27 सितंबर 2026
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एशियन गेम्स स्क्वैश: अनाहत सिंह ने विमेंस सिल्वर जीतकर रचा इतिहास, फाइनल में मलेशिया से हारीं

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एशियन गेम्स स्क्वैश: अनाहत सिंह ने विमेंस सिल्वर जीतकर रचा इतिहास, फाइनल में मलेशिया से हारीं

सारांश

18 वर्षीय अनाहत सिंह ने नागोया में इतिहास रचा — एशियन गेम्स विमेंस सिंगल्स स्क्वैश के फाइनल में पहुँचने और सिल्वर जीतने वाली पहली भारतीय बनीं। फाइनल में मलेशियाई चैंपियन से हार के साथ LA 2028 का सीधा ओलंपिक कोटा भी हाथ से फिसल गया, लेकिन यह प्रदर्शन भारतीय स्क्वैश के नए युग का संकेत है।

मुख्य बातें

अनाहत सिंह (18 वर्ष) एशियन गेम्स विमेंस सिंगल्स स्क्वैश में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय बनीं।
फाइनल में मलेशिया की शिवसंगरी सुब्रमण्यम ने 4-11, 4-11, 7-11 से जीत दर्ज की।
सेमीफाइनल में अनाहत ने वर्ल्ड नंबर 6 सतोमी वातानाबे को दो गेम से पिछड़ने के बाद हराया था।
फाइनल में हार से अनाहत LA 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने से चूकीं।
अभय सिंह ने मेंस सिंगल्स में भी सिल्वर जीता; ईन यो एनजी (मलेशिया) ने 11-9, 11-5, 11-5 से हराया।
27 सितंबर को एक ही दिन में भारत को स्क्वैश में दो सिल्वर मेडल मिले।

नागोया में चल रहे एशियन गेम्स में 27 सितंबर 2026 को भारत की 18 वर्षीय स्क्वैश खिलाड़ी अनाहत सिंह ने विमेंस सिंगल्स में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। जूनियर वर्ल्ड चैंपियन अनाहत, एशियन गेम्स विमेंस सिंगल्स स्क्वैश में भारत की पहली सिल्वर मेडलिस्ट बनीं। हालाँकि, फाइनल में उन्हें मलेशिया की मौजूदा चैंपियन शिवसंगरी सुब्रमण्यम के हाथों 4-11, 4-11, 7-11 से शिकस्त झेलनी पड़ी।

फाइनल का घटनाक्रम

नागोया किंजो फुतो एरिना में अनाहत का सामना मलेशिया की कहीं अधिक अनुभवी शिवसंगरी से था। पहले गेम में अनाहत के पास मौके सीमित रहे और उन्होंने यह गेम 4-11 से गँवाया। मलेशियाई खिलाड़ी ने अपने आक्रामक खेल और मज़बूत डिफेंस से दूसरे गेम में भी दबदबा बनाए रखा, जो 4-11 से उनके नाम रहा।

तीसरे गेम में अनाहत ने प्रतिरोध दिखाया और 7 अंक बटोरे, लेकिन शिवसंगरी ने 11-7 से यह गेम भी जीतकर स्वर्ण पदक पर कब्ज़ा किया। तीनों गेम में मलेशियाई खिलाड़ी का वर्चस्व साफ़ नज़र आया।

ऐतिहासिक सेमीफाइनल जीत

फाइनल से पहले अनाहत ने जो प्रदर्शन किया, वह उनकी असाधारण प्रतिभा का प्रमाण था। सेमीफाइनल में उन्होंने वर्ल्ड नंबर 6 सतोमी वातानाबे (जापान) के खिलाफ दो गेम से पिछड़ने के बावजूद जीत दर्ज की। इस जीत के साथ वह एशियन गेम्स विमेंस सिंगल्स स्क्वैश फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं — एक उपलब्धि जो अपने आप में ऐतिहासिक है।

