फरीदाबाद के अस्पताल में लापरवाही: गर्भवती महिला की डिलीवरी के बाद हुई मौत

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फरीदाबाद के अस्पताल में लापरवाही: गर्भवती महिला की डिलीवरी के बाद हुई मौत

सारांश

फरीदाबाद के बल्लभगढ़ स्थित मिनी खेतरपाल अस्पताल में एक गर्भवती महिला की डिलीवरी के बाद मौत हो गई, जिससे परिवार में भारी आक्रोश है। परिजनों ने अस्पताल पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। इस मामले में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

Key Takeaways

  • गर्भवती महिला की डिलीवरी के बाद अस्पताल में मृत्यु हुई।
  • लापरवाही के आरोप परिवार द्वारा लगाए गए।
  • पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
  • महिला की उम्र 31 वर्ष थी।
  • अस्पताल में पहले भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं।

फरीदाबाद, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। हरियाणा के फरीदाबाद से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है। बल्लभगढ़ के मिनी खेतरपाल अस्पताल में डिलीवरी के बाद एक गर्भवती महिला की मौत हो गई। मृतका नेहा की उम्र लगभग 31 वर्ष थी।

महिला के परिवार ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सही इलाज न मिलने के कारण महिला की जान चली गई। मृतका के पति दीपक कुमार ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी को अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती करवाया था, जहां उसने एक बेटी को जन्म दिया।

दीपक ने कहा कि अस्पताल के डॉक्टर ने गलत इंजेक्शन दिया, जिसके कारण नेहा के मुंह से झाग निकलने लगे और उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश फैल गया।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल बोर्ड को सौंपा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा कि जांच के बाद जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।

दीपक ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी को मंगलवार को बल्लभगढ़ में आकाश सिनेमा के सामने स्थित मिनी खेतरपाल अस्पताल में डिलीवरी के लिए लगभग 3 बजे भर्ती किया था और 6 बजे तक पत्नी ने एक बच्ची को जन्म दिया। उन्होंने कहा, "अस्पताल वालों ने नॉर्मल डिलीवरी कहकर सीजेरियन किया, जबकि डिलीवरी सही से हुई और बच्चा सही है।"

दीपक ने कहा कि डिलीवरी के बाद उनकी पत्नी की हालत ठीक थी, लेकिन जैसे ही दवा का असर खत्म हुआ, उन्हें दर्द होने लगा। पेनकिलर लगाने के बावजूद उनकी पत्नी को दर्द और गैस की दिक्कत हो रही थी। डॉक्टर ने उन्हें दो इंजेक्शन लगाए, लेकिन किसी सुधार के बिना उन्होंने एक और सुई ग्लूकोज की बोतल में डालकर चढ़ाना शुरू कर दिया। जैसे-जैसे ग्लूकोज चढ़ रहा था, उनकी तबीयत और बिगड़ने लगी। इसके बाद डॉक्टर ने बिना दवा वाली ग्लूकोज की बोतल चढ़ाने का प्रयास किया, लेकिन उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।

दीपक ने बताया कि उस समय अस्पताल में कोई डॉक्टर और स्टाफ मौजूद नहीं था। महिला की मौत के एक से डेढ़ घंटे बाद डॉक्टर अस्पताल आए। उनकी शादी को केवल 3 साल हुए हैं और यह उनका पहला बच्चा है। परिजनों का कहना है कि अस्पताल में एक महीने पहले भी इसी तरह की घटना हुई थी, जिसमें एक महिला की मौत हो चुकी थी।

Point of View

बल्कि हमारे स्वास्थ्य सेवा प्रणाली की गंभीरता को भी उजागर करती है। अस्पतालों में मरीजों के प्रति लापरवाही और सुस्ती, विशेष रूप से संवेदनशील स्थितियों में, अस्वीकार्य है। यह मामला हमें यह सोचने पर मजबूर करता है कि क्या हमारी स्वास्थ्य सेवाएं वास्तव में सुरक्षित हैं?
NationPress
19/03/2026

Frequently Asked Questions

यह घटना कहाँ हुई?
यह घटना हरियाणा के फरीदाबाद में बल्लभगढ़ स्थित मिनी खेतरपाल अस्पताल में हुई।
महिला की उम्र क्या थी?
महिला की उम्र लगभग 31 वर्ष थी।
परिजनों ने अस्पताल पर क्या आरोप लगाया?
परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।
पुलिस ने इस मामले में क्या किया?
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल बोर्ड को सौंपा है।
क्या अस्पताल में पहले भी ऐसी घटनाएं हुई हैं?
जी हां, परिजनों का कहना है कि अस्पताल में एक महीने पहले भी इसी तरह की घटना हुई थी।
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