27 सितंबर 2026
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अनाहत सिंह का एशियन गेम्स 2026 में ऐतिहासिक सिल्वर, बोलीं — 'आखिरी पॉइंट तक लड़ती रही'

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अनाहत सिंह का एशियन गेम्स 2026 में ऐतिहासिक सिल्वर, बोलीं — 'आखिरी पॉइंट तक लड़ती रही'

सारांश

18 वर्षीय अनाहत सिंह ने नागोया में इतिहास रचा — एशियन गेम्स में व्यक्तिगत स्क्वैश सिंगल्स पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर। सेमीफाइनल में दो मैच पॉइंट बचाने के बाद फाइनल में 3-0 की हार, लेकिन हौसला अडिग। लॉस एंजिल्स 2028 का सफर अभी बाकी है।

मुख्य बातें

अनाहत सिंह एशियन गेम्स में महिला सिंगल्स स्क्वैश में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
फाइनल में मलेशिया की विश्व नंबर 5 शिवसंगरी सुब्रमण्यम ने 3-0 से हराया; शिवसंगरी ने हांगझोउ 2022 के गोल्ड का बचाव किया।
सेमीफाइनल में अनाहत ने विश्व नंबर 6 सतोमी वातानाबे को दो गेम पिछड़ने और दो मैच पॉइंट बचाने के बाद हराया।
यह अनाहत का इंडिविजुअल स्पर्धा में पहला और ओवरऑल दूसरा एशियन गेम्स था।
गोल्ड से चूकने के कारण लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक का सीधा क्वालिफिकेशन नहीं मिला, जहाँ स्क्वैश पहली बार शामिल होगा।
राष्ट्रपति ने एक्स पर पोस्ट कर अनाहत को बधाई दी।

अनाहत सिंह ने 27 सितंबर 2026 को नागोया में आयोजित एशियन गेम्स 2026 की महिला सिंगल्स स्क्वैश स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया — वह इस प्रतिष्ठित महाद्वीपीय प्रतियोगिता में व्यक्तिगत स्क्वैश सिंगल्स में पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। 18 वर्षीय इस युवा खिलाड़ी को फाइनल में मलेशिया की विश्व नंबर 5 और डिफेंडिंग चैंपियन एस. शिवसंगरी सुब्रमण्यम ने 3-0 के स्कोर से हराया, लेकिन अनाहत का संघर्ष और हौसला अंत तक कायम रहा।

फाइनल में अनाहत का अदम्य संघर्ष

रविवार को खेले गए महिला सिंगल्स फाइनल में हार के बावजूद अनाहत ने जो जज़्बा दिखाया, वह उनकी मानसिक दृढ़ता का परिचायक है। उन्होंने कहा, 'मैं ईमानदारी से इसे आसानी से जाने नहीं देना चाहती थी। उनके पक्ष में स्कोर 3-0 था, लेकिन मैं बिना लड़े एक भी पॉइंट नहीं छोड़ना चाहती थी।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'निश्चित तौर पर आज मैंने अपना बेस्ट स्क्वैश नहीं खेला, लेकिन मैं आखिरी पॉइंट तक हार नहीं मानना चाहती थी, क्योंकि कभी पता नहीं चलता क्या हो जाए।'

शिवसंगरी ने अपने आक्रामक खेल और मजबूत डिफेंस के दम पर मुकाबले पर पूरी तरह नियंत्रण बनाए रखा और हांगझोउ 2022 में जीते गोल्ड मेडल का सफलतापूर्वक बचाव किया।

सेमीफाइनल में दो मैच पॉइंट बचाकर फाइनल में एंट्री

फाइनल से पहले अनाहत ने जो सेमीफाइनल खेला, वह उनके करियर की सबसे यादगार जीतों में से एक रहा। उन्होंने विश्व नंबर 6 और जापान की सतोमी वातानाबे को दो गेम से पिछड़ने और दो मैच पॉइंट बचाने के बाद हराकर फाइनल में जगह बनाई।

इस उपलब्धि पर अनाहत ने कहा, 'शिवा दुनिया में पाँचवें नंबर पर हैं, सतोमी छठे नंबर पर हैं, इसलिए टॉप खिलाड़ियों के खिलाफ खेलना ही बहुत खास है। मैं सिल्वर मेडल से काफी खुश हूँ।'

ओलंपिक क्वालिफिकेशन का अवसर चूका

इस सिल्वर मेडल के साथ अनाहत लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधा क्वालिफिकेशन हासिल करने से चूक गईं, जहाँ स्क्वैश पहली बार ओलंपिक में शामिल होगा। एशियन गेम्स में सिंगल्स गोल्ड मेडलिस्ट को सीधा ओलंपिक कोटा मिलना था।

