22 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नीट विवाद: लोकसभा में अखिलेश यादव का स्पीकर पर सवाल — 'कांग्रेस-भाजपा को बोलने दिया, हमें क्यों नहीं?'

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नीट विवाद: लोकसभा में अखिलेश यादव का स्पीकर पर सवाल — 'कांग्रेस-भाजपा को बोलने दिया, हमें क्यों नहीं?'

सारांश

लोकसभा में नीट पेपर लीक पर चर्चा के दौरान अखिलेश यादव ने स्पीकर ओम बिरला पर सीधा सवाल दागा — कांग्रेस और भाजपा को बोलने का मौका मिला, सपा को क्यों नहीं? छात्रों पर बल प्रयोग के आरोप और सड़कों पर उतरने की चेतावनी के साथ सदन दोपहर 2 बजे तक स्थगित हो गया।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 22 जुलाई को लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला से पूछा कि नीट चर्चा में सपा को बोलने का मौका क्यों नहीं दिया गया।
अखिलेश ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया और उनके कपड़े तक फाड़े गए।
सपा प्रमुख ने चेतावनी दी — 'अगर छात्रों की नहीं सुनी जाएगी तो हम सड़कों पर आएंगे।' कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने व्यापक चर्चा की माँग की; मंत्री किरेन रिजिजू ने सरकार की तैयारी जताई।
स्पीकर ने गैलरी में खड़े होकर चर्चा से इनकार किया; लोकसभा दोपहर 2 बजे तक स्थगित।

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार, 22 जुलाई को लोकसभा में नीट पेपर लीक मुद्दे पर चर्चा के दौरान स्पीकर ओम बिरला पर तीखा प्रहार किया, जब उन्हें बोलने का अवसर नहीं दिया गया। अखिलेश ने सीधे स्पीकर से पूछा कि जब कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) को सदन में बोलने का मौका मिला, तो समाजवादी पार्टी को क्यों नहीं — और यहाँ तक कि यह भी पूछा कि क्या स्पीकर ने इन दलों से कोई समझौता किया है।

सदन में क्या हुआ

अखिलेश यादव ने लोकसभा में कहा, 'आपने इनको (कांग्रेस) बोलने दिया, उनको (भाजपा) को बोलने दिया, क्या आपने समझौता कर लिया है? आपने हमें क्यों नहीं बोलने दिया? अध्यक्ष जी, यह पक्ष बिल्कुल ठीक नहीं है। ये युवा-छात्र हम सभी के हैं। हम सभी उनके लिए लड़ रहे हैं।' यह बयान सदन में तनाव का कारण बना और कार्यवाही को प्रभावित किया।

इससे पहले, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने नीट का विषय उठाते हुए व्यापक चर्चा की माँग की थी। इस पर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने स्पष्ट किया कि सरकार इस मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार है।

छात्रों पर बल प्रयोग का आरोप

सपा प्रमुख ने विरोध प्रदर्शनों के दौरान छात्रों के साथ हुए व्यवहार पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया गया। अखिलेश ने कहा, 'सरकार ने छात्रों के साथ जैसा बर्ताव किया, उनके हाथ-सिर तोड़े गए, उनके कपड़े फाड़े गए।' ये आरोप सरकार की ओर से अभी तक खंडित नहीं किए गए हैं।

प्रधानमंत्री आवास के बाहर विरोध का संदर्भ

अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री आवास के निकट हुए विपक्षी विरोध प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा, 'मैं और राहुल गांधी थे, हम मजबूरी में प्रधानमंत्री के आवास पर गए। अगर सरकार यहाँ (सदन) में बात सुन लेती तो हम लोग वहाँ नहीं जाते।' यह बयान यह स्पष्ट करता है कि विपक्ष संसदीय मंच पर चर्चा को प्राथमिकता देता है, लेकिन उसे वह अवसर नहीं मिला।

उन्होंने यह भी कहा कि नीट मामला किसी एक दल का नहीं, बल्कि देश के नौजवानों और छात्रों का है — 'अगर छात्रों की नहीं सुनी जाएगी तो हम सड़कों पर आएंगे।'

स्पीकर का जवाब और सदन स्थगन

स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि सभी पक्षों की राय आ चुकी है और समाजवादी पार्टी सहित सभी दल चर्चा चाहते हैं, सरकार भी तैयार है — लेकिन 'इस तरह सदन की गैलरी में खड़े होकर चर्चा नहीं हो सकती।' इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

यह ऐसे समय में आया है जब नीट पेपर लीक विवाद देशभर में छात्र आंदोलन का केंद्र बना हुआ है और संसद के मानसून सत्र में यह मुद्दा लगातार गरमाया हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो इसका सबसे बड़ा नुकसान उन छात्रों को होता है जिनके नाम पर यह लड़ाई लड़ी जा रही है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब सदन में छोटे दलों को चर्चा से बाहर रखने का आरोप लगा हो — लेकिन इस बार सपा का गुस्सा सार्वजनिक और तीखा था, जो संसदीय प्रक्रिया में समावेशिता के सवाल को नए सिरे से उठाता है।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव लोकसभा में क्यों नाराज हुए?
22 जुलाई को लोकसभा में नीट पेपर लीक पर चर्चा के दौरान केवल कांग्रेस और भाजपा को बोलने का अवसर मिला, जबकि समाजवादी पार्टी को नहीं दिया गया। इस पर अखिलेश यादव ने स्पीकर ओम बिरला से सीधे सवाल किया कि क्या उन्होंने इन दलों से समझौता किया है।
नीट पेपर लीक पर सपा का क्या रुख है?
समाजवादी पार्टी का कहना है कि नीट मामला किसी एक दल का नहीं, बल्कि देश के छात्रों और नौजवानों का है। अखिलेश यादव ने चेतावनी दी कि अगर संसद में छात्रों की बात नहीं सुनी गई तो पार्टी सड़कों पर उतरेगी।
अखिलेश यादव ने छात्रों पर बल प्रयोग के बारे में क्या कहा?
अखिलेश ने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान सरकार ने छात्रों पर अत्यधिक बल प्रयोग किया — उनके हाथ-सिर तोड़े गए और कपड़े फाड़े गए। ये आरोप सरकार की ओर से अभी तक खंडित नहीं किए गए हैं।
लोकसभा में नीट चर्चा पर स्पीकर ओम बिरला ने क्या कहा?
स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि सभी पक्ष चर्चा चाहते हैं और सरकार भी तैयार है, लेकिन सदन की गैलरी में खड़े होकर चर्चा संभव नहीं है। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
प्रधानमंत्री आवास के पास विपक्षी प्रदर्शन का क्या संदर्भ है?
अखिलेश यादव ने बताया कि वे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी मजबूरी में प्रधानमंत्री आवास के पास विरोध प्रदर्शन के लिए गए, क्योंकि संसद में उन्हें बोलने का मौका नहीं मिला। उनका कहना था कि अगर सदन में बात सुनी जाती तो बाहर जाने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 37 मिनट पहले
  2. 45 मिनट पहले
  3. 1 घंटा पहले
  4. 23 घंटे पहले
  5. कल
  6. कल
  7. 2 दिन पहले
  8. 4 महीने पहले