कोटा में सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक और मौत, जेके लोन अस्पताल में दो महिलाओं की किडनी फेल

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कोटा में सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक और मौत, जेके लोन अस्पताल में दो महिलाओं की किडनी फेल

सारांश

कोटा के जेके लोन अस्पताल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद बूंदी की प्रिया की मौत हो गई, जबकि दो अन्य प्रसूताओं की किडनी फेल हो गई। इससे पहले कोटा मेडिकल कॉलेज में दो मौतें और छह किडनी फेल के मामले सामने आ चुके हैं। राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में प्रसूता सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

मुख्य बातें

बूंदी जिले की प्रिया की जेके लोन अस्पताल, कोटा में सीजेरियन डिलीवरी के बाद शनिवार रात 12:30 बजे मौत हो गई।
निर्मला शर्मा के अनुसार मृतका को पहले से हृदय संबंधी बीमारी थी।
प्रसूताएँ आरती और पिंकी की किडनी फेल हो गई; दोनों को सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (SSB) में भर्ती कराया गया, जयपुर से विशेषज्ञ टीम उपचार कर रही है।
इससे पहले कोटा मेडिकल कॉलेज में दो महिलाओं की मौत और छह महिलाओं की किडनी फेल के मामले सामने आ चुके हैं।
किडनी फेल होने के कारण अभी तक अस्पष्ट हैं; चिकित्सा विभाग जाँच में जुटा है।

राजस्थान के कोटा में प्रसूता महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल एक बार फिर उठ खड़े हुए हैं। जेके लोन हॉस्पिटल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक महिला की मौत हो गई, जबकि दो अन्य प्रसूताओं की किडनी फेल होने की स्थिति सामने आई है। यह घटना 10 मई को उजागर हुई और चिकित्सा महकमे में हड़कंप मच गया है।

मृतका का विवरण और घटनाक्रम

बूंदी जिले के सुवांसा गाँव निवासी प्रिया, पत्नी रोहित महावर, की शनिवार को जेके लोन अस्पताल में सीजेरियन डिलीवरी कराई गई थी। डिलीवरी के कुछ ही घंटों बाद उनकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और शनिवार देर रात करीब 12:30 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि प्रिया की शादी करीब दो साल पहले ही हुई थी, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

अस्पताल प्रशासन की प्रतिक्रिया

जेके लोन अस्पताल की अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा ने बताया कि मृतका पहले से हृदय संबंधी बीमारी से पीड़ित थी और उन्हें सीने में दर्द की शिकायत थी। चिकित्सकों द्वारा बेहतर उपचार दिए जाने के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। डॉ. शर्मा ने स्वीकार किया कि प्रसूताओं की किडनी फेल होने के कारणों को लेकर पूरा चिकित्सा विभाग चिंतित है और फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि ऐसी स्थिति किन कारणों से उत्पन्न हो रही है।

दो अन्य प्रसूताओं की किडनी फेल

आरती और पिंकी नामक दो प्रसूताओं की किडनी फेल होने की स्थिति सामने आई है — दोनों का यूरिन आना बंद हो गया था। आरती को शनिवार सुबह मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक (SSB) में भर्ती कराया गया, लेकिन दोपहर बाद हालत बिगड़ने पर उन्हें आईसीयू में शिफ्ट करना पड़ा। रात में पिंकी को भी SSB रेफर किया गया, जहाँ जयपुर से आई विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उनका उपचार कर रही है। अधीक्षक के अनुसार, फिलहाल दोनों की हालत में सुधार बताया जा रहा है।

पहले भी उठ चुके हैं सवाल

गौरतलब है कि इससे पहले कोटा मेडिकल कॉलेज में भी दो महिलाओं की मौत और छह महिलाओं की किडनी फेल होने के मामले सामने आ चुके हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राजस्थान के सरकारी अस्पतालों में प्रसूता देखभाल की गुणवत्ता पर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं। इनमें से दो गंभीर मरीजों का इलाज निजी अस्पताल में जारी है।

आगे क्या होगा

चिकित्सा विशेषज्ञों की टीम किडनी फेल होने के कारणों की जाँच में जुटी है। यदि यह किसी संक्रमण या दवा की प्रतिक्रिया से जुड़ा पाया गया, तो अस्पताल प्रशासन को व्यापक समीक्षा करनी पड़ सकती है। प्रसूता महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार पर दबाव बढ़ता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि सवाल यह है कि इन जटिलताओं की पहचान और रोकथाम प्रसव से पहले क्यों नहीं हो पाई। किडनी फेल होने के कारण अभी तक 'स्पष्ट नहीं' होना दर्शाता है कि न तो संक्रमण नियंत्रण प्रोटोकॉल की समीक्षा हुई, न ही दवाओं की जाँच। राजस्थान सरकार को तत्काल एक स्वतंत्र जाँच समिति गठित करनी चाहिए, अन्यथा यह मामला केवल शोक-संदेशों तक सिमट कर रह जाएगा।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोटा जेके लोन अस्पताल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद किसकी मौत हुई?
बूंदी जिले के सुवांसा गाँव की प्रिया, पत्नी रोहित महावर, की मौत हुई। उनकी शनिवार को सीजेरियन डिलीवरी हुई थी और उसी रात करीब 12:30 बजे उनका निधन हो गया। अस्पताल के अनुसार उन्हें पहले से हृदय संबंधी बीमारी थी।
कोटा अस्पताल में प्रसूताओं की किडनी फेल क्यों हो रही है?
अस्पताल प्रशासन के अनुसार किडनी फेल होने के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। दोनों प्रभावित महिलाओं — आरती और पिंकी — का यूरिन आना बंद हो गया था और जयपुर से आई विशेषज्ञ टीम उनका उपचार कर रही है।
कोटा मेडिकल कॉलेज में पहले कितने ऐसे मामले सामने आए थे?
कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में इससे पहले दो महिलाओं की मौत और छह महिलाओं की किडनी फेल होने के मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से दो गंभीर मरीजों का इलाज निजी अस्पताल में जारी है।
आरती और पिंकी की अभी क्या स्थिति है?
अस्पताल अधीक्षक डॉ. निर्मला शर्मा के अनुसार फिलहाल दोनों की हालत में सुधार बताया जा रहा है। दोनों को सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में भर्ती कराया गया है, जहाँ जयपुर से आई विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उनकी देखभाल कर रही है।
राजस्थान सरकार ने इस मामले पर क्या कदम उठाए हैं?
अभी तक सरकार की ओर से किसी स्वतंत्र जाँच की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। जयपुर से विशेषज्ञ टीम भेजी गई है और चिकित्सा विभाग कारणों की जाँच में जुटा है, लेकिन व्यापक समीक्षा की माँग बढ़ रही है।
राष्ट्र प्रेस