इस पर अनाहत ने कहा, 'मैंने अपना 100 प्रतिशत दिया, लेकिन हमेशा कुछ चीज़ें काम करती हैं और कुछ नहीं। उम्मीद है अगले दो साल का सफर अच्छा रहेगा।' यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय स्क्वैश ओलंपिक मंच पर पहली बार अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की तैयारी में है।

युवा खिलाड़ियों को संदेश और परिवार को समर्पण

मौजूदा जूनियर वर्ल्ड चैंपियन अनाहत ने खेल में करियर बनाने की इच्छुक युवा लड़कियों को प्रेरणादायक संदेश दिया। उन्होंने कहा, 'अपना सब कुछ झोंक दो। अगर आप किसी चीज़ से प्यार करते हो और उसके प्रति जुनूनी हो, तो उसे आसानी से मत छोड़ो। बस मेहनत करते रहो और हर पल का आनंद लो।'

अनाहत ने इस ऐतिहासिक मुकाम के लिए अपने परिवार, कोच, सरकार और स्पॉन्सर्स को श्रेय दिया। उन्होंने कहा, 'सबसे पहले मेरे परिवार, मेरे माता-पिता और मेरी बहन — उन्होंने हर कदम पर मेरा साथ दिया है। और मेरे कोच, उनके बिना मैं यह सब नहीं कर पाती।'

राष्ट्रपति ने दी बधाई

देश की राष्ट्रपति ने भी एक्स पर पोस्ट कर अनाहत को बधाई दी। उन्होंने लिखा, 'एशियन गेम्स 2026 में महिला सिंगल्स स्क्वैश में सिल्वर मेडल जीतने पर अनाहत सिंह को मेरी हार्दिक बधाई। एशियन गेम्स में स्क्वैश सिंगल्स में मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनकर आपने इतिहास रच दिया है।'

गौरतलब है कि यह अनाहत का इंडिविजुअल स्पर्धा में पहला और ओवरऑल दूसरा एशियन गेम्स है। अब सभी की निगाहें लॉस एंजिल्स 2028 की ओर होंगी, जहाँ अनाहत ओलंपिक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने की उम्मीद लिए आगे बढ़ेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि भारतीय स्क्वैश के लिए एक संरचनात्मक बदलाव का संकेत है — एक ऐसे खेल के लिए जो दशकों तक वैश्विक मंच पर हाशिये पर रहा। 18 साल की उम्र में विश्व रैंकिंग के शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ फाइनल तक पहुँचना बताता है कि भारतीय जूनियर पाइपलाइन परिपक्व हो रही है। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या संस्थागत समर्थन — कोचिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर और टूर्नामेंट एक्सपोज़र — उसी रफ्तार से बढ़ेगा जो लॉस एंजिल्स 2028 के लिए ज़रूरी है। ओलंपिक कोटा हाथ से निकल गया, लेकिन अगले दो साल अनाहत के करियर का सबसे निर्णायक दौर होंगे।
RashtraPress
27 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनाहत सिंह ने एशियन गेम्स 2026 में क्या उपलब्धि हासिल की?
अनाहत सिंह एशियन गेम्स में महिला सिंगल्स स्क्वैश में सिल्वर मेडल जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई हैं। उन्होंने नागोया में 27 सितंबर 2026 को यह इतिहास रचा।
फाइनल में अनाहत सिंह को किसने हराया?
फाइनल में मलेशिया की विश्व नंबर 5 और डिफेंडिंग चैंपियन एस. शिवसंगरी सुब्रमण्यम ने अनाहत को 3-0 से हराया। शिवसंगरी ने हांगझोउ 2022 के अपने गोल्ड मेडल का सफलतापूर्वक बचाव किया।
क्या अनाहत सिंह लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए क्वालिफाई कर पाईं?
नहीं, अनाहत लॉस एंजिल्स 2028 ओलंपिक के लिए सीधा क्वालिफिकेशन हासिल करने से चूक गईं। एशियन गेम्स में सिंगल्स गोल्ड मेडलिस्ट को सीधा ओलंपिक कोटा मिलना था, जो कि शिवसंगरी को मिला।
अनाहत सिंह का सेमीफाइनल मुकाबला कैसा रहा?
सेमीफाइनल में अनाहत ने विश्व नंबर 6 जापान की सतोमी वातानाबे को दो गेम से पिछड़ने और दो मैच पॉइंट बचाने के बाद हराकर फाइनल में जगह बनाई। यह उनके टूर्नामेंट अभियान की सबसे रोमांचक जीत रही।
अनाहत सिंह कौन हैं और उनकी पृष्ठभूमि क्या है?
अनाहत सिंह 18 वर्षीय भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी हैं जो मौजूदा जूनियर वर्ल्ड चैंपियन भी हैं। एशियन गेम्स 2026 उनका इंडिविजुअल स्पर्धा में पहला और ओवरऑल दूसरा एशियन गेम्स था।
राष्ट्र प्रेस
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