12 अगस्त 2026
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अखिलेश यादव का अमित शाह पर पलटवार: 'देश भाषण सुनने के मूड में नहीं, सरकार सत्र खत्म करने को उतावली'

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अखिलेश यादव का अमित शाह पर पलटवार: 'देश भाषण सुनने के मूड में नहीं, सरकार सत्र खत्म करने को उतावली'

सारांश

अखिलेश यादव ने अमित शाह की चर्चा की पेशकश को 'थोथा बयान' करार दिया और एक्स पर लिखा कि सरकार जवाब नहीं, सत्र का पटाक्षेप चाहती है। संसद का मानसून सत्र NEET विवाद के बीच गतिरोध में फँसा है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर टालमटोल का आरोप लगा रहे हैं।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 12 अगस्त को एक्स पर पोस्ट कर अमित शाह के संसदीय चर्चा प्रस्ताव को 'अलोकतांत्रिक' बताया।
अखिलेश का आरोप — BJP सरकार वास्तव में जवाब देने की नहीं, बल्कि सत्र जल्द समाप्त करने की इच्छुक है।
अमित शाह ने विपक्ष को बुधवार दोपहर 3 बजे से गुरुवार दोपहर 3 बजे तक चर्चा का प्रस्ताव दिया था।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही NEET मुद्दे पर चर्चा का प्रस्ताव दे चुके हैं।
अखिलेश ने कहा, 'देश भाषण सुनने के मूड में नहीं है' — संसद का मानसून सत्र गतिरोध में जारी।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 12 अगस्त को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसदीय गतिरोध संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। लखनऊ से एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर अखिलेश ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सरकार चर्चा से नहीं, बल्कि सत्र की जल्द समाप्ति से दिलचस्पी रखती है। उन्होंने कहा, 'देश भाषण सुनने के मूड में नहीं है।'

विवाद की पृष्ठभूमि

गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में जारी गतिरोध के बीच विपक्ष से सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलने देने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष को लोकसभा अध्यक्ष को चर्चा के लिए पत्र लिखना चाहिए। शाह ने प्रस्ताव रखा कि सरकार बुधवार दोपहर तीन बजे से रात तक और गुरुवार दोपहर तीन बजे तक भी चर्चा के लिए तैयार है।

शाह ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है। उन्होंने बताया कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही NEET मुद्दे पर चर्चा का प्रस्ताव दे चुके हैं।

अखिलेश का पलटवार

इसी बयान पर पलटवार करते हुए सपा मुखिया अखिलेश यादव ने एक्स पर लिखा कि संसद में जवाब देने के लिए सरकार जो समय-सीमा तय करना चाहती है, वह 'स्वयं में अलोकतांत्रिक है।' उन्होंने कहा कि इस तरह का जवाब वास्तव में जवाब नहीं, बल्कि 'थोथा बयान' होगा।

अखिलेश ने आगे कहा कि जिम्मेदारी और जवाबदेही किसी समय की शर्त से नहीं, बल्कि उत्तरदायित्व के तर्क से निभाई जाती है। उन्होंने इसे 'भगवान और इंसान दोनों के साथ दुर्व्यवहार व दुर्भावना का बेहद गंभीर मुद्दा' बताया।

सरकार की मंशा पर सवाल

सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि BJP वास्तव में किसी भी प्रश्न का उत्तर देने की इच्छुक नहीं है और मौजूदा संसद सत्र को जल्द से जल्द समाप्त करने की कोशिश में है। उनके अनुसार, सरकार की चर्चा की पेशकश केवल एक औपचारिकता है, जिज्ञासा के सतही समाधान की कोशिश।

यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र NEET परीक्षा विवाद और अन्य मुद्दों को लेकर विपक्षी हंगामे से प्रभावित है। गौरतलब है कि विपक्ष सरकार से सीधे जवाब की माँग पर अड़ा है, जबकि सत्तापक्ष बिना शर्त चर्चा की पेशकश कर रहा है।

आगे क्या

सरकार और विपक्ष के बीच इस जुबानी जंग के बाद संसद में गतिरोध जारी रहने की संभावना है। अब देखना होगा कि विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष को चर्चा के लिए पत्र लिखता है या सदन में हंगामे का रुख बनाए रखता है। दोनों पक्षों के बीच यह टकराव संसदीय कामकाज की दिशा तय करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके नीचे एक गहरा सवाल है — क्या संसदीय चर्चा की 'समय-सीमा' वाली शर्त वाकई जवाबदेही का विकल्प हो सकती है? विपक्ष का तर्क है कि सरकार चर्चा की पेशकश तो करती है, लेकिन शर्तों और समय-सीमाओं में इसे बेमानी बना देती है। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि विपक्ष चर्चा नहीं, हंगामा चाहता है। NEET जैसे संवेदनशील मुद्दे पर यह गतिरोध बताता है कि संसद की उत्पादकता राजनीतिक हिसाब-किताब की भेंट चढ़ रही है — और इसकी कीमत आम नागरिक चुकाता है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने अमित शाह के किस बयान पर पलटवार किया?
अमित शाह ने संसद में विपक्ष से सदन चलने देने की अपील की थी और बुधवार-गुरुवार को चर्चा का प्रस्ताव दिया था। इसी पर अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि सरकार की समय-सीमा वाली शर्त 'अलोकतांत्रिक' है और यह जवाब नहीं, 'थोथा बयान' होगा।
संसद में इस समय किस मुद्दे पर गतिरोध है?
मानसून सत्र में NEET परीक्षा विवाद सहित कई मुद्दों पर विपक्ष सरकार से सीधे जवाब की माँग कर रहा है। विपक्ष के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है।
अमित शाह ने विपक्ष को क्या प्रस्ताव दिया था?
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार बुधवार दोपहर तीन बजे से रात तक और गुरुवार दोपहर तीन बजे तक चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने विपक्ष से लोकसभा अध्यक्ष को चर्चा के लिए पत्र लिखने को कहा।
अखिलेश यादव ने सरकार पर क्या आरोप लगाए?
अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि BJP सरकार वास्तव में किसी सवाल का जवाब देना नहीं चाहती और मौजूदा संसद सत्र को जल्द समाप्त करने के लिए उतावली है। उन्होंने इसे जवाबदेही से बचने की कोशिश बताया।
NEET मुद्दे पर सरकार का क्या रुख है?
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही NEET मुद्दे पर चर्चा का प्रस्ताव दे चुके हैं। अमित शाह ने कहा कि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है और फैसला विपक्ष को करना है कि वह चर्चा चाहता है या नहीं।
राष्ट्र प्रेस
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