26 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अनाहत सिंह ने जीती वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026, पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अनाहत सिंह ने जीती वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026, पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं

सारांश

अनाहत सिंह ने कनाडा में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 जीतकर वह कर दिखाया जो दो दशकों में कोई भारतीय नहीं कर सका। 18 साल की उम्र में यह खिताब जोशना चिनप्पा के 2005 के रनर-अप रिकॉर्ड को पीछे छोड़ता है। मेंटर सौरव घोषाल ने कहा — यह सफर अभी और लंबा है।

मुख्य बातें

अनाहत सिंह ने कनाडा के ओंटारियो में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 जीती — यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं।
फाइनल में मिस्र की रुकाया सलेम (दूसरी वरीयता) को सीधे गेम में 11-3, 11-7, 11-9 से हराया।
यह जीत जोशना चिनप्पा के 2005 के रनर-अप प्रदर्शन को पीछे छोड़ती है, जो 21 वर्षों तक जूनियर विश्व स्तर पर भारत का सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड था।
मेंटर सौरव घोषाल ने एक्स पर बधाई दी; वे 2024 से अनाहत को कोचिंग दे रहे हैं।
घोषाल ने कहा कि यह खिताब एक बड़े लक्ष्य की यात्रा का 'एक पड़ाव' है।

अनाहत सिंह ने कनाडा के ओंटारियो में आयोजित वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। 18 वर्षीय अनाहत यह प्रतिष्ठित खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं। फाइनल में उन्होंने मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी रुकाया सलेम को सीधे गेम में 11-3, 11-7, 11-9 से पराजित किया।

ऐतिहासिक जीत का क्षण

अनाहत ने फाइनल की शुरुआत आत्मविश्वास से भरे अंदाज में की और पहला गेम 11-3 से अपने नाम किया। दूसरे गेम में भी उनका दबदबा कायम रहा और उन्होंने 11-7 से जीत दर्ज की। तीसरे गेम में सलेम ने 8-6 की बढ़त बनाकर मुकाबले में वापसी का प्रयास किया, लेकिन भारत की नंबर 1 खिलाड़ी ने जबरदस्त मानसिक दृढ़ता दिखाते हुए 11-9 से तीसरा गेम भी जीतकर खिताब पर कब्जा जमाया।

जोशना चिनप्पा के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा

यह जीत इसलिए और भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसने जोशना चिनप्पा के 2005 में रनर-अप रहने के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया, जो दो दशकों से अधिक समय तक जूनियर विश्व स्तर पर भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। अनाहत इससे पहले इसी टूर्नामेंट में क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल तक पहुँच चुकी थीं, लेकिन इस बार उन्होंने लगातार जीत दर्ज करते हुए फाइनल में प्रवेश किया और खिताब भी अपने नाम किया।

सौरव घोषाल की बधाई और मेंटरशिप

भारतीय स्क्वैश के दिग्गज खिलाड़ी सौरव घोषाल ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अनाहत को बधाई देते हुए लिखा, 'दुनिया देखेगी कि तुमने उस दिन कैसा खेल दिखाया। तुम्हें पता है कि मैं अक्सर ऐसा नहीं कहता, लेकिन यह बहुत अच्छा था। जब सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब तुमने सब कुछ सही किया। हालांकि, असली लड़ाई तो कोर्ट पर उतरने से पहले ही जीती जा चुकी थी। तुम्हारी मेहनत ने ही फर्क पैदा किया।' घोषाल 2024 से अनाहत को मेंटर कर रहे हैं।

घोषाल ने आगे लिखा, 'तुम्हारे दिमाग को सक्रिय करने के लिए की गई सारी मशक्कत और मजाक-मस्ती आखिरकार काम आई। भगवान का शुक्र है कि तुम्हारा शरीर लंबे समय तक स्वस्थ रहा। तुमने खुद को गौरवान्वित किया है और भारतीय स्क्वैश के लिए कुछ खास किया है। सबसे अच्छी बात यह है कि आगे और भी बहुत कुछ हासिल होने की उम्मीद है। इसे किसी बहुत बड़े लक्ष्य की यात्रा का एक और पड़ाव बनने दो।'

भारतीय स्क्वैश के लिए नई उम्मीद

यह जीत ऐसे समय में आई है जब भारतीय स्क्वैश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान मजबूत करने की कोशिश में है। अनाहत की यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकती है। घोषाल ने संकेत दिया कि यह खिताब अनाहत के करियर का अंतिम लक्ष्य नहीं, बल्कि एक बड़े सफर की शुरुआत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन पार नहीं कर पाई थीं। यह ऐसे समय में आई है जब भारतीय रैकेट खेलों में बैडमिंटन और टेनिस की चमक में स्क्वैश अक्सर पीछे रह जाता है। सौरव घोषाल जैसे अनुभवी मेंटर की भूमिका यहाँ रेखांकित करने योग्य है — संरचित मेंटरशिप का यह मॉडल भारतीय खेल संस्थाओं के लिए अनुकरणीय हो सकता है। असली सवाल यह है कि क्या भारतीय स्क्वैश संघ इस उपलब्धि को सिर्फ उत्सव तक सीमित रखेगा, या इसे जूनियर स्तर पर ढाँचागत निवेश में बदलेगा।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनाहत सिंह ने वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 कैसे जीती?
अनाहत सिंह ने कनाडा के ओंटारियो में आयोजित वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 के फाइनल में मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त रुकाया सलेम को 11-3, 11-7, 11-9 से सीधे गेम में हराकर खिताब जीता। तीसरे गेम में 6-8 से पिछड़ने के बावजूद उन्होंने शानदार वापसी की।
अनाहत सिंह यह खिताब जीतने वाली पहली भारतीय क्यों हैं?
इससे पहले कोई भी भारतीय खिलाड़ी वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप नहीं जीत सका था। जोशना चिनप्पा 2005 में रनर-अप रही थीं, जो अब तक भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। अनाहत ने उस रिकॉर्ड को 21 साल बाद तोड़ा।
सौरव घोषाल का अनाहत सिंह की सफलता में क्या योगदान रहा?
सौरव घोषाल 2024 से अनाहत को मेंटर कर रहे हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा कि अनाहत की मेहनत और मानसिक तैयारी ने ही यह फर्क पैदा किया। घोषाल ने कहा कि असली लड़ाई कोर्ट पर उतरने से पहले ही जीती जा चुकी थी।
अनाहत सिंह का इस टूर्नामेंट में पिछला प्रदर्शन कैसा रहा था?
अनाहत इससे पहले वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल तक पहुँच चुकी थीं। इस बार उन्होंने लगातार जीत दर्ज करते हुए फाइनल में प्रवेश किया और खिताब जीतकर इतिहास रचा।
वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 कहाँ आयोजित हुई?
यह प्रतियोगिता कनाडा के ओंटारियो में आयोजित की गई। अनाहत सिंह ने 26 जुलाई 2026 को फाइनल जीतकर भारत के लिए ऐतिहासिक खिताब हासिल किया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 घंटे पहले
  2. 13 घंटे पहले
  3. कल
  4. 2 दिन पहले
  5. 3 दिन पहले
  6. 4 दिन पहले
  7. 1 सप्ताह पहले
  8. 6 महीने पहले