26 जुलाई 2026
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अनाहत सिंह बनीं वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियन, शिखर धवन बोले — 'पीढ़ियों को प्रेरित करेगी यह उपलब्धि'

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अनाहत सिंह बनीं वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियन, शिखर धवन बोले — 'पीढ़ियों को प्रेरित करेगी यह उपलब्धि'

सारांश

अनाहत सिंह ने कनाडा के नियाग्रा-ऑन-द-लेक में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रचा — 2011 से चले आ रहे मिस्र के दबदबे का अंत किया और पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन समेत पूरे खेल जगत की तालियाँ बटोरीं।

मुख्य बातें

अनाहत सिंह वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं।
फाइनल में मिस्र की रुकैया सलेम को 11-3, 11-7, 11-9 से सीधे गेम में हराया।
2011 से चले आ रहे महिला वर्ग में मिस्र के 15 साल के एकाधिकार का अंत।
2010 में अमांडा सोभी के बाद यह खिताब जीतने वाली पहली गैर-मिस्र खिलाड़ी।
पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन ने एक्स पर बधाई दी, कहा — 'पीढ़ियों को प्रेरित करेगी यह उपलब्धि।' पुरुष वर्ग के फाइनल में मोहम्मद जकारिया बनाम एडम हवाल — दोनों मिस्र के।

अनाहत सिंह ने 26 जुलाई 2026 को कनाडा के ओंटारियो स्थित नियाग्रा-ऑन-द-लेक में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया — वह यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। फाइनल में उन्होंने मिस्र की रुकैया सलेम को सीधे तीन गेम में हराकर महिला वर्ग में मिस्र के 15 साल के एकाधिकार का अंत किया।

फाइनल का घटनाक्रम

टूर्नामेंट में शीर्ष वरीयता प्राप्त अनाहत ने फाइनल में 11-3, 11-7 और 11-9 के स्कोर से जीत दर्ज की। यह प्रदर्शन इतना दबदबे वाला था कि रुकैया सलेम को कोई भी गेम जीतने का मौका नहीं मिला। इस जीत के साथ अनाहत 2010 में अमेरिकी खिलाड़ी अमांडा सोभी के बाद महिला वर्ल्ड जूनियर खिताब जीतने वाली पहली गैर-मिस्र खिलाड़ी भी बन गईं।

सेमीफाइनल से फाइनल तक का सफर

अनाहत ने शुक्रवार को सेमीफाइनल में मिस्र की बारब सामेह को चार गेम में हराकर फाइनल में प्रवेश किया था। इसी के साथ वह 21 वर्षों में खिताबी मुकाबले तक पहुँचने वाली भारत की पहली खिलाड़ी बन गई थीं। गौरतलब है कि 2011 से लगातार चले आ रहे मिस्र के वर्चस्व को तोड़ना अपने आप में एक असाधारण उपलब्धि है।

शिखर धवन की प्रतिक्रिया

भारत के पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर अनाहत को बधाई देते हुए लिखा, 'इतिहास रचा गया। वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय बनने पर अनाहत सिंह को बधाई। एक शानदार उपलब्धि जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी। ऐसे ही चमकती रहो।' धवन की यह प्रतिक्रिया खेल जगत की उस व्यापक भावना को दर्शाती है जो अनाहत की इस ऐतिहासिक जीत पर देशभर में देखी जा रही है।

पुरुष वर्ग में मिस्र का दबदबा बरकरार

पुरुषों के इवेंट में मिस्र का वर्चस्व कायम रहा। टॉप सीड मोहम्मद जकारिया ने अपने ही देश के सेल्फेल्डियन रेफे को सीधे गेम में हराकर लगातार चौथी बार वर्ल्ड जूनियर फाइनल में जगह बनाई। उनका फाइनल में मुकाबला दूसरी सीड एडम हवाल से होगा, जो सेमीफाइनल में मारवान असाल के चोट के कारण रिटायर होने के बाद फाइनल में पहुँचे।

भारतीय स्क्वैश के लिए क्या मायने रखती है यह जीत

अनाहत की यह सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय स्क्वैश के लिए एक नई सुबह का संकेत है। यह ऐसे समय में आई है जब भारत टेनिस, बैडमिंटन और शतरंज के बाद रैकेट खेलों में वैश्विक मंच पर अपनी पहचान मज़बूत कर रहा है। आने वाले समय में अनाहत से और भी बड़े खिताबों की उम्मीद स्वाभाविक रूप से बढ़ गई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इस खेल में व्यवस्थित निवेश की ज़रूरत को रेखांकित करता है। असली परीक्षा अब यह होगी कि खेल प्राधिकरण इस सफलता को स्क्वैश इन्फ्रास्ट्रक्चर में ठोस निवेश में बदलते हैं या नहीं।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनाहत सिंह ने वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप कब और कहाँ जीती?
अनाहत सिंह ने 26 जुलाई 2026 को कनाडा के ओंटारियो स्थित नियाग्रा-ऑन-द-लेक में यह खिताब जीता। फाइनल में उन्होंने मिस्र की रुकैया सलेम को 11-3, 11-7 और 11-9 से हराया।
अनाहत सिंह की यह जीत ऐतिहासिक क्यों है?
अनाहत वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी हैं। इसके साथ ही उन्होंने 2011 से चले आ रहे महिला वर्ग में मिस्र के 15 साल के एकाधिकार को तोड़ा और 2010 में अमेरिकी अमांडा सोभी के बाद यह खिताब जीतने वाली पहली गैर-मिस्र खिलाड़ी बनीं।
शिखर धवन ने अनाहत के बारे में क्या कहा?
पूर्व क्रिकेटर शिखर धवन ने एक्स पर लिखा कि 'इतिहास रचा गया' और अनाहत की इस उपलब्धि को 'आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने वाला' बताया। उन्होंने अनाहत को 'ऐसे ही चमकती रहो' कहकर शुभकामनाएँ दीं।
अनाहत सिंह फाइनल में कैसे पहुँचीं?
अनाहत ने सेमीफाइनल में मिस्र की बारब सामेह को चार गेम में हराकर फाइनल का टिकट कटाया। वह 21 वर्षों में वर्ल्ड जूनियर खिताबी मुकाबले तक पहुँचने वाली भारत की पहली खिलाड़ी थीं।
पुरुष वर्ग के फाइनल में कौन से खिलाड़ी हैं?
पुरुष वर्ग के फाइनल में मिस्र के टॉप सीड मोहम्मद जकारिया और दूसरी सीड एडम हवाल के बीच मुकाबला होगा। मारवान असाल के सेमीफाइनल में चोट के कारण रिटायर होने के बाद हवाल फाइनल में पहुँचे।
राष्ट्र प्रेस
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