ़ा सकें।
व्हाइट हाउस में अमेरिकी और अंतरराष्ट्रीय तेल कंपनियों के नेताओं के साथ बातचीत करते हुए ट्रंप ने कहा कि यदि अमेरिका ने समय पर कदम नहीं उठाया होता, तो चीन या रूस वेनेजुएला के ऊर्जा संसाधनों पर जल्दी कब्जा कर लेते।
उन्होंने कहा, "यदि हमने यह कदम नहीं उठाया होता, तो वहां चीन या रूस पहले ही पहुंच चुके होते।"
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका चीन और अन्य देशों को तेल बेचने के लिए तैयार रहेगा, लेकिन वेनेजुएला का तेल उत्पादन अमेरिका के हितों के अनुसार होना चाहिए।
ट्रंप ने कहा, "हम अमेरिका में व्यापार के लिए तैयार हैं और हम वेनेजुएला में भी व्यापार के लिए तैयार हैं।"
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि पिछले प्रशासन के दौरान वेनेजुएला दुश्मन ताकतों का अड्डा बन गया था। उन्होंने कहा, "अमेरिका की सुरक्षा और राष्ट्रीय हित के लिए यह उचित नहीं था कि उसके इलाके में कोई देश एक ऐसे व्यक्ति के नियंत्रण में हो, जिस पर मादक पदार्थों की तस्करी जैसे गंभीर आरोप हों।"
ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा कि वेनेजुएला की गिरावट का असर उसकी सीमाओं से बाहर तक पड़ा है। उनके अनुसार, वहां फैला भ्रष्टाचार और आर्थिक पतन वेनेजुएला के लोगों के लिए एक बड़ा संकट बन गया है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से बिना किसी लंबे युद्ध के दबाव बनाया गया। उन्होंने बताया कि सेना की ताकत का इस्तेमाल गोलियां चलाने के लिए नहीं, बल्कि वेनेजुएला के तेल की आपूर्ति को रोकने के लिए किया गया।
उन्होंने कहा कि यह रणनीति वैसी ही है, जैसी अमेरिका दूसरे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में चीन और रूस के प्रभाव को रोकने के लिए अपनाता है। ट्रंप ने स्पष्ट रूप से कहा, "हम रूस या चीन को वेनेजुएला पर कब्जा नहीं करने देंगे।"
अमेरिका के लिए लैटिन अमेरिका हमेशा से रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है। यहां ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक राजनीति की प्रतिस्पर्धा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सरकारों ने अपनी नीतियां बनाई हैं।