ओलंपिक कोटे का मौका चूका

इस फाइनल का महत्व केवल पदक तक सीमित नहीं था। 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक में स्क्वैश पहली बार शामिल हो रहा है और सिंगल्स इवेंट के विजेता को सीधा ओलंपिक कोटा मिलना तय था। फाइनल में हार के कारण अनाहत यह दुर्लभ अवसर चूक गईं। गौरतलब है कि यह क्वालीफिकेशन का पहला प्रत्यक्ष मार्ग था जो किसी भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी के इतने करीब आया था।

अभय सिंह का भी सिल्वर

उसी दिन पुरुष वर्ग में अभय सिंह को भी सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। मेंस सिंगल्स फाइनल में मलेशिया के मौजूदा चैंपियन ईन यो एनजी ने अभय को 11-9, 11-5, 11-5 से हराकर स्वर्ण जीता। अभय, सौरव घोषाल के बाद इस इवेंट में एशियन गेम्स सिल्वर जीतने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने। अभय भी फाइनल हारने से LA 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई करने से चूक गए।

भारत के लिए ऐतिहासिक दिन

स्क्वैश में रविवार 27 सितंबर को भारत के लिए ऐतिहासिक दिन रहा — एक ही दिन में विमेंस और मेंस दोनों सिंगल्स इवेंट में सिल्वर मेडल। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय स्क्वैश वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रही है। 18 साल की उम्र में अनाहत का यह प्रदर्शन भविष्य के लिए अत्यंत उत्साहजनक संकेत है, और आलोचकों का कहना है कि LA 2028 के लिए वैकल्पिक क्वालीफिकेशन मार्ग अभी बाकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

कोचिंग और अंतरराष्ट्रीय एक्सपोज़र दे पाएगा, ताकि LA 2028 तक वैकल्पिक क्वालीफिकेशन मार्गों का पूरा फायदा उठाया जा सके। एक ही दिन में दोनों सिंगल्स में सिल्वर भारतीय स्क्वैश का सबसे ऊँचा एकल-दिवसीय प्रदर्शन है — मुख्यधारा मीडिया इस संरचनात्मक प्रगति को उचित श्रेय देने से चूक जाती है।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनाहत सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में क्या उपलब्धि हासिल की?
अनाहत सिंह एशियन गेम्स विमेंस सिंगल्स स्क्वैश के फाइनल में पहुँचने और सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं। 27 सितंबर 2026 को नागोया में वह फाइनल में मलेशिया की शिवसंगरी सुब्रमण्यम से 4-11, 4-11, 7-11 से हारीं।
अनाहत सिंह LA 2028 ओलंपिक के लिए सीधे क्वालीफाई क्यों नहीं कर पाईं?
एशियन गेम्स के विमेंस सिंगल्स स्क्वैश इवेंट का विजेता 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक के लिए सीधा कोटा पाता, जहाँ स्क्वैश पहली बार शामिल हो रहा है। फाइनल में हार के कारण अनाहत यह कोटा नहीं जीत सकीं।
अनाहत सिंह ने सेमीफाइनल में किसे हराया था?
अनाहत सिंह ने सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर 6 सतोमी वातानाबे (जापान) को दो गेम से पिछड़ने के बाद हराया। इसी जीत से वह एशियन गेम्स विमेंस सिंगल्स स्क्वैश फाइनल में पहुँचने वाली पहली भारतीय बनीं।
अभय सिंह का एशियन गेम्स 2026 में क्या प्रदर्शन रहा?
अभय सिंह ने मेंस सिंगल्स स्क्वैश में सिल्वर मेडल जीता। फाइनल में मलेशिया के ईन यो एनजी ने उन्हें 11-9, 11-5, 11-5 से हराया। अभय, सौरव घोषाल के बाद इस इवेंट में एशियन गेम्स सिल्वर जीतने वाले दूसरे भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने।
एशियन गेम्स 2026 में भारत ने स्क्वैश में कुल कितने पदक जीते?
27 सितंबर 2026 को एक ही दिन में भारत ने स्क्वैश में दो सिल्वर मेडल जीते — अनाहत सिंह (विमेंस सिंगल्स) और अभय सिंह (मेंस सिंगल्स)। दोनों इवेंट के फाइनल में मलेशियाई खिलाड़ियों ने जीत दर्ज की।
राष्ट्र प्रेस
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