12 अगस्त 2026
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अमित शाह के बयान पर विपक्ष का हमला: '17 दिन बाद सत्र अंत में तैयार हुई सरकार, यही है असली इरादा'

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अमित शाह के बयान पर विपक्ष का हमला: '17 दिन बाद सत्र अंत में तैयार हुई सरकार, यही है असली इरादा'

सारांश

मानसून सत्र के आखिरी दिनों में विपक्ष ने सरकार पर सीधा हमला बोला — 17-18 दिन की माँग के बाद सत्र अंत में गृह मंत्री अमित शाह के बयान की घोषणा को विपक्ष ने 'सुनियोजित गतिरोध' की रणनीति बताया। साथ ही राज्यसभा में 'लुंगीवाला' टिप्पणी विवाद ने सांस्कृतिक विविधता का सवाल भी खड़ा कर दिया।

मुख्य बातें

कांग्रेस, AAP और TMC ने 12 अगस्त को आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर मानसून सत्र की कार्यवाही बाधित रखी।
कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने कहा कि विपक्ष 17-18 दिनों से गृह मंत्री अमित शाह से लोकसभा में बयान देने की माँग कर रहा है।
AAP सांसद संजय सिंह ने सत्र के अंत में बयान की घोषणा को 'सुनियोजित गतिरोध' की रणनीति बताया।
राज्यसभा में सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने BJP सांसद सुष्मिता देव पर कथित तौर पर 'लुंगीवाला' टिप्पणी करने का आरोप लगाया।
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने माँग की कि गृह मंत्री मीडिया नहीं, सीधे सदन में आकर बयान दें।

संसद के मानसून सत्र के अंतिम चरण में 12 अगस्त 2026 को विपक्षी दलों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सदन में बयान देने की घोषणा पर तीखी प्रतिक्रिया जताई। कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (AAP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं ने एकजुट होकर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने जानबूझकर संसदीय कार्यवाही को बाधित रखा और अब सत्र की समाप्ति से ऐन पहले बयान देने की बात सामने आ रही है।

विपक्ष की मुख्य शिकायत

कांग्रेस सांसद मल्लू रवि ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि विपक्ष पिछले 17-18 दिनों से गृह मंत्री अमित शाह से लोकसभा में आकर बयान देने की माँग कर रहा है। उन्होंने बताया कि संसदीय कार्य मंत्री ने भी तीन दिन पहले गृह मंत्री के सदन में बयान देने की पुष्टि की थी। रवि ने स्पष्ट किया कि विपक्ष संविधान के दायरे में रहकर सरकार से जवाब माँगता रहेगा और यदि कोई गलत कदम उठाया गया तो उसे सुधारने की माँग भी करेगा।

AAP का आरोप — 'जानबूझकर बनाया गतिरोध'

AAP सांसद संजय सिंह ने सरकार पर सत्र को जानबूझकर टालने का सीधा आरोप लगाया। उनका कहना था कि सत्र का अंतिम दिन निकट आने पर गृह मंत्री का बयान देने के लिए तैयार होना यह साबित करता है कि सरकार ने पहले से ही गतिरोध बनाए रखने की रणनीति अपनाई। संजय सिंह के अनुसार, सरकार की मंशा यही थी कि संसद की कार्यवाही अधिकतम समय तक न चल सके।

'लुंगीवाला' टिप्पणी विवाद — सांस्कृतिक अपमान का आरोप

इसी बीच राज्यसभा में एक अलग विवाद सामने आया। सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद सुष्मिता देव ने कथित तौर पर उनके लिए 'लुंगीवाला' शब्द का इस्तेमाल किया। ब्रिटास ने इसे महज व्यक्तिगत अपमान नहीं, बल्कि संसद की गरिमा और देश की सांस्कृतिक विविधता पर हमला बताया। इस मुद्दे पर सदन में हंगामा हुआ।

संजय सिंह ने ब्रिटास का समर्थन करते हुए कहा कि भारत विभिन्न धर्मों, भाषाओं, जातियों और पहनावों का देश है। उन्होंने रेखांकित किया कि केरल सहित दक्षिण भारत के कई राज्यों में लुंगी सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा है और किसी सांसद के पहनावे को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करना दुर्भाग्यपूर्ण है।

TMC का रुख — 'सदन में आएँ, मीडिया में नहीं'

TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने गृह मंत्री के बयान को लेकर स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें मीडिया के माध्यम से नहीं, बल्कि सीधे सदन में आकर अपनी बात रखनी चाहिए। बनर्जी ने कहा कि जब गृह मंत्री सदन के भीतर बयान देंगे, तभी विपक्ष अपना अगला रुख तय करेगा।

आगे क्या

यह ऐसे समय में आया है जब मानसून सत्र अपने अंतिम पड़ाव पर है और संसदीय उत्पादकता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। गौरतलब है कि गृह मंत्री का सदन में बयान देना अभी भी अनिश्चित बना हुआ है और विपक्ष की एकजुटता अगले संसदीय सत्र की रणनीति को भी प्रभावित कर सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार तीन अलग-अलग दलों — कांग्रेस, AAP और TMC — का एक सुर में बोलना संकेत देता है कि मानसून सत्र की विफलता का राजनीतिक ठीकरा किसके सिर फोड़ा जाएगा। असली सवाल यह है कि संसदीय कार्य मंत्री ने तीन दिन पहले बयान की पुष्टि की, फिर भी सदन में कार्यवाही क्यों नहीं हुई — इसका जवाब न सरकार ने दिया, न मीडिया ने खोजा। 'लुंगीवाला' विवाद सतह पर छोटा लगता है, लेकिन यह दक्षिण भारत की सांस्कृतिक संवेदनशीलता को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ले आता है — और BJP के लिए दक्षिण में विस्तार की महत्वाकांक्षा के लिहाज़ से यह असुविधाजनक समय है।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विपक्ष ने गृह मंत्री अमित शाह पर क्या आरोप लगाए?
विपक्षी दलों ने आरोप लगाया कि सरकार ने जानबूझकर मानसून सत्र की कार्यवाही बाधित रखी और सत्र समाप्त होने से ठीक पहले गृह मंत्री के बयान की घोषणा की गई। कांग्रेस सांसद मल्लू रवि के अनुसार विपक्ष 17-18 दिनों से यह माँग कर रहा था।
AAP सांसद संजय सिंह ने सरकार पर क्या कहा?
संजय सिंह ने कहा कि सत्र के अंतिम दिन गृह मंत्री का बयान देने के लिए तैयार होना यह साबित करता है कि सरकार की रणनीति शुरू से ही संसद की कार्यवाही को अधिकतम समय तक रोकने की थी। उन्होंने इसे 'सुनियोजित गतिरोध' बताया।
राज्यसभा में 'लुंगीवाला' विवाद क्या है?
सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने आरोप लगाया कि BJP सांसद सुष्मिता देव ने कथित तौर पर उनके लिए 'लुंगीवाला' शब्द का इस्तेमाल किया। ब्रिटास ने इसे संसद की गरिमा और देश की सांस्कृतिक विविधता पर हमला बताया, जिसके बाद सदन में हंगामा हुआ।
TMC सांसद अभिषेक बनर्जी ने क्या माँग रखी?
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह को मीडिया के ज़रिए नहीं, बल्कि सीधे सदन में आकर अपना बयान देना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गृह मंत्री के सदन में बयान देने के बाद ही विपक्ष अपना अगला रुख तय करेगा।
मानसून सत्र में संसदीय कार्यवाही का गतिरोध क्यों बना रहा?
विपक्ष के अनुसार, सरकार की ओर से गृह मंत्री को समय पर सदन में न भेजना इस गतिरोध की मुख्य वजह रही। हालाँकि सरकार की ओर से इस आरोप का कोई आधिकारिक खंडन अभी तक सामने नहीं आया है।
राष्ट्र प्रेस
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