अनाहत सिंह को वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनने पर खेल मंत्री मंडाविया ने किया सम्मानित
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने मंगलवार, 4 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप 2026 में पदक जीतने वाले युवा खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर स्वर्ण पदक विजेता अनाहत सिंह और कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय पुरुष जूनियर टीम को विशेष रूप से सराहा गया।
ऐतिहासिक स्वर्ण — अनाहत की अभूतपूर्व उपलब्धि
18 वर्षीया अनाहत सिंह पिछले सप्ताह कनाडा में आयोजित वर्ल्ड जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का महिला एकल खिताब जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं। यह इस प्रतियोगिता में उनकी पाँचवीं भागीदारी थी और विश्व चैंपियनशिप में उनका दूसरा पदक। इससे पहले उन्होंने काहिरा में कांस्य पदक अपने नाम किया था।
पुरुष जूनियर टीम का शानदार प्रदर्शन
भारतीय पुरुष जूनियर टीम ने भी इस चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। टीम में आर्यवीर दीवान, युशा नफीस और गुरवीर सिंह शामिल थे। तीनों खिलाड़ियों को भी समारोह में खेल मंत्री ने सम्मानित किया।
खेल मंत्री की प्रेरणादायक बातचीत
डॉ. मंडाविया ने युवा खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि अनाहत की यह ऐतिहासिक जीत लाखों युवा भारतीयों को स्क्वैश अपनाने के लिए प्रेरित करेगी। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को इस सफलता को एक लंबी यात्रा की शुरुआत मानने के लिए प्रोत्साहित किया, क्योंकि एशियाई खेल 2026 और ओलंपिक खेल 2028 जैसे बड़े लक्ष्य अभी सामने हैं।
अनाहत ने खेल मंत्री को भेंट किया ऑटोग्राफ वाला रैकेट
इस भावपूर्ण समारोह में अनाहत सिंह ने डॉ. मंडाविया को अपने ऑटोग्राफ वाला स्क्वैश रैकेट और स्क्वैश बॉल भेंट की। खिलाड़ियों ने खेल मंत्री के साथ सेल्फी भी ली और अनौपचारिक बातचीत में अपने अनुभव साझा किए। खेल मंत्री ने इस मुलाकात का एक वीडियो अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर भी साझा किया।
आगे का सफर
यह सम्मान समारोह भारतीय स्क्वैश के लिए एक नए युग की शुरुआत का संकेत है। गौरतलब है कि स्क्वैश में भारत का जूनियर स्तर पर यह प्रदर्शन आने वाले वर्षों में सीनियर सर्किट पर भी बड़े परिणाम दे सकता है। अनाहत और उनके साथी खिलाड़ियों की नज़रें अब 2026 के एशियाई खेलों और लॉस एंजेलिस ओलंपिक 2028 पर टिकी हैं।