18 सितंबर 2026
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बूंदी जिला अस्पताल में सिजेरियन के बाद दो महिलाओं की मौत, ऑपरेशन थिएटर बंद

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बूंदी जिला अस्पताल में सिजेरियन के बाद दो महिलाओं की मौत, ऑपरेशन थिएटर बंद

सारांश

बूंदी जिला अस्पताल में दो दिनों में चार सिजेरियन के बाद दो महिलाओं की मौत और दो की हालत बिगड़ी। ऑपरेशन थिएटर बंद, स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन की अलग-अलग जाँच टीमें सक्रिय। मौत का आधिकारिक कारण अभी तक अनिश्चित।

मुख्य बातें

बूंदी जिला अस्पताल की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य इकाई में बुधवार और गुरुवार को चार महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी हुई।
चारों को प्रसव के बाद जटिलताएँ हुईं और उन्हें दूसरे अस्पतालों में रेफर किया गया।
32 वर्षीया कविता और 33 वर्षीया वर्षा की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।
मृत्यु का आधिकारिक कारण अभी तक अपुष्ट ; मूत्र प्रतिधारण और गुर्दे की विफलता की प्रारंभिक संभावना जताई गई है।
जाँच लंबित रहने तक अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर बंद ; नमूने एकत्र करने के लिए दल भेजा गया।
स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने अलग-अलग उच्च स्तरीय जाँच दल गठित किए।

राजस्थान के बूंदी स्थित जिला अस्पताल की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य इकाई में 18 सितंबर 2026 को यह खबर सामने आई कि लगातार दो दिनों में सिजेरियन प्रसव के बाद दो महिलाओं की मौत हो गई है, जबकि चार में से दो अन्य की हालत बिगड़ने पर उन्हें अन्य अस्पतालों में रेफर किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर जाँच पूरी होने तक बंद कर दिया गया है।

घटनाक्रम का ब्यौरा

बुधवार को जिला अस्पताल की मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य इकाई में दो महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी की गई। प्रक्रिया के बाद दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ गई और उन्हें आगे के उपचार के लिए अन्य अस्पतालों में स्थानांतरित करना पड़ा। इनमें से 32 वर्षीया कविता की एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई।

गुरुवार को दो और महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी उसी अस्पताल में हुई। बताया जाता है कि इन दोनों की स्थिति भी सर्जरी के बाद बिगड़ी और उन्हें रेफर किया गया। इनमें से 33 वर्षीया वर्षा की भी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। यानी दो दिनों में चार में से दो महिलाओं की जान चली गई।

मृत्यु का कारण अभी अनिश्चित

दोनों महिलाओं की मृत्यु का आधिकारिक कारण अभी तक स्थापित नहीं किया गया है। प्रारंभिक जानकारी के आधार पर मूत्र प्रतिधारण (यूरीन रिटेंशन) और गुर्दे की विफलता (किडनी फेलियर) जैसी जटिलताओं की संभावना जताई जा रही है, हालांकि अधिकारियों ने अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की है। जाँचकर्ता यह देख रहे हैं कि क्या ये स्थितियाँ सर्जरी की प्रक्रिया, दी गई दवाओं या उपचार से जुड़े किसी अन्य कारक से संबंधित हैं।

प्रशासन की प्रतिक्रिया और जाँच

घटना के तुरंत बाद जिला अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर जाँच लंबित रहने तक बंद कर दिया गया है। साक्ष्य संग्रह के लिए एक विशेष दल को नमूने एकत्र करने भेजा गया है। इसके अतिरिक्त, स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने अलग-अलग उच्च स्तरीय जाँच दल गठित किए हैं जो मौतों की परिस्थितियों की स्वतंत्र जाँच करेंगे।

आम जनता पर असर और व्यापक संदर्भ

यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब राजस्थान सहित देश के कई राज्यों में सरकारी अस्पतालों में मातृ मृत्यु दर और प्रसव-पश्चात देखभाल की गुणवत्ता पर सवाल उठते रहे हैं। गौरतलब है कि सरकारी अस्पतालों में सिजेरियन के बाद जटिलताएँ, विशेष रूप से जिला स्तरीय इकाइयों में, एक बार-बार सामने आने वाली चिंता रही है। बूंदी जैसे जिला मुख्यालयों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और आईसीयू सुविधाओं की उपलब्धता की कमी प्रायः ऐसी स्थितियों में देरी का कारण बनती है।

आगे क्या होगा

जाँच दलों की रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगा कि इन मौतों के लिए किसकी लापरवाही जिम्मेदार है — सर्जिकल प्रक्रिया, पोस्ट-ऑपरेटिव देखभाल या अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों की कमी। फिलहाल ऑपरेशन थिएटर बंद रहने से जिले की अन्य गर्भवती महिलाओं की प्रसव सुविधाएँ प्रभावित होने की आशंका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह है कि जटिलताएँ उभरने के बाद इन महिलाओं को तत्काल उच्च-स्तरीय देखभाल क्यों नहीं मिली और उन्हें रेफर करना पड़ा। ऑपरेशन थिएटर बंद करना एक प्रतिक्रियात्मक कदम है — निवारक नहीं। जब तक जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ एनेस्थेसियोलॉजिस्ट, प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और क्रिटिकल केयर बेड की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जाती, ऐसी जाँचें महज कागज़ी कार्रवाई बनकर रह जाएंगी।
RashtraPress
18 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बूंदी अस्पताल में किन महिलाओं की मौत हुई और कब?
बुधवार और गुरुवार को सिजेरियन डिलीवरी के बाद जटिलताएँ उभरने पर रेफर की गई महिलाओं में से 32 वर्षीया कविता और 33 वर्षीया वर्षा की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। दोनों की मौत का आधिकारिक कारण अभी तक पुष्ट नहीं किया गया है।
बूंदी जिला अस्पताल का ऑपरेशन थिएटर क्यों बंद किया गया?
लगातार दो दिनों में सिजेरियन के बाद चार में से दो महिलाओं की मौत के बाद प्रशासन ने जाँच लंबित रहने तक ऑपरेशन थिएटर बंद कर दिया है। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि जाँच के दौरान साक्ष्य सुरक्षित रहें और आगे कोई जोखिम न हो।
मौतों का कारण क्या बताया जा रहा है?
प्रारंभिक जानकारी के आधार पर मूत्र प्रतिधारण और गुर्दे की विफलता जैसी जटिलताओं की संभावना जताई गई है। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक मृत्यु के आधिकारिक कारण की पुष्टि नहीं की है।
इस मामले में जाँच कौन कर रहा है?
स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने अलग-अलग उच्च स्तरीय जाँच दल गठित किए हैं। नमूने एकत्र करने के लिए एक टीम पहले ही भेजी जा चुकी है और जाँचकर्ता सर्जरी, दवाओं तथा उपचार से जुड़े सभी पहलुओं की जाँच कर रहे हैं।
इस घटना का बूंदी की अन्य गर्भवती महिलाओं पर क्या असर होगा?
ऑपरेशन थिएटर बंद होने से जिले की अन्य गर्भवती महिलाओं को प्रसव सुविधाओं के लिए वैकल्पिक अस्पतालों का रुख करना पड़ सकता है। जाँच पूरी होने और ओटी के पुनः खुलने की